अरुणाचल प्रदेश

Arunachal : बाढ़ और भूस्खलन का कहर, 97 हजार से अधिक लोग प्रभावित, सात की मौत

Kavita2
13 July 2026 2:02 PM IST
Arunachal : बाढ़ और भूस्खलन का कहर, 97 हजार से अधिक लोग प्रभावित, सात की मौत
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अरुणाचल प्रदेश : लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के कई जिलों में अचानक आई बाढ़ और लैंडस्लाइड ने जनजीवन को प्रभावित किया है। भारी बारिश के चलते सड़क संपर्क बाधित हुआ है और कई जगहों पर सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।

राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, राज्य में जारी बाढ़ और बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 97 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, सोमवार सुबह कुरुंग कुमे जिले के ऊपरी इलाकों में कुमे नदी के जलग्रहण क्षेत्र में हुई भारी बारिश के कारण अचानक बाढ़ आ गई। इस बाढ़ का सबसे अधिक असर पारसी-पारलो सर्कल और दामिन सबडिवीजन में देखने को मिला, जहां कई इलाकों में नुकसान हुआ है।

दामिन सबडिवीजन में बाढ़ के कारण हुरी और दामिन को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण पुल बह गया। पुल के क्षतिग्रस्त होने से दोनों क्षेत्रों के बीच सड़क संपर्क पूरी तरह प्रभावित हो गया है। स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

वहीं, पारसी-पारलो सर्कल में भी बाढ़ से कई संरचनाओं को नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों के अनुसार, यहां इंस्पेक्शन बंगला पानी में डूब गया। इसके अलावा दो घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है और एक चर्च भी प्रभावित हुआ है। पैगाम गांव को जोड़ने वाला पुल भी बाढ़ के तेज बहाव में बह गया, जिससे ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

लगातार बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आई हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कों पर मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर सड़कें बंद होने से लोगों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है।

प्रशासन ने प्रभावित जिलों में राहत एवं बचाव टीमों को सक्रिय कर दिया है। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रभावित लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

अधिकारियों ने बताया कि मौसम की स्थिति को देखते हुए राहत कार्यों में लगातार बदलाव किए जा रहे हैं। जिन इलाकों में सड़क संपर्क टूट गया है, वहां पहुंचने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और नदी-नालों के पास जाने से बचने की अपील की है।

अरुणाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य में मानसून के दौरान बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं आम चुनौती रहती हैं। लगातार बारिश से मिट्टी कमजोर हो जाती है, जिससे पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति बन जाती है।

राज्य सरकार ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी सेवाओं को बहाल करने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई इलाकों में सड़क और पुलों के क्षतिग्रस्त होने से रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं, खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी सुविधाओं तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

फिलहाल मौसम विभाग की ओर से भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश की संभावना जताई जा रही है, ऐसे में प्रशासन ने सभी जिलों को अलर्ट पर रखा है। राहत और बचाव एजेंसियां किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।

राज्य में बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालना, सड़क संपर्क बहाल करना और जरूरी सेवाओं को जल्द से जल्द सामान्य करना है।

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