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आंध्र प्रदेश
नारा लोकेश के इस्तीफे की मांग YSRCP ने उठाए भर्ती पर सवाल
Ratna Netam
22 Sept 2026 9:24 PM IST

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विजयवाड़ा। आंध्र प्रदेश में Mega DSC-2025 शिक्षक भर्ती को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। YSR कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने भर्ती प्रक्रिया, खासकर स्पोर्ट्स कोटा के तहत हुई नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं को लेकर शिक्षा मंत्री नारा लोकेश से जवाब मांगा है। पार्टी ने मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से स्वतंत्र जांच कराने और जांच के दौरान लोकेश के इस्तीफे की मांग दोहराई है। दूसरी ओर सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (TDP) आरोपों को खारिज करते हुए कहती रही है कि भर्ती नियमों के अनुसार हुई है।YSRCP के प्रवक्ता यानमला नागार्जुन यादव ने पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान आरोप लगाया कि Mega DSC भर्ती के अलग-अलग चरणों को लेकर अभ्यर्थियों के बीच सवाल बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को भरोसा है कि पूरी भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और नियमों के अनुसार हुई है तो उसे CBI जांच से आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
नारा लोकेश से मांगा जवाब
YSRCP प्रवक्ता ने शिक्षा मंत्री नारा लोकेश को निशाने पर लेते हुए कहा कि उन्हें बेरोजगार युवाओं और शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों द्वारा उठाए जा रहे सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने मांग की कि लोकेश अपने पद से इस्तीफा देकर स्वतंत्र जांच का सामना करें।Mega DSC को लेकर YSRCP की ओर से यह मांग पहली बार नहीं उठाई गई है। पार्टी के कई नेताओं ने पिछले महीनों में भर्ती में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए CBI जांच की मांग की है। पार्टी अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने भी सितंबर में स्पोर्ट्स कोटा नियुक्तियों को लेकर सवाल उठाए और स्वतंत्र जांच की मांग की थी।हालांकि इन आरोपों को अभी किसी स्वतंत्र जांच या अदालत के अंतिम निष्कर्ष से साबित नहीं माना जा सकता।
भर्ती के कई चरणों पर YSRCP के सवाल
नागार्जुन यादव ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों को लेकर संदेह पैदा हुआ है। पार्टी इससे पहले कथित प्रश्नपत्र लीक, मेरिट लिस्ट, स्पोर्ट्स कोटा प्रमाणपत्र, चयन और नियुक्तियों से संबंधित सवाल उठाती रही है।YSRCP नेताओं का आरोप है कि कुछ उम्मीदवारों को कथित रूप से संदिग्ध या फर्जी स्पोर्ट्स प्रमाणपत्रों के आधार पर शिक्षक पद मिले, जबकि पात्र उम्मीदवारों को अवसर नहीं मिला। पार्टी ने सरकार से स्पोर्ट्स कोटा में चयनित उम्मीदवारों की पात्रता और प्रमाणपत्रों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।इस विवाद में सत्तारूढ़ पक्ष का कहना है कि चयन निर्धारित नियमों के तहत किया गया और विपक्ष के आरोप गलत हैं। स्पोर्ट्स कोटा से नियुक्त शिक्षकों के एक समूह ने भी आरोपों का विरोध करते हुए कहा है कि उनके चयन को गलत तरीके से विवाद में खींचा जा रहा है।
SAAP कार्यालय के बाहर हुआ था प्रदर्शन
Mega DSC स्पोर्ट्स कोटा भर्ती विवाद को लेकर सोमवार को विजयवाड़ा स्थित Sports Authority of Andhra Pradesh (SAAP) कार्यालय के बाहर YSRCP नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था। पार्टी की मांग थी कि कथित अनियमितताओं की CBI जांच कराई जाए।पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी और SAAP कार्यालय के पास बैरिकेड लगाए गए थे। इसके बावजूद YSRCP कार्यकर्ता वहां पहुंचे। इसी दौरान स्पोर्ट्स कोटा के तहत नियुक्त शिक्षकों का एक समूह भी वहां मौजूद था और उसने भर्ती में गड़बड़ी के आरोपों का विरोध किया। दोनों पक्षों की मौजूदगी से स्थिति तनावपूर्ण हो गई।रिपोर्टों के अनुसार प्रदर्शनकारियों के बैरिकेड पार करने की कोशिश के दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। बाद में पुलिस ने लाठीचार्ज किया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
हमले के आरोप पर अलग-अलग दावे
YSRCP ने आरोप लगाया कि स्पोर्ट्स कोटा उम्मीदवारों या नियुक्त शिक्षकों के रूप में मौजूद कुछ लोगों ने उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हमला किया। पार्टी नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि यह सब पुलिस की मौजूदगी में हुआ।दूसरी तरफ उपलब्ध स्वतंत्र रिपोर्टों में घटनास्थल पर YSRCP समर्थकों और स्पोर्ट्स कोटा से नियुक्त शिक्षकों के प्रतिद्वंद्वी प्रदर्शन तथा पुलिस कार्रवाई का उल्लेख है। इसलिए किस पक्ष ने हिंसा शुरू की और व्यक्तिगत हमलों के लिए कौन जिम्मेदार था, इस पर YSRCP के आरोपों को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
‘Gen Z’ युवाओं का मुद्दा उठाया
नागार्जुन यादव ने अपने बयान में ‘Gen Z’ युवाओं, छात्रों और नौकरी के उम्मीदवारों का जिक्र करते हुए दावा किया कि सरकार उनके बढ़ते विरोध से परेशान है। उनका कहना था कि रोजगार और सरकारी भर्ती में पारदर्शिता युवाओं के लिए बड़ा मुद्दा बन गई है।उन्होंने कहा कि सवाल पूछने वाले उम्मीदवारों को जवाब देने के बजाय सरकार को भर्ती से संबंधित दस्तावेज और चयन प्रक्रिया सार्वजनिक करके स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।YSRCP इससे पहले भी जिला स्तर पर DSC परिणाम, उम्मीदवारों के अंक, हॉल टिकट नंबर और कोटा से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग कर चुकी है।
स्पोर्ट्स कोटा बना विवाद का प्रमुख केंद्र
Mega DSC विवाद में सबसे ज्यादा चर्चा स्पोर्ट्स कोटा नियुक्तियों की हो रही है। YSRCP नेताओं ने कुछ प्रमाणपत्रों की वैधता और पात्रता को लेकर सवाल उठाए हैं।18 सितंबर को YSRCP नेता टीजेआर सुधाकर बाबू ने भी आरोप लगाया था कि कुछ उम्मीदवारों के खेल प्रमाणपत्रों और उनके सत्यापन की समयसीमा में विसंगतियां हैं। उन्होंने सरकार से स्पोर्ट्स कोटा नियुक्तियों का जिलेवार विवरण जारी करने की मांग की थी। ये पार्टी द्वारा लगाए गए आरोप हैं और संबंधित उम्मीदवारों तथा सरकार की ओर से इनका विरोध किया गया है।
TDP ने आरोपों को किया खारिज
विवाद के बीच सत्तारूढ़ TDP ने YSRCP के आरोपों को स्वीकार नहीं किया है। रिपोर्टों के अनुसार TDP का कहना है कि स्पोर्ट्स कोटा सहित शिक्षक भर्ती नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार हुई है। पार्टी ने विपक्ष पर भर्ती प्रक्रिया को लेकर गलत प्रचार करने का आरोप लगाया है।इस वजह से मामला अब केवल भर्ती प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि आंध्र प्रदेश में सरकार और विपक्ष के बीच बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है।
CBI जांच की मांग पर अड़ी YSRCP
YSRCP का कहना है कि सरकारी विभागों की आंतरिक जांच से विवाद समाप्त नहीं होगा और निष्पक्षता के लिए CBI जैसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच जरूरी है। पार्टी के नेताओं ने पिछले कुछ महीनों में अलग-अलग मौकों पर यही मांग दोहराई है।नागार्जुन यादव ने कहा कि अगर सरकार भर्ती को पूरी तरह पारदर्शी मानती है तो स्वतंत्र जांच से स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। वहीं सरकार और सत्तारूढ़ दल आरोपों को खारिज करते रहे हैं।ऐसे में Mega DSC-2025 भर्ती विवाद में अब मुख्य सवाल स्पोर्ट्स कोटा उम्मीदवारों की पात्रता, प्रमाणपत्रों के सत्यापन और पूरी चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़े हैं। इन आरोपों की वास्तविकता किसी स्वतंत्र जांच या न्यायिक निष्कर्ष के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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