
Assam असम: धेमाजी जिले में चार साल पहले हुई एक दिल दहला देने वाली हत्या मामले में न्यायालय ने आरोपी रिंटू सरमा को दोषी करार देते हुए सजा-ए-मौत सुनाई है। इस घटना का कारण सिर्फ इतना था कि पीड़िता ने आरोपी की ओर से दिए गए शादी के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश अजय फगलू ने बुधवार को आरोपी को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 (हत्या के लिए दंड), धारा 307 (हत्या का प्रयास) और धारा 324 (खतरनाक हथियारों से चोट पहुंचाना) के तहत दोषी ठहराया। घटना 21 अगस्त, 2021 की है। पीड़िता नंदिता सैकिया अपने दोस्त और उसके पिता के साथ मोरिधोल कॉलेज से घर लौट रही थी, तभी आरोपी रिंटू सरमा ने तीनों पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। नंदिता पर चाकू से कई वार किए गए।
गंभीर चोटों के कारण उसे डिब्रूगढ़ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पांच दिन बाद उसकी मृत्यु हो गई। हमले में पीड़िता के साथी और उसके पिता भी गंभीर रूप से घायल हुए थे, लेकिन उन्होंने जीवित रहकर पुलिस को आरोपी की पहचान करने में मदद की। इस मामले में पुलिस ने घटना के तुरंत बाद आरोपी को गिरफ्तार किया और लंबी जांच के बाद अदालत में मामले को प्रस्तुत किया। अदालत ने दोषी करार देते हुए स्पष्ट किया कि ऐसे घिनौने अपराध के लिए कठोर सजा देना न्याय के लिए अनिवार्य है। यह सजा पीड़िता के परिवार को न्याय दिलाने और समाज में कानून का डर बनाए रखने के उद्देश्य से सुनाई गई।





