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Itanagar ईटानगर। संयुक्त राष्ट्र के एक कथित मानचित्र में अरुणाचल प्रदेश को विवादित क्षेत्र और भारत से अलग दिखाए जाने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने संयुक्त राष्ट्र के इस विवरण की निंदा की है और वह भी अरुणाचल प्रदेश की जनता की ओर से इसे पूरी तरह नकारते और इसकी निंदा करते हैं। ईटानगर में इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा, "भारत सरकार के माध्यम से संयुक्त राष्ट्र के विवरण की निंदा की गई है। अरुणाचल प्रदेश की जनता की तरफ से भी मैं इसे नकारता हूं, इस विवरण की निंदा करता हूं।"
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया ऐसे समय सामने आई है जब कथित मानचित्र को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। पेमा खांडू ने स्पष्ट किया कि अरुणाचल प्रदेश को लेकर इस तरह के किसी भी विवरण को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने राज्य की जनता की ओर से भी इस पर आपत्ति दर्ज कराई है। अरुणाचल प्रदेश को लेकर भारत का रुख स्पष्ट रहा है कि यह देश का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय मंचों या मानचित्रों पर राज्य की स्थिति को अलग तरीके से प्रदर्शित किए जाने पर भारत की ओर से आपत्ति जताई जाती रही है।
पेमा खांडू ने अपने बयान में केंद्र सरकार के रुख का समर्थन करते हुए संयुक्त राष्ट्र के कथित विवरण को खारिज किया। उन्होंने कहा कि वह केवल मुख्यमंत्री के तौर पर ही नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता की तरफ से भी इसकी निंदा करते हैं। इस मामले ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मानचित्रों में भारतीय क्षेत्रों के सही चित्रण के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। भारत इससे पहले भी देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से जुड़े मामलों में अपना विरोध दर्ज कराता रहा है।
फिलहाल मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कथित विवरण को पूरी तरह नकार दिया है। हालांकि, संबंधित संयुक्त राष्ट्र मानचित्र के संदर्भ, उसके आधिकारिक स्वरूप और उसमें किए गए चित्रण को लेकर विस्तृत आधिकारिक दस्तावेज महत्वपूर्ण होंगे। मुख्यमंत्री के बयान के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ सकती हैं। खांडू ने दोहराया कि अरुणाचल प्रदेश की जनता इस तरह के चित्रण को स्वीकार नहीं करती है।
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