अरुणाचल प्रदेश

अरुणाचल सीमा विवाद पर किरेन रिजिजू ने तोड़ी चुप्पी

Ratna Netam
14 Aug 2026 5:36 PM IST
अरुणाचल सीमा विवाद पर किरेन रिजिजू ने तोड़ी चुप्पी
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नई दिल्ली : अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की कथित घुसपैठ और भारतीय भूमि पर नए कब्जे की खबरों के बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू का बयान सामने आया है। उन्होंने चीन की ओर से अरुणाचल प्रदेश में किसी नए क्षेत्र पर कब्जा किए जाने के दावों को खारिज करते हुए कहा कि भारतीय सेना सीमा पर पूरी मजबूती से तैनात है और देश की भूमि की सुरक्षा कर रही है।
एक मीडिया संस्थान से बातचीत में रिजिजू ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में चीन ने कोई नया कब्जा नहीं किया है। सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में किए जा रहे उन दावों में सच्चाई नहीं है, जिनमें चीनी सैनिकों के भारतीय क्षेत्र में काफी अंदर तक प्रवेश करने की बात कही गई है। हालांकि उन्होंने सीमावर्ती गांवों के निवासियों और पशुपालकों की ओर से उठाई जा रही समस्याओं को गंभीरता से लेने की आवश्यकता पर जोर दिया।
रिजिजू ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अपने पारंपरिक चरागाहों तक पहुंचने में कठिनाई हो सकती है और इस संबंध में उनकी चिंताएं पूरी तरह जायज हैं। स्थानीय लोगों की शिकायतों को अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए। इसके बावजूद चराई क्षेत्र तक पहुंच से जुड़ी समस्या को अपने आप चीन के नए कब्जे का प्रमाण मानना उचित नहीं होगा।
उन्होंने स्थानीय दावों और सैन्य कब्जे के बीच अंतर बताते हुए कहा कि सीमा से जुड़े प्रत्येक विषय को तथ्य और उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर देखा जाना चाहिए। स्थानीय लोगों की बातों को गंभीरता से लेकर संबंधित एजेंसियों को जांच करनी चाहिए, लेकिन बिना आधिकारिक पुष्टि के उन्हें चीनी सेना के कब्जे के रूप में प्रचारित करने से बचना चाहिए।
हाल के दिनों में अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबनसिरी जिले के ताकसिंग क्षेत्र के आसपास कथित चीनी गतिविधियों की खबरें सामने आई थीं। सीमावर्ती इलाकों के कुछ पशुपालकों ने दावा किया था कि चीनी सैनिक उनके पारंपरिक चराई क्षेत्रों तक पहुंच गए हैं। सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ तस्वीरों और वीडियो को चीन की नई घुसपैठ के प्रमाण के तौर पर पेश किया गया। हालांकि भारतीय अधिकारियों ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है।
इस मामले को लेकर स्थानीय संगठनों में भी चिंता देखी गई है। ऑल अरुणाचल प्रदेश स्टूडेंट्स यूनियन का एक प्रतिनिधिमंडल हालात का जायजा लेने के लिए ताकसिंग की ओर रवाना हुआ है। स्थानीय संगठनों का कहना है कि सीमावर्ती इलाकों के निवासियों की समस्याओं, आवाजाही और चराई क्षेत्र तक पहुंच का वास्तविक आकलन किया जाना चाहिए।
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू भी राज्य में चीन की नई घुसपैठ की खबरों से इनकार कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि भारतीय सेना सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात है और देश की क्षेत्रीय अखंडता की प्रभावी तरीके से रक्षा कर रही है। रक्षा अधिकारियों के हवाले से सामने आई रिपोर्टों में भी चीनी सेना द्वारा नए कब्जे के दावों को अपुष्ट बताया गया है।
भारत और चीन के बीच करीब 3,500 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा को लेकर दशकों से विवाद चला आ रहा है। चीन पूरे अरुणाचल प्रदेश को अपना हिस्सा बताते हुए इसे ‘जांगनान’ कहता है। भारत चीन के इस दावे को लगातार खारिज करता रहा है। नई दिल्ली का स्पष्ट रुख है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है तथा चीन द्वारा स्थानों के नाम बदलने या एकतरफा दावे करने से यह वास्तविकता नहीं बदल सकती।
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