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अरुणाचल प्रदेश
अरुणाचल प्रदेश में SIR पर सियासत तेज भाजपा ने किया खुलकर समर्थन
Ratna Netam
20 Oct 2026 7:33 PM IST

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ईटानगर। देशभर में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच अरुणाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी ने इस प्रक्रिया का समर्थन किया है। भाजपा के प्रदेश महासचिव तादार निगलार ने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए मतदाता सूचियों का सटीक तथा अद्यतन होना बेहद जरूरी है। उन्होंने विपक्षी दलों द्वारा SIR के खिलाफ किए जा रहे विरोध-प्रदर्शनों पर सवाल उठाते हुए कहा कि मतदाता सूची से फर्जी, दोहरे और अपात्र नामों को हटाने की प्रक्रिया को राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।
सेप्पा में भाजपा की बैठक में उठा SIR का मुद्दा
सोमवार, 19 अक्टूबर को अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी कामेंग जिले के सेप्पा में भाजपा की विस्तारित जिला कार्यकारी बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पार्टी के प्रदेश महासचिव तादार निगलार ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।उन्होंने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण का समर्थन करते हुए कहा कि चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में होना चाहिए।निगलार ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए मतदाता सूची में मौजूद गलतियों को सुधारना और अपात्र प्रविष्टियों की पहचान करना आवश्यक है।
विपक्षी दलों पर साधा निशाना
तादार निगलार ने कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और विपक्षी गठबंधन से जुड़े दलों के विरोध-प्रदर्शनों की आलोचना की।उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल SIR की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक भ्रम पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। निगलार ने विपक्ष से सवाल किया कि क्या मतदाता सूची से फर्जी या दोहरे नाम हटाना गलत है?उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं की पात्रता निर्धारित सत्यापन प्रक्रिया से स्पष्ट नहीं हो पा रही है, उनकी जांच करना चुनावी व्यवस्था का हिस्सा है।हालांकि, विपक्षी दलों का कहना है कि सत्यापन प्रक्रिया के दौरान वास्तविक और पात्र मतदाताओं के नाम हटने का खतरा है। इसी मुद्दे को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध भी हुआ है।
जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 का दिया हवाला
भाजपा नेता तादार निगलार ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के प्रावधानों के तहत संचालित की जाती है।इस कानून में मतदाता सूचियों की तैयारी, संशोधन और पात्रता से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।निगलार ने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण को मनमानी कार्रवाई के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं है। उनके अनुसार, यह निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जाने वाला कार्य है।भारत निर्वाचन आयोग भी मतदाता सूचियों को तैयार करने और संशोधित करने का कार्य संवैधानिक तथा कानूनी प्रावधानों के अनुसार करता है।
13.30 करोड़ नाम हटाने का किया दावा
बैठक के दौरान तादार निगलार ने देश में SIR के तहत मतदाता सूचियों से नाम हटाए जाने से जुड़े आंकड़े भी प्रस्तुत किए।उन्होंने दावा किया कि मौजूदा पुनरीक्षण प्रक्रिया में लगभग 13.30 करोड़ नाम हटाए गए हैं।उनके अनुसार, इनमें करीब 2.8 करोड़ मृत मतदाता, 6.3 करोड़ स्थानांतरित मतदाता, एक करोड़ दोहरी प्रविष्टियां और तीन करोड़ ऐसे मतदाता शामिल हैं, जिनका पता नहीं चल सका।ये आंकड़े भाजपा नेता द्वारा प्रस्तुत किए गए हैं। इन्हें प्रत्येक श्रेणी में अंतिम रूप से सत्यापित और निर्विवाद आंकड़ों के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
अवैध प्रवासन की चिंताओं के बीच SIR पर जोर
अरुणाचल प्रदेश में अवैध प्रवासन और स्थानीय पहचान से जुड़े मुद्दे भी चर्चा में रहे हैं।राज्य भाजपा के एक नेता के अनुसार, मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण बाहरी लोगों की अपात्र प्रविष्टियां रोकने और भूमि तथा पहचान से जुड़े संभावित विवादों को कम करने में सहायक हो सकता है।हालांकि, किसी व्यक्ति का दूसरे राज्य से आकर निवास करना अपने आप में उसे अवैध मतदाता नहीं बनाता। मतदाता की पात्रता का निर्णय नागरिकता, आयु, सामान्य निवास और अन्य लागू कानूनी शर्तों के आधार पर होता है।
पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा जरूरी
मतदाता सूची के पुनरीक्षण का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।अरुणाचल प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट पर SIR से संबंधित मतदाता सूचियों और दावे-आपत्तियों की जानकारी उपलब्ध कराई गई है।निर्वाचन संबंधी प्रक्रिया में नागरिकों को अपने नाम और विवरण की जांच करने तथा निर्धारित नियमों के अनुसार सुधार का अवसर दिया जाता है।
कार्यकर्ताओं से जागरूकता बढ़ाने की अपील
तादार निगलार ने भाजपा कार्यकर्ताओं से SIR की प्रक्रिया के बारे में लोगों को सही जानकारी देने की अपील की।उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में पारदर्शिता और शुद्धता लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए आवश्यक है।इस बीच विपक्षी दलों की आपत्तियों ने यह सवाल भी सामने रखा है कि पुनरीक्षण प्रक्रिया में गलत तरीके से नाम हटाए जाने की स्थिति में मतदाताओं को प्रभावी राहत कैसे मिलेगी।फिलहाल अरुणाचल प्रदेश भाजपा ने SIR का समर्थन करते हुए इसे चुनावी पारदर्शिता के लिए आवश्यक बताया है, जबकि विपक्ष मतदाताओं के अधिकारों और प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठा रहा है।
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