- Home
- /
- राज्य
- /
- अरुणाचल प्रदेश
- /
- सुरक्षा को लेकर FTII...

x
FTII ईटानगर में सुरक्षा का मुद्दा गरमाया
ईटानगर: फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट से जुड़े ईटानगर परिसर में छात्रों ने सुरक्षा संबंधी चिंताओं को लेकर कक्षाओं में शामिल होना रोक दिया है। छात्रों का कहना है कि परिसर में सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिक मांग है और जब तक उनकी चिंताओं पर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, सामान्य शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित रह सकती हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, छात्रों ने परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संस्थान के प्रशासन के सामने अपनी बात रखी है। उनका कहना है कि पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना संस्थान की जिम्मेदारी है। छात्रों ने संबंधित अधिकारियों से सुरक्षा उपायों की समीक्षा करने और आवश्यक व्यवस्थाएं मजबूत करने की मांग की है।
कक्षाएं रोकने के फैसले से संस्थान की नियमित शैक्षणिक गतिविधियों पर असर पड़ा है। फिल्म और टेलीविजन से जुड़े पाठ्यक्रमों में केवल क्लासरूम पढ़ाई ही नहीं, बल्कि शूटिंग, प्रैक्टिकल, स्टूडियो वर्क और प्रोजेक्ट से जुड़ी गतिविधियां भी महत्वपूर्ण होती हैं। ऐसे में लंबे समय तक कक्षाएं बाधित रहने पर विद्यार्थियों के अकादमिक कार्यक्रम और प्रोजेक्ट शेड्यूल प्रभावित हो सकते हैं।
छात्रों का कहना है कि वे जल्द से जल्द पढ़ाई पर वापस लौटना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए परिसर में सुरक्षा को लेकर भरोसा कायम होना जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से संवाद के जरिए समस्या का समाधान निकालने की मांग की है। विद्यार्थियों की ओर से उठाए गए मुद्दों में परिसर के भीतर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता प्रमुख रूप से सामने आई है।
शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों की सुरक्षा का मुद्दा बेहद संवेदनशील माना जाता है। खासकर फिल्म संस्थानों में विद्यार्थियों को कई बार देर शाम तक शूटिंग, एडिटिंग और अन्य प्रैक्टिकल गतिविधियों के लिए परिसर में रहना पड़ता है। ऐसी परिस्थितियों में पर्याप्त रोशनी, निगरानी, प्रवेश नियंत्रण और आपातकालीन सहायता जैसी व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण हो जाती हैं।
इस घटनाक्रम के बाद संस्थान प्रशासन की प्रतिक्रिया और उठाए जाने वाले कदमों पर छात्रों की नजर है। यदि सुरक्षा संबंधी चिंताओं का जल्द समाधान होता है तो नियमित कक्षाएं और अन्य गतिविधियां फिर शुरू होने की उम्मीद की जा सकती है।
फिलहाल छात्रों द्वारा उठाई गई सुरक्षा चिंताओं के具体 कारणों और प्रशासन की ओर से प्रस्तावित उपायों की विस्तृत आधिकारिक जानकारी की पुष्टि जरूरी है। इसलिए सोशल मीडिया या अन्य अनौपचारिक माध्यमों पर सामने आ रहे दावों को आधिकारिक बयान के बाद ही अंतिम तथ्य के रूप में देखा जाना चाहिए।
छात्रों की कक्षाएं रोकने की कार्रवाई ने एक बार फिर उच्च शिक्षण संस्थानों में सुरक्षित परिसर और प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था की जरूरत को चर्चा में ला दिया है। अब देखना होगा कि संस्थान प्रशासन छात्रों की चिंताओं पर क्या कदम उठाता है और सामान्य शैक्षणिक गतिविधियां कब बहाल होती हैं।
Next Story





