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नई विश्व व्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए विजाग निवेश शिखर सम्मेलन

12 और 13 नवंबर को होने वाले 31वें CII पार्टनरशिप समिट के साथ, विशाखापत्तनम व्यापार और निवेश साझेदारी के लिए एक वैश्विक मंच के रूप में उभरने के लिए तैयार है। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में 59 देशों, 15 विदेश मंत्रियों और 1,250 से अधिक प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है।
'नेविगेटिंग न्यू वर्ल्ड ऑर्डर: ट्रेड, टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट' (नई विश्व व्यवस्था की ओर: व्यापार, प्रौद्योगिकी, विश्वास) थीम वाले इस दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में दुनिया भर से सरकारी प्रतिनिधि, उद्योग जगत के नेता, अंतरराष्ट्रीय संगठन, निवेशक और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ एक साथ आएंगे। इस शिखर सम्मेलन में व्यापार, प्रौद्योगिकी, वैश्विक सहयोग, खाद्य सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा जैसे प्रमुख विषयों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को एक बैठक में CII पार्टनरशिप समिट-2026 की तैयारियों, प्रस्तावित एजेंडे, चर्चा के मुख्य बिंदुओं और घोषणाओं की समीक्षा की। इस बैठक में वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और CII के प्रतिनिधियों (जिसमें CII के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी भी शामिल थे) ने हिस्सा लिया।
नायडू ने इस बात पर जोर दिया कि विशाखापत्तनम शिखर सम्मेलन को वैश्विक समुदाय के सामने विभिन्न क्षेत्रों में आंध्र प्रदेश की निवेश क्षमता को प्रदर्शित करना चाहिए। उन्होंने नीति निर्माताओं, निवेशकों, उद्योगों, शैक्षणिक संस्थानों और स्टार्टअप्स को एक साझा मंच पर लाने और चर्चाओं को ठोस व्यावसायिक व तकनीकी साझेदारियों में बदलने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य आंध्र प्रदेश के उद्योगों को वैश्विक बाजारों से जोड़ना और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए नए व्यावसायिक अवसर पैदा करना होना चाहिए। इसके साथ ही, राज्य में तकनीकी सहयोग बढ़ाने और यहां के युवाओं के कौशल व प्रतिभा के लिए अंतरराष्ट्रीय अवसर उपलब्ध कराने की क्षमता को भी उजागर किया जाना चाहिए।
उन्होंने राज्य की नीतिगत पहलों को वैश्विक दर्शकों के सामने पेश करने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिसमें एस्क्रो खाते के माध्यम से औद्योगिक प्रोत्साहन (incentives) का भुगतान और 'स्पीड ऑफ डूइंग बिजनेस' (व्यापार करने की सुगमता) ढांचा शामिल है।
नायडू ने हरित ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर और अन्य उभरते क्षेत्रों में निवेश के अवसरों के व्यापक प्रचार-प्रसार का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश को कई लाभ प्राप्त हैं, जिनमें प्रगतिशील नीतियां, कुशल पेशेवर, बुनियादी ढांचा, ज्ञान संसाधन और मजबूत नेतृत्व शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार समुदाय तक यह संदेश पहुंचाना महत्वपूर्ण है कि आंध्र प्रदेश में निवेश करना सुरक्षित और आसान दोनों है। सिंगापुर, नेपाल, कंबोडिया, म्यांमार, संयुक्त अरब अमीरात, कनाडा, स्लोवाक गणराज्य, मॉरीशस, मोज़ाम्बिक, मिस्र, अल्जीरिया, तंजानिया और ग्वाटेमाला के सरकारी प्रतिनिधिमंडल इसमें हिस्सा ले सकते हैं।
दो दिवसीय इस कार्यक्रम में विभिन्न देशों के राजदूत और अंतरराष्ट्रीय संगठनों - जैसे वर्ल्ड फूड प्रोग्राम, एशियन डेवलपमेंट बैंक और यूनाइटेड नेशंस एनवायरनमेंट प्रोग्राम - के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
कंपनियों के बीच साझेदारी और व्यावसायिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए लगभग 400 बिज़नेस-टू-बिज़नेस (B2B) बैठकें आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा, उद्योगों को सरकारी प्रतिनिधियों के साथ सीधे बातचीत करने का मौका देने के लिए बिज़नेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) बैठकें भी रखी जाएंगी।





