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अरुणाचल प्रदेश
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 1270 करोड़ कॉन्ट्रैक्ट मामले में CBI जांच शुरू, अरुणाचल सरकार पर नजर
Harrison
10 April 2026 9:17 PM IST

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Arunachal Pradesh अरुणाचल प्रदेश: अरुणाचल प्रदेश में बड़े सरकारी कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े एक मामले में न्यायिक हस्तक्षेप के बाद जांच प्रक्रिया तेज हो गई है। Supreme Court of India ने 1,270 करोड़ रुपये के कथित कॉन्ट्रैक्ट मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने का आदेश दिया है, जिसके बाद पूरे मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर हलचल पैदा कर दी है।
यह मामला अरुणाचल प्रदेश के शासक परिवार से जुड़े कथित कॉन्ट्रैक्ट आवंटन और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोपों के अनुसार, कुछ बड़ी परियोजनाओं में टेंडर प्रक्रिया, बोली प्रणाली और दस्तावेजी रिकॉर्ड को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं।
सूत्रों के अनुसार, इस पूरे प्रकरण में 1,270 करोड़ रुपये के विभिन्न सरकारी कॉन्ट्रैक्ट शामिल हैं, जिनमें कथित रूप से पारदर्शिता की कमी और चयन प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। जांच के दायरे में यह भी देखा जा रहा है कि क्या इन परियोजनाओं में नियमों का पालन सही तरीके से किया गया था या नहीं।
Pema Khandu के नेतृत्व वाली राज्य सरकार इस पूरे मामले में निगरानी के केंद्र में है। हालांकि अभी तक किसी भी स्तर पर सरकार की प्रत्यक्ष भूमिका पर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकला है, लेकिन जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की समीक्षा कर रही हैं।
Central Bureau of Investigation ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मामले से जुड़े दस्तावेज, टेंडर फाइलें और प्रशासनिक रिकॉर्ड जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जांच एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि कॉन्ट्रैक्ट आवंटन में किन स्तरों पर निर्णय लिए गए और क्या प्रक्रिया में किसी तरह की चूक हुई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मामले में “छिपी हुई बोलियां”, “गायब रिकॉर्ड” और “संबंधित परिवारों की भूमिका” जैसे कई गंभीर बिंदु सामने आए हैं, जिनकी गहन जांच की जा रही है। इन सभी आरोपों की पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी।
Supreme Court of India के आदेश के बाद यह मामला अब केवल प्रशासनिक विवाद न रहकर एक विस्तृत जांच प्रक्रिया का हिस्सा बन गया है, जिसमें वित्तीय लेनदेन और निर्णय प्रक्रिया की बारीकी से जांच की जा रही है।
Pema Khandu सरकार का कहना है कि राज्य में सभी परियोजनाएं नियमों के तहत संचालित होती हैं और किसी भी अनियमितता की स्थिति में जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दिया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बड़े कॉन्ट्रैक्ट मामलों में पारदर्शिता और ऑडिट प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि इससे सार्वजनिक धन के उपयोग पर सीधा असर पड़ता है।
Central Bureau of Investigation की जांच में अब यह देखा जाएगा कि टेंडर प्रक्रिया कितनी पारदर्शी थी और क्या किसी विशेष समूह या व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों में बदलाव किया गया था।
फिलहाल, Supreme Court of India के आदेश के बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया है और सभी की नजर अब CBI की विस्तृत जांच रिपोर्ट पर टिकी है।
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