अरुणाचल प्रदेश

लोकल इनोवेशन पर ज़ोर: अरुणाचल ने शुरू किया नेशनल चैलेंज

Tara Tandi
5 Oct 2026 6:45 PM IST
लोकल इनोवेशन पर ज़ोर: अरुणाचल ने शुरू किया नेशनल चैलेंज
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अरुणाचल: अरुणाचल प्रदेश सरकार ने 5 अक्टूबर को 'नेशनल इनोवेशन चैलेंज' (NIC) शुरू किया। इसमें युवा भारतीयों को अपने समुदायों की समस्याओं की पहचान करने और ऐसे व्यावहारिक समाधान विकसित करने के लिए आमंत्रित किया गया है जिन्हें मेंटरशिप, फंडिंग और पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया जा सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 साल की जनसेवा के उपलक्ष्य में शुरू किए जा रहे इस चैलेंज को पांच शहरों — बेंगलुरु, अहमदाबाद, मुंबई, कोलकाता और नई दिल्ली — में आयोजित किया जाएगा।
कोलकाता रीजनल चैलेंज में पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार और अरुणाचल प्रदेश सहित पूर्वोत्तर के राज्य शामिल होंगे।
इस पहल की घोषणा करते हुए राज्य सरकार ने कहा कि इसका मकसद मोदी की 25 साल की जनसेवा का सम्मान करना है। इसके लिए एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाया गया है जहां युवा भारतीय सिर्फ इस उपलब्धि का जश्न मनाने के बजाय असल दुनिया की समस्याओं को हल करने पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
इसके लिए आवेदन 5 अक्टूबर से शुरू हो गए हैं। पूछताछ के लिए आखिरी तारीख 25 अक्टूबर और आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 30 अक्टूबर है।
इस चैलेंज में स्कूल और कॉलेज के छात्र, पॉलिटेक्निक ट्रेनी, युवा प्रोफेशनल, शुरुआती दौर के स्टार्टअप, स्वतंत्र इनोवेटर और कम्युनिटी ग्रुप हिस्सा ले सकते हैं। आवेदक अकेले या टीम के तौर पर भाग ले सकते हैं।
इसमें दो कैटेगरी रखी गई हैं — जूनियर (स्कूल, ITI और अंडरग्रेजुएट छात्रों के लिए) और ओपन (ग्रेजुएट, प्रोफेशनल, स्टार्टअप और कम्युनिटी ग्रुप के लिए)।
जूनियर कैटेगरी में समझ, रचनात्मकता और सोच की स्पष्टता पर ध्यान दिया जाएगा, जबकि ओपन कैटेगरी में समाधान को लागू करने की क्षमता पर ज़्यादा ज़ोर दिया जाएगा और इसमें प्रोटोटाइप या पायलट प्रोजेक्ट की उम्मीद की जाएगी।
आवेदन 'अरुणाचल प्रदेश स्टेट स्टार्टअप पोर्टल' के ज़रिए जमा किए जा सकते हैं।
शॉर्टलिस्ट किए गए इनोवेटर्स को सबसे पहले ईटानगर बुलाया जाएगा ताकि वे जूरी के सामने अपने आइडिया पेश कर सकें। चुने गए प्रतिभागी अगले राउंड के लिए कोलकाता जाएंगे और फाइनलिस्ट नई दिल्ली जाएंगे। चुने गए प्रतिभागियों के यात्रा का खर्च अरुणाचल प्रदेश सरकार उठाएगी।
अरुणाचल ने स्टार्टअप इकोसिस्टम को लॉन्चपैड के तौर पर पेश किया
राज्य सरकार ने कहा कि 'अरुणाचल प्रदेश इनोवेशन एंड इन्वेस्टमेंट पार्क' (APIIP) को राज्य में इनोवेशन के लिए नोडल संस्थान के तौर पर तैयार किया गया है, जिसमें 'नेशनल इनोवेशन चैलेंज' भी शामिल है। इस इकोसिस्टम के तहत एक और अहम पहल 'अरुणाचल प्रदेश एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम' (APEDP) है। सरकार का कहना है कि इसे नेशनल स्टार्टअप इकोसिस्टम में पहचान मिली है।
सरकार ने बताया कि APIIP और APEDP के असर को देखते हुए, भारत सरकार के 'नेशनल स्टार्टअप रैंकिंग फ्रेमवर्क' के तहत अरुणाचल प्रदेश को 'बेस्ट परफॉर्मर' चुना गया।
सरकार के मुताबिक, APEDP ने अब तक 156 स्टार्टअप्स को इनक्यूबेट किया है, जबकि 100 और स्टार्टअप्स अभी इनक्यूबेशन के दौर में हैं।
इस चैलेंज का मकसद ऐसे युवा इनोवेटर्स की पहचान करना है जो राज्य, ज़िले, शहर, गाँव या पंचायत स्तर की समस्याओं के समाधान विकसित कर सकें। इन समाधानों को लागू करने का एक भरोसेमंद तरीका होना चाहिए और उनमें बड़े स्तर पर विस्तार या दूसरी जगहों पर दोहराए जाने की क्षमता होनी चाहिए।
सरकार ने इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप के क्षेत्र में भारत की तरक्की पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने बताया कि 'ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स' में भारत की रैंकिंग 2015 में 81वीं थी, जो 2025 में सुधरकर 38वीं हो गई है।
सरकार ने कहा कि DPIIT से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स की संख्या 2014 में लगभग 350 थी, जो 2025-26 में बढ़कर 2.4 लाख से ज़्यादा हो गई है। इससे भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन गया है।
राज्य सरकार ने अरुणाचल प्रदेश और आसपास के इलाकों के युवा इनोवेटर्स से इस चैलेंज में हिस्सा लेने और इस प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल करके अपने समुदायों की समस्याओं के समाधान खोजने की अपील की।
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