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ताडेपल्ली। YSRCP कर्मचारी विंग के राज्य अध्यक्ष एन. चंद्रशेखर रेड्डी ने शुक्रवार को आंध्र प्रदेश की गठबंधन सरकार पर वेतन संशोधन आयोग (PRC) के मामले में कर्मचारियों के साथ वादाखिलाफी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनावी घोषणा-पत्र में बेहतर PRC और तत्काल अंतरिम राहत देने का वादा किया गया था, लेकिन सरकार बनने के ढाई साल से अधिक समय बाद भी इस दिशा में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने अक्टूबर से कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनभोगियों को 30 प्रतिशत अंतरिम राहत देने की मांग की।
चंद्रशेखर रेड्डी ने एक बयान में कहा कि सरकार के सत्ता में आने के बाद पुराने PRC कमिश्नर से इस्तीफा दिलाया गया और नया आयोग गठित करने में करीब ढाई साल का समय लग गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब नया आयोग बनाने में इतना समय लग चुका है तो अब उसे रिपोर्ट सौंपने के लिए एक और साल देने का क्या औचित्य है।
उन्होंने कहा कि अगर नए आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए एक साल का अतिरिक्त समय दिया जाता है तो पूरी प्रक्रिया करीब चार साल तक खिंच जाएगी। इससे कर्मचारियों को वेतन संशोधन का लाभ मिलने में और देरी होगी। उन्होंने सरकार से इस प्रक्रिया में तेजी लाने और समय सीमा को कम करने की मांग की।
YSRCP नेता ने कहा कि कर्मचारी संगठनों के साथ बातचीत करके PRC रिपोर्ट को तीन से चार महीनों में पूरा किया जा सकता है। इसके लिए सरकार को कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा करनी चाहिए और उनकी मांगों तथा सुझावों को शामिल करते हुए जल्द रिपोर्ट तैयार करने की दिशा में कदम उठाने चाहिए।
चंद्रशेखर रेड्डी ने सरकार से संबंधित सरकारी आदेश यानी GO में संशोधन करने की मांग भी की। उनका कहना है कि आयोग को रिपोर्ट तैयार करने के लिए दी गई लंबी समय सीमा को कम किया जाना चाहिए, ताकि कर्मचारियों को PRC के लाभ के लिए लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े।
उन्होंने कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनभोगियों के लिए अक्टूबर से 30 प्रतिशत अंतरिम राहत यानी IR देने की मांग की। उनका कहना है कि जब तक नया PRC लागू नहीं हो जाता, तब तक कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को अंतरिम राहत दी जानी चाहिए।
चंद्रशेखर रेड्डी ने PRC से मिलने वाले लाभों की प्रभावी तारीख को लेकर भी सरकार से स्पष्टता मांगी। उन्होंने कहा कि 2023 से देय PRC लाभों के बारे में स्थिति साफ की जानी चाहिए। उन्होंने आशंका जताई कि अगर लागू होने की तारीख को आगे बढ़ाया गया तो कर्मचारियों को बकाया राशि के लाभ से वंचित होना पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनभोगियों को मिलने वाले सभी वित्तीय लाभों को लेकर स्पष्ट रोडमैप घोषित करने की मांग की।
YSRCP कर्मचारी विंग के अध्यक्ष ने लंबित वित्तीय देनदारियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि कर्मचारियों से जुड़ी विभिन्न मदों में बड़ी राशि लंबित है। उनके अनुसार सरकार को केवल महंगाई भत्ते की कुछ किस्तों को जारी करने के प्रचार तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की सभी लंबित वित्तीय मांगों पर समग्र रूप से फैसला लेना चाहिए।
दूसरी ओर, आंध्र प्रदेश सरकार ने सितंबर में सरकारी कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर कई फैसलों की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद 12वें वेतन संशोधन आयोग की नियुक्ति, लंबित महंगाई भत्ते की दो किस्तें जारी करने और जनवरी 2027 से अतिरिक्त पेंशन लाभ लागू करने से संबंधित निर्णयों की जानकारी दी थी। सरकार की ओर से कर्मचारियों को प्रशासन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उनकी मांगों पर हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया गया था।
इसके बावजूद YSRCP कर्मचारी विंग का कहना है कि PRC और अंतरिम राहत के मामले में और तेजी से कदम उठाए जाने की जरूरत है। चंद्रशेखर रेड्डी ने दावा किया कि चुनाव से पहले कर्मचारियों को बेहतर PRC और तत्काल अंतरिम राहत का भरोसा दिया गया था, इसलिए अब सरकार को इन वादों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वेतन संशोधन का मामला सीधे कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनभोगियों के आर्थिक हितों से जुड़ा हुआ है। ऐसे में प्रक्रिया को लंबे समय तक खींचने के बजाय कर्मचारी संगठनों के साथ बातचीत करके जल्द समाधान निकाला जाना चाहिए।
चंद्रशेखर रेड्डी ने सरकार से नया PRC तैयार करने की प्रक्रिया में तेजी लाने, सरकारी आदेश में आवश्यक संशोधन करने और रिपोर्ट तैयार करने की अवधि को कम करने की मांग की। उन्होंने कहा कि तीन से चार महीने के भीतर कर्मचारी संगठनों से विचार-विमर्श कर रिपोर्ट तैयार की जा सकती है।
YSRCP नेता ने दोहराया कि अक्टूबर से 30 प्रतिशत अंतरिम राहत की घोषणा की जानी चाहिए। उन्होंने कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनभोगियों से जुड़े वित्तीय लाभों और बकाया राशि को लेकर भी सरकार से स्पष्ट नीति सामने रखने की मांग की।
PRC को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच अब कर्मचारियों के वित्तीय हितों का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया है। एक तरफ सरकार ने 12वें वेतन संशोधन आयोग सहित कर्मचारी हितों से जुड़े कदमों की घोषणा की है, वहीं दूसरी तरफ YSRCP कर्मचारी विंग ने प्रक्रिया की समय सीमा पर सवाल उठाते हुए इसे जल्द पूरा करने और अक्टूबर से 30 प्रतिशत अंतरिम राहत देने की मांग की है।
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