अरुणाचल प्रदेश

लोअर सियांग के गांवों में पहुंचे गालो विधायक सीमा विवाद सुलझाने की अपील

nidhi
5 Sept 2026 2:46 PM IST
लोअर सियांग के गांवों में पहुंचे गालो विधायक सीमा विवाद सुलझाने की अपील
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गांवों का दौरा

लिकाबाली: अरुणाचल प्रदेश के लोअर सियांग जिले में असम-अरुणाचल सीमा से जुड़े विवाद और हालिया तनाव के बीच गालो समुदाय के विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने हिमे, गेर्मे और आसपास के गांवों का दौरा किया। कानून, सामाजिक न्याय एवं जनजातीय मामलों के मंत्री केंटो जिनी के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने ग्रामीणों से बातचीत कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया और सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की।

मंत्री केंटो जिनी के नेतृत्व में पहुंची टीम
प्रतिनिधिमंडल में मंत्री केंटो जिनी के साथ विधानसभा के डिप्टी स्पीकर कार्दो न्यिग्योर, विधायक पेसी जिलेन और तोजिर काडू शामिल थे। इनके अलावा गालो यूथ ऑर्गनाइजेशन (GYO), लोअर सियांग स्टूडेंट्स यूनियन, गालो वेलफेयर सोसाइटी की जिला इकाई, जिला प्रशासन और पुलिस के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। टीम ने स्थानीय ग्रामीणों और समुदाय के वरिष्ठ लोगों से मुलाकात की। इस दौरान लोगों ने सीमा और जमीन से जुड़े विवाद को लेकर अपनी चिंताओं और आशंकाओं से प्रतिनिधिमंडल को अवगत कराया।
10 अगस्त की घटना के बाद बढ़ा था तनाव
यह दौरा 10 अगस्त को हिमे-बोदोटी क्षेत्र में हुई झड़प की पृष्ठभूमि में हुआ। इस टकराव में कई लोगों के घायल होने के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया था। इसके बाद सीमा और जमीन से जुड़े पुराने विवाद को लेकर भी चिंता बढ़ी। हालांकि घटना की प्रकृति को लेकर अलग-अलग पक्षों के दावे भी सामने आए हैं। असम स्थित छात्र संगठन TMPK ने बाद में दावा किया कि 10 अगस्त की घटना व्यापक अंतरराज्यीय सीमा विवाद के बजाय एक भूखंड के स्वामित्व को लेकर दो समूहों के बीच विवाद से जुड़ी थी।
'संयम और बातचीत बेहद जरूरी'
ग्रामीणों से बातचीत के दौरान मंत्री केंटो जिनी ने कहा कि मामला बेहद संवेदनशील है और इसे सावधानी से संभालने की जरूरत है। उन्होंने जोर दिया कि संवाद, संयम और आपसी समझ के जरिए ही स्थायी समाधान की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि सभी हितधारकों के साथ लगातार बातचीत जरूरी है, ताकि किसी भी तरह के नए तनाव को रोका जा सके। सरकार और जनप्रतिनिधि स्थानीय समुदायों के साथ संपर्क बनाए रखते हुए शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में काम करेंगे।
लोगों से शांति बनाए रखने की अपील
विधायकों ने सभी समुदायों और संगठनों से ऐसी किसी भी गतिविधि से बचने की अपील की जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो या तनाव और बढ़े। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि लोगों का व्यापक हित और विभिन्न समुदायों के बीच शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। जनप्रतिनिधियों ने स्थानीय समुदायों, नागरिक संगठनों, जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर समस्याओं को लोकतांत्रिक और संवाद आधारित तरीके से सुलझाने की प्रतिबद्धता जताई।
पहले भी मुख्यमंत्री तक पहुंच चुका मामला
हिमे की घटना के बाद पांच संगठनों के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पेमा खांडू से मुलाकात कर घटना की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की थी। इसके साथ ही असम-अरुणाचल प्रदेश के लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद के स्थायी समाधान की मांग भी रखी गई थी। प्रतिनिधिमंडल ने उस समय शांति, अहिंसा और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने पर जोर देते हुए सभी समुदायों से तनाव बढ़ाने वाले बयान या गतिविधियों से बचने की अपील की थी।
वर्षों पुराना है सीमा से जुड़ा विवाद
लोअर सियांग के कांगकू सर्किल में सीमा से जुड़े विवाद का इतिहास काफी पुराना है। हालांकि हाल के वर्षों में कई विवादित हिस्सों पर दोनों राज्यों के बीच बातचीत के जरिए प्रगति हुई है। दिसंबर 2025 में डिप्टी स्पीकर कार्दो न्यिग्योर ने कहा था कि लोअर सियांग के संवेदनशील कांगकू सर्किल में करीब 80 प्रतिशत विवादित मुद्दों का समाधान हो चुका है और बाकी मामलों को भी बातचीत से सुलझाने की कोशिश जारी है। अब गालो विधायकों के ताजा दौरे का उद्देश्य प्रभावित गांवों से सीधा संवाद स्थापित करना, वास्तविक स्थिति समझना और हिमे-बोदोटी मामले के शांतिपूर्ण तथा स्थायी समाधान के लिए सामूहिक प्रयासों को आगे बढ़ाना है। जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि विवाद का रास्ता टकराव नहीं बल्कि बातचीत, आपसी समझ और शांति है।
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