अरुणाचल प्रदेश

Arunachal और असम ने सीमा स्तंभों की स्थापना के लिए संयुक्त सीमा सर्वेक्षण किया

Kavita2
2 May 2026 4:48 PM IST
Arunachal और असम ने सीमा स्तंभों की स्थापना के लिए संयुक्त सीमा सर्वेक्षण किया
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Arunachal Pradesh अरुणाचल प्रदेश: अरुणाचल प्रदेश और असम के बीच सीमा विवादों के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तहत दोनों राज्यों के अधिकारियों और सर्वे ऑफ इंडिया की टीम ने संयुक्त रूप से जियोस्पेशियल निर्देशांकों का सत्यापन किया। यह प्रक्रिया 30 अप्रैल (गुरुवार) से शुरू हुई और 1 मई तक जारी रही, जिसमें पूर्वी सियांग सीमा क्षेत्र में विस्तृत सर्वेक्षण किया गया। अरुणाचल प्रदेश के जन स्वास्थ्य इंजीनियरिंग और जल आपूर्ति मंत्री मामा नटुंग ने शनिवार को इसकी जानकारी साझा की।

मंत्री मामा नटुंग ने बताया कि सर्वे ऑफ इंडिया की एक विशेष टीम ने अरुणाचल प्रदेश और असम दोनों राज्यों के अधिकारियों के साथ मिलकर पूर्वी सियांग सीमा पर जियोस्पेशियल निर्देशांकों का संयुक्त सत्यापन किया। यह कार्य KML डेटा के आधार पर किया गया, जिससे सीमा निर्धारण में तकनीकी सटीकता सुनिश्चित की जा सके।

पहले चरण में सर्वेक्षण टीम ने लगभग 19 स्थानों की पहचान की, जहां सीमा स्तंभ स्थापित किए जाने हैं। यह कार्य सियांग नदी के दाहिने किनारे से ओयान-जम्पानी क्षेत्र की ओर किया गया और आगे इसे डेपी गांव तक विस्तारित किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, यह प्रक्रिया वैज्ञानिक तरीके से की जा रही है ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार के सीमा विवाद की संभावना को कम किया जा सके।

मामा नटुंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवादों को सुलझाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि 30 अप्रैल और 1 मई को हुई संयुक्त प्रक्रिया के दौरान जम्पानी से रुक्सिन चेक गेट तक के निर्देशांकों का सफलतापूर्वक सत्यापन किया गया।

उन्होंने यह भी बताया कि ओयान पुल क्षेत्र में कुछ छोटे तकनीकी मुद्दे सामने आए हैं, जिन्हें दूर किया जा रहा है, लेकिन कुल मिलाकर कार्य की प्रगति संतोषजनक है। मंत्री के अनुसार, इस वैज्ञानिक दृष्टिकोण से आगामी समय में सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा सीमा स्तंभों की स्थापना और अधिक सटीक एवं विवाद-रहित तरीके से की जा सकेगी।

इस पूरे सर्वेक्षण अभियान के दौरान असम और अरुणाचल प्रदेश दोनों राज्यों के अधिकारी, सर्वे ऑफ इंडिया के विशेषज्ञ प्रतिनिधि और तकनीकी टीम मौके पर मौजूद रही। अधिकारियों ने बताया कि पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से संपन्न हुई और किसी भी पक्ष की ओर से कोई आपत्ति या बाधा सामने नहीं आई।

इस पहल को दोनों राज्यों के बीच लंबे समय से चल रहे सीमा मुद्दों के समाधान की दिशा में एक सकारात्मक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि इस तरह के संयुक्त वैज्ञानिक प्रयास भविष्य में सीमा विवादों को स्थायी रूप से हल करने में मदद करेंगे और क्षेत्र में स्थायी शांति और स्पष्टता सुनिश्चित करेंगे।

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