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गुवाहाटी: 'द अरुणाचल टाइम्स' की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार सुबह अरुणाचल प्रदेश के लोअर दिबांग वैली ज़िले के हुनली में RTI एक्टिविस्ट और 24वीं असम राइफल्स के राइफलमैन रखिनी मिपी की लाश संदिग्ध हालात में मिली।
हुनली पुलिस स्टेशन के इंचार्ज इंस्पेक्टर मोहन मिली ने बताया कि मिपी का शव सुबह करीब 7:10 बजे सर्किट हाउस के पास आर्मी ट्रांजिट कैंप के बाथरूम में लटका हुआ मिला।
मिपी अपनी यूनिट के साथ आर्म्ड फोर्सेस की वॉरफेयर एक्सरसाइज़ के लिए अनिनी जा रहे थे। 24वीं असम राइफल्स 3 अक्टूबर की शाम हुनली पहुँची थी और अगली सुबह अनिनी के लिए निकलने वाली थी।
पुलिस ने अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए रोइंग ले जाया गया और बाद में मिपी के परिवार को सौंप दिया गया।
पुलिस ने किसी गड़बड़ी की संभावना से इनकार नहीं किया है और कहा है कि मिपी के परिवार वालों के बयान दर्ज करने के बाद इस पहलू की भी जाँच की जाएगी।
मिपी सरकारी प्रोजेक्ट्स के बारे में सवाल उठाने के लिए 'सूचना का अधिकार अधिनियम' (RTI) का इस्तेमाल करने के लिए जाने जाते थे। उन्होंने कई प्रोजेक्ट्स में कथित अनियमितताओं को उजागर किया था, जिनमें दिबांग वैली के दो ज़िलों में 'जल जीवन मिशन' के तहत चल रहे प्रोजेक्ट्स भी शामिल थे।
10 अगस्त को मिपी ने सोशल मीडिया पर दिबांग वैली में वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) को लेकर भी चिंता जताई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि बड़ी संख्या में ऐसे लोगों को शामिल किया गया है जो अरुणाचल प्रदेश की अनुसूचित जनजाति (APST) से नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी दी थी कि इससे भविष्य में 'जेरीमेंडरिंग' (राजनीतिक फ़ायदे के लिए चुनावी क्षेत्रों की सीमाओं में हेरफेर) की चिंताएँ पैदा हो सकती हैं।
उन्होंने 'सियांग अपर मल्टीपर्पज़ प्रोजेक्ट' (SUMP) का भी विरोध किया था। उन्होंने स्थानीय निवासियों के विरोध के बावजूद अधिकारियों द्वारा 'प्री-फ़िजिबिलिटी रिपोर्ट' तैयार करने की कोशिशों पर सवाल उठाए थे।
मिपी ने पर्यावरण नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (कोलकाता) में नेशनल हाईवेज़ एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHIDCL) और NH-313 से जुड़े EPC कॉन्ट्रैक्टर्स के ख़िलाफ़ याचिका भी दायर की थी।
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