अरुणाचल प्रदेश

अरुणाचल प्रदेश में DA और DR में 2% की बढ़ोतरी

Kavita2
7 May 2026 5:00 PM IST
अरुणाचल प्रदेश में DA और DR में 2% की बढ़ोतरी
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Arunachal Pradesh अरुणाचल प्रदेश: अरुणाचल प्रदेश सरकार ने 6 मई को राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इस फैसले के बाद अब DA और DR की दर 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गई है, जो बेसिक सैलरी और पेंशन पर लागू होगी।

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, यह बढ़ी हुई दर 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह लाभ राज्य के सभी नियमित कर्मचारियों, राज्य में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत केंद्र सरकार के कर्मचारियों और अरुणाचल प्रदेश सरकार में सेवा दे रहे भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) सहित ऑल इंडिया सर्विसेज के अधिकारियों पर लागू होगा।

इसके अलावा, राज्य के सभी पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स भी संशोधित DR के पात्र होंगे। इस निर्णय से राज्य के हजारों सेवानिवृत्त और कार्यरत कर्मचारियों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिलेगा।

यह कदम केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में अपने कर्मचारियों और पेंशनरों के DA और DR में वृद्धि के फैसले के बाद उठाया गया है। राज्य सरकार ने केंद्र के फैसले के अनुरूप अपने कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत देने के उद्देश्य से यह संशोधन किया है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस बढ़ोतरी से राज्य के लगभग 40,477 पेंशनरों और 69,248 नियमित कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। यह निर्णय बड़ी संख्या में परिवारों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में सहायक होगा।

हालांकि, इस फैसले से राज्य के वित्तीय संसाधनों पर अतिरिक्त बोझ भी पड़ेगा। अनुमान के अनुसार, इस संशोधित DA और DR के कारण राज्य के खजाने पर हर वर्ष लगभग 100.54 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय आएगा। इसके अलावा, जनवरी से अप्रैल 2026 की अवधि के बकाया का नकद भुगतान करने पर लगभग 33.51 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च भी होगा।

सरकार का कहना है कि यह निर्णय कर्मचारियों और पेंशनरों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि बढ़ती महंगाई के बीच उनकी आर्थिक स्थिति पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सके।

मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने इस फैसले पर कर्मचारियों को बधाई दी और उम्मीद जताई कि वे राज्य के विकास और जनता की भलाई के लिए पहले से अधिक समर्पण के साथ काम करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने कर्मचारियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और आगे भी ऐसे कदम उठाए जाते रहेंगे।

इस निर्णय को राज्य सरकार की कर्मचारी हितैषी नीति के रूप में देखा जा रहा है, जिससे सरकारी तंत्र में काम करने वाले लोगों का मनोबल बढ़ने की उम्मीद है।

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