अरुणाचल प्रदेश

राज्य को मिली बड़ी चिकित्सा उपलब्धि, TRIHMS में पहला किडनी ट्रांसप्लांट

nidhi
29 Sept 2026 2:28 PM IST
राज्य को मिली बड़ी चिकित्सा उपलब्धि, TRIHMS में पहला किडनी ट्रांसप्लांट
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TRIHMS ने किया राज्य का पहला किडनी प्रत्यारोपण

ईटानगर: टोमो रीबा इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड मेडिकल साइंसेज यानी TRIHMS में राज्य का पहला किडनी प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किया गया। इस उपलब्धि को राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अब गंभीर किडनी रोग से जूझ रहे मरीजों को प्रत्यारोपण के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम हो सकती है।

पहले राज्य के मरीजों को किडनी ट्रांसप्लांट जैसी जटिल चिकित्सा सुविधा के लिए बड़े शहरों या अन्य राज्यों के अस्पतालों का रुख करना पड़ता था। इससे मरीजों और उनके परिवारों पर आर्थिक और मानसिक दबाव दोनों बढ़ते थे। TRIHMS में यह सुविधा शुरू होने से स्थानीय स्तर पर उन्नत उपचार का रास्ता खुला है।
किडनी प्रत्यारोपण एक जटिल चिकित्सा प्रक्रिया है, जिसमें अनुभवी सर्जन, नेफ्रोलॉजिस्ट, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ और अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर की जरूरत होती है। इसके साथ ही प्रत्यारोपण के बाद मरीज की लगातार निगरानी भी बेहद महत्वपूर्ण होती है। इस सफल ऑपरेशन के पीछे डॉक्टरों और मेडिकल टीम की लंबे समय से की जा रही तैयारी को अहम माना जा रहा है। प्रत्यारोपण से पहले मरीज और डोनर की कई तरह की जांच की जाती है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रत्यारोपण सुरक्षित और सफल हो सके।
किडनी ट्रांसप्लांट में डोनर और मरीज के बीच मेडिकल मैचिंग सबसे जरूरी चरणों में से एक होती है। रक्त समूह, ऊतक अनुकूलता और अन्य स्वास्थ्य मानकों की जांच के बाद ही डॉक्टर ऑपरेशन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हैं। राज्य में पहली बार इस तरह की सर्जरी होना स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे आने वाले समय में अन्य जटिल चिकित्सा सेवाओं को भी विकसित करने का रास्ता खुल सकता है।
किडनी फेल होने की स्थिति में मरीजों को लंबे समय तक डायलिसिस की जरूरत पड़ती है। कई मरीजों के लिए प्रत्यारोपण बेहतर और लंबी अवधि का उपचार विकल्प बन सकता है। हालांकि इसके बाद भी मरीज को नियमित जांच और दवाओं की जरूरत होती है।
TRIHMS में प्रत्यारोपण सुविधा शुरू होने से मरीजों को यात्रा, रहने और बाहरी अस्पतालों के खर्च से भी राहत मिल सकती है। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए स्थानीय स्तर पर उपचार मिलना बड़ी सुविधा साबित हो सकता है।
इस उपलब्धि से राज्य के मेडिकल संस्थानों में विशेषज्ञ सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में भी नया भरोसा बढ़ा है। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए यह अनुभव भविष्य में और जटिल मामलों के इलाज में उपयोगी हो सकता है।
किडनी प्रत्यारोपण के बाद मरीज की स्थिति पर लगातार नजर रखना जरूरी होता है। शरीर नई किडनी को स्वीकार करे, इसके लिए विशेष दवाएं दी जाती हैं। साथ ही संक्रमण से बचाव और नियमित जांच भी उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है।
राज्य में पहली सफल किडनी प्रत्यारोपण सर्जरी के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि इस सुविधा को धीरे-धीरे और विस्तार दिया जाएगा। इससे ज्यादा मरीजों को लाभ मिल सकेगा और प्रत्यारोपण के लिए लंबी दूरी तय करने की जरूरत कम होगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में इस उपलब्धि को केवल एक ऑपरेशन की सफलता के रूप में नहीं, बल्कि राज्य की चिकित्सा क्षमता में बढ़ोतरी के रूप में देखा जा रहा है। इससे भविष्य में स्थानीय स्तर पर सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं के विस्तार की संभावना भी मजबूत हुई है।
TRIHMS में राज्य का पहला किडनी प्रत्यारोपण सफल होना मरीजों और उनके परिवारों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है। यह उपलब्धि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है और आने वाले समय में उन्नत चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार का आधार बन सकती है।
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