अरुणाचल प्रदेश

अरुणाचल: 2019 से 5,836 सरकारी नौकरियों की सिफारिश

Tara Tandi
17 Oct 2026 7:00 PM IST
अरुणाचल: 2019 से 5,836 सरकारी नौकरियों की सिफारिश
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अरुणाचल: मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने 16 अक्टूबर को बताया कि अरुणाचल प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड (APSSB) ने 2019 से सितंबर 2026 के बीच आयोजित 38 परीक्षाओं के जरिए सरकारी नियुक्तियों के लिए 5,836 उम्मीदवारों की सिफारिश की है। उन्होंने पारदर्शिता और योग्यता-आधारित भर्ती को मजबूत करने की बोर्ड की कोशिशों का जिक्र किया।
सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो संदेश में, खांडू ने कहा कि बोर्ड की स्थापना 2018 में की गई थी, ताकि ग्रुप C और D पदों के लिए एक व्यवस्थित भर्ती प्रणाली बनाई जा सके। इसका मकसद उम्मीदवारों को समान अवसर देना और योग्यता के आधार पर उनका चयन सुनिश्चित करना है।
सरकारी भर्ती का मतलब सिर्फ परीक्षाएं और रिक्तियां नहीं हैं। हर परीक्षा के पीछे किसी युवा की कड़ी मेहनत छिपी होती है। मुख्यमंत्री ने 'X' (ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, "हर खाली पद के पीछे एक परिवार की उम्मीद जुड़ी होती है।"
उन्होंने माना कि 2020 में सामने आया 'नौकरी के बदले पैसे' (कैश-फॉर-जॉब) वाला मामला राज्य के युवाओं के लिए एक कठिन दौर था। उन्होंने कहा कि इस अनुभव से यह बात साफ हो गई कि भर्ती प्रक्रिया को और अधिक सख्त और पारदर्शी बनाने की जरूरत है।
अपनी स्थापना के बाद से, APSSB ने अपनी परीक्षा प्रणाली का विस्तार किया है। इसमें अब कई तरह की भर्तियां शामिल हैं, जैसे- कंबाइंड लिमिटेड डिपार्टमेंटल कॉम्पिटिटिव एग्जामिनेशन, कॉमन ग्रेजुएट लेवल एग्जामिनेशन, नॉन-मिनिस्टीरियल टेक्निकल एग्जामिनेशन, और कॉमन हायर सेकेंडरी लेवल व सेकेंडरी लेवल की परीक्षाएं।
खांडू ने बोर्ड को मिले ISO सर्टिफिकेशन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह इस बात को दर्शाता है कि बोर्ड पारदर्शिता, निष्पक्षता और योग्यता (मेरिट) के आधार पर चयन करने पर कितना जोर देता है।
उन्होंने कहा, "हमारा संकल्प है कि हर उम्मीदवार को समान अवसर मिले और एक ऐसी भर्ती प्रणाली तैयार हो जो योग्यता, ईमानदारी और जनता के भरोसे पर टिकी हो।"
बोर्ड की प्रगति पर बात करते हुए खांडू ने कहा कि यह संस्था अब केवल सरकारी भर्तियों में निष्पक्षता सुनिश्चित करने तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि एक ऐसे मंच के रूप में विकसित हो गई है, जिसके जरिए हजारों युवा सार्वजनिक सेवा (पब्लिक सर्विस) में अपना करियर बना सकते हैं।
उन्होंने कहा, "एक दशक, एक भरोसा।" उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में जनता का विश्वास बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया।
APSSB का गठन 'अरुणाचल प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड अधिनियम, 2018' के तहत किया गया था। इसका काम सरकारी विभागों और राज्य के अन्य संगठनों में 'सबऑर्डिनेट सर्विस' (अधीनस्थ सेवाओं) और 'ग्रुप C' के पदों के लिए परीक्षाएं आयोजित करना और उम्मीदवारों का चयन करना है।
हालांकि, फरवरी 2020 में बोर्ड की भर्ती प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई। लोअर डिविजनल क्लर्क और जूनियर सचिवालय सहायक के पदों के लिए हुई परीक्षा में कथित अनियमितताओं के कारण पुलिस जांच शुरू हुई। बाद में, राज्य पुलिस के 'स्पेशल इन्वेस्टिगेशन सेल' ने इस मामले में कथित तौर पर शामिल 19 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
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