अरुणाचल प्रदेश

अरुणाचल में ASTBAC का सरकार को अल्टीमेटम, ILP सिस्टम को मजबूत करने की मांग तेज

Kavita2
18 May 2026 5:14 PM IST
अरुणाचल में ASTBAC का सरकार को अल्टीमेटम, ILP सिस्टम को मजबूत करने की मांग तेज
x

Arunachal Pradesh अरुणाचल प्रदेश: अरुणाचल शेड्यूल्ड ट्राइब्स बचाओ आंदोलन कमेटी (ASTBAC) ने रविवार को राज्य सरकार को सात दिन की समयसीमा देते हुए कड़ा रुख अपनाया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर तय समय में उसकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो वह 72 घंटे के राज्यव्यापी बंद का आह्वान कर सकता है।

कमेटी के चेयरमैन सोल डोडम ने कहा कि सरकार द्वारा निर्धारित डेडलाइन के भीतर जवाब नहीं मिलने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी स्थिति में राज्यव्यापी बंद की स्थिति पैदा हो सकती है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित होगा।

ASTBAC ने मुख्य रूप से इनर लाइन परमिट (ILP) सिस्टम को और मजबूत करने की मांग उठाई है। संगठन का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था कमजोर है और यह राज्य के स्थानीय समुदायों को अवैध प्रवास से प्रभावी रूप से सुरक्षित रखने में असफल रही है।

कमेटी ने यह भी आरोप लगाया कि वर्तमान ILP ढांचे में कई प्रशासनिक खामियां मौजूद हैं। संगठन का दावा है कि एंट्री चेकपॉइंट्स और संबंधित प्रशासनिक कार्यालयों में निगरानी और पारदर्शिता की कमी के कारण भ्रष्टाचार की संभावनाएं बनी रहती हैं, जिससे सिस्टम की प्रभावशीलता प्रभावित होती है।

इसके अलावा, ASTBAC ने राज्य में रह रहे तिब्बती शरणार्थियों के विस्तृत और सत्यापित रिकॉर्ड की भी मांग की है। संगठन ने “फैमिली ट्री” डॉक्यूमेंटेशन प्रणाली लागू करने का सुझाव दिया है, ताकि राज्य में रहने वाले बाहरी समुदायों की सही पहचान और रिकॉर्ड सुनिश्चित किया जा सके।

संगठन का कहना है कि बिना मजबूत रिकॉर्ड और सख्त नियंत्रण के ILP प्रणाली अपने उद्देश्य को पूरा नहीं कर सकती और इससे स्थानीय जनजातीय पहचान और अधिकारों पर असर पड़ सकता है।

राज्य सरकार की ओर से फिलहाल इस अल्टीमेटम पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन इस मांग और चेतावनी के बाद अरुणाचल में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

कुल मिलाकर, ASTBAC का यह रुख राज्य में ILP व्यवस्था और जनसांख्यिकीय नियंत्रण से जुड़े मुद्दों को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ले आया है, जिससे आने वाले दिनों में तनाव और बढ़ सकता है।

Next Story