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अरुणाचल प्रदेश
LAC के पास PLA की बढ़ती गतिविधियों का दावा संगठनों ने जताई चिंता
nidhi
12 Sept 2026 1:48 PM IST

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LAC के नजदीक चीनी सेना की सक्रियता बढ़ने का दावा
ईटानगर: अरुणाचल प्रदेश में चीन से लगती सीमा के पास पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की कथित गतिविधियों को लेकर स्थानीय संगठनों ने चिंता जताई है। ऑल अरुणाचल प्रदेश स्टूडेंट्स यूनियन (AAPSU) के साथ टैगिन समुदाय से जुड़े संगठनों ने अपर सुबनसिरी जिले के दूरस्थ ताकसिंग-गेलिमो सीमावर्ती क्षेत्र की स्थिति का मुद्दा राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) के.टी. परनाइक के सामने उठाया है। संगठनों ने सीमा सुरक्षा के साथ सड़क, संचार और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की मांग की।
राज्यपाल से मिला प्रतिनिधिमंडल
AAPSU अध्यक्ष मेजे ताकू के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने ईटानगर में राज्यपाल से मुलाकात की। इसमें All Upper Subansiri District Students’ Union, All Tagin Youth Organisation और Tagin Cultural Society के प्रतिनिधि भी शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने ताकसिंग क्षेत्र में PLA की कथित गतिविधियों और स्थानीय सीमावर्ती समुदायों की चिंताओं से राज्यपाल को अवगत कराया।
हालांकि PLA की घुसपैठ या गतिविधियों में बढ़ोतरी से जुड़े इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन्हें स्थानीय संगठनों द्वारा उठाई गई चिंताओं के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
अगस्त में ताकसिंग पहुंची थी AAPSU की टीम
यह मुद्दा नया नहीं है। अगस्त में AAPSU का एक प्रतिनिधिमंडल ‘ताकसिंग चलो भारत बचाओ’ अभियान के तहत सीमावर्ती गांव ताकसिंग पहुंचा था। यह यात्रा स्थानीय निवासियों की ओर से चीनी सेना की कथित गतिविधियों को लेकर जताई गई चिंताओं के बाद आयोजित की गई थी।
AAPSU ने तब कहा था कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है और सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा तथा बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
सड़क और संचार सुविधाओं पर जोर
स्थानीय संगठनों का कहना है कि सुरक्षा मजबूत करने के लिए सीमावर्ती गांवों में केवल सैन्य मौजूदगी ही नहीं, बल्कि बेहतर सड़क और दूरसंचार नेटवर्क भी जरूरी है। दुर्गम पहाड़ी इलाकों में खराब कनेक्टिविटी के कारण स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा और दूसरी जरूरी सेवाओं तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
सीमावर्ती इलाकों में मजबूत सड़क नेटवर्क आपात स्थिति में सुरक्षाबलों और राहत एजेंसियों की आवाजाही को भी आसान बना सकता है।
राज्यपाल ने दिया सुरक्षा का भरोसा
राज्यपाल के.टी. परनाइक ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि देश की क्षेत्रीय अखंडता और सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और सशस्त्र बल देश की प्रत्येक इंच भूमि की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। साथ ही सीमावर्ती गांवों के लोगों के हित और कल्याण को प्राथमिकता दिए जाने की बात कही।
भारत-चीन सैन्य वार्ता भी जारी
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब भारत और चीन सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए सैन्य स्तर की बातचीत भी जारी रखे हुए हैं। 6 सितंबर को दोनों देशों की सेनाओं ने अरुणाचल प्रदेश के किबिथू सेक्टर में वाचा-दामाई बॉर्डर मीटिंग प्वाइंट पर कोर कमांडर स्तर की बातचीत की थी। इसमें पूर्वी सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
AAPSU और टैगिन संगठनों द्वारा उठाई गई चिंता ने एक बार फिर सीमावर्ती गांवों में सुरक्षा के साथ विकास और कनेक्टिविटी की जरूरत को सामने ला दिया है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि ताकसिंग-गेलिमो क्षेत्र से जुड़े दावों पर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां आगे क्या आधिकारिक जानकारी देती हैं।
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