अरुणाचल प्रदेश

भारी बारिश से अरुणाचल में तबाही सेना के दो शेल्टर बहे

Ratna Netam
15 Aug 2026 2:36 PM IST
भारी बारिश से अरुणाचल में तबाही सेना के दो शेल्टर बहे
x
ईटानगर। अरुणाचल प्रदेश में शुक्रवार शाम हुई भारी बारिश ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई। दिबांग घाटी जिले में अचानक आई बाढ़ की चपेट में आने से भारतीय सेना के दो शेल्टर बह गए। घटना के समय शेल्टर में मौजूद सात सैन्यकर्मी तेज बहाव में बह गए। इनमें से दो जवानों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि पांच जवान अब भी लापता बताए जा रहे हैं। दूसरी ओर ऊपरी सुबनसिरी जिले में सड़क निर्माण स्थल पर हुए भीषण भूस्खलन में चार लोगों की मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार ऊपरी सुबनसिरी जिले में केओजारिंग-ब्याचिंग सड़क कटाई स्थल पर अचानक पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा खिसक गया। भूस्खलन के बाद भारी मात्रा में मिट्टी, चट्टानें और मलबा सड़क निर्माण स्थल पर आ गिरा। वहां मौजूद कई मजदूर और अन्य लोग इसकी चपेट में आ गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और बचाव दलों को मौके पर भेजा गया।
प्रशासन ने हादसे में चार लोगों की मौत होने की पुष्टि की है। मृतकों की पहचान तादू बाकी, ताजी राय, मार्कोश बसुमतारी और बाबुल अली के रूप में की गई है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी के अनुसार बाबुल अली का शव मलबे से बरामद कर लिया गया है। अन्य लोगों की तलाश और मलबा हटाने का अभियान जारी है। भारी बारिश तथा दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण बचाव दलों को अभियान चलाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
दिबांग घाटी जिले में भारी बारिश के बाद पसु पानी स्थित सेना शिविर के पास अचानक जलस्तर बढ़ गया। तेज रफ्तार से आए पानी ने पांचवीं ग्रेनेडियर्स के दो सैन्य शेल्टरों को अपनी चपेट में ले लिया। बाढ़ का बहाव इतना तेज था कि शेल्टर में मौजूद सात सैन्यकर्मी संभल नहीं पाए और पानी के साथ बह गए।
घटना के तुरंत बाद सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने बचाव अभियान शुरू किया। दो जवानों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन पांच जवानों का अब तक पता नहीं चल सका है। लापता सैन्यकर्मियों में हवलदार उपेंदर, कुंदन, विनोद, आदित्य और समुंदा शामिल बताए गए हैं। सेना की ओर से लापता जवानों की तलाश के लिए आसपास के इलाकों और नदी के बहाव वाले क्षेत्र में व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।
तलाश अभियान में पांचवीं ग्रेनेडियर्स की कई टीमों को तैनात किया गया है। इसके साथ ही भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की 58वीं बटालियन, सीमा सड़क संगठन की 62 आरसीसी, अरुणाचल प्रदेश पुलिस और स्थानीय स्वयंसेवक संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं। बचाव दल नदी के किनारे, निचले क्षेत्रों और संभावित स्थानों पर जवानों की तलाश कर रहे हैं।
लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़क संपर्क प्रभावित होने की सूचना है। पहाड़ी क्षेत्रों में मिट्टी गीली होने से भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और बिना आवश्यक कार्य के भूस्खलन संभावित मार्गों पर यात्रा नहीं करने की सलाह दी है। स्थानीय अधिकारियों को हालात पर नजर बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
अरुणाचल प्रदेश का पहाड़ी भूभाग मानसून के दौरान भूस्खलन और अचानक आने वाली बाढ़ की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है। अत्यधिक बारिश के कारण पर्वतीय ढलानों से मलबा गिरने, नदियों का जलस्तर बढ़ने और सड़कों के क्षतिग्रस्त होने का खतरा रहता है। मौजूदा घटनाओं के बाद संबंधित जिलों में प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। राहत एवं बचाव अभियान जारी है और लापता जवानों को खोजने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
Next Story