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आंध्र प्रदेश
स्थानीय निकाय चुनावों पर बवाल जगन मोहन रेड्डी ने लगाए गंभीर आरोप
Ratna Netam
23 Oct 2026 3:40 PM IST

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अमरावती। आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के अध्यक्ष वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनदेखी कर रही है और स्थानीय निकाय चुनावों में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। जगन मोहन रेड्डी ने आरोप लगाया कि विपक्षी उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने से रोकने के लिए हिंसा, धमकी और प्रशासनिक दबाव का सहारा लिया जा रहा है।शुक्रवार को मीडिया से बातचीत करते हुए जगन मोहन रेड्डी ने स्थानीय निकाय चुनावों में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि जिस तरह से चुनावी प्रक्रिया संचालित की जा रही है, उससे लोकतंत्र की मूल भावना को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ गठबंधन के प्रभाव में विपक्षी उम्मीदवारों के अधिकारों का हनन हो रहा है और प्रशासन निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहा है।
चुनावों में केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग
जगन मोहन रेड्डी ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों की निगरानी के लिए न्यायालय की ओर से एक एमिकस क्यूरी यानी न्यायालय मित्र नियुक्त किया जाना चाहिए। इसके अलावा चुनाव के दौरान केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती और पूरी प्रक्रिया की सीसीटीवी निगरानी कराई जानी चाहिए।उनका कहना है कि इन कदमों से चुनावों में पारदर्शिता बढ़ेगी और उम्मीदवारों को भयमुक्त वातावरण में चुनाव लड़ने का अवसर मिल सकेगा। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा परिस्थितियों में निष्पक्ष चुनाव कराना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
वाईएसआरसीपी उम्मीदवारों पर हमले का आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जिला परिषद क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों (ZPTC) और मंडल परिषद क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों (MPTC) के चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया के दौरान कई स्थानों पर हिंसक घटनाएं हुईं।उन्होंने दावा किया कि वाईएसआरसीपी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोकने की कोशिश की गई। कुछ स्थानों पर उम्मीदवारों के साथ मारपीट की गई, जबकि महिला उम्मीदवारों को भी कथित तौर पर धमकियों का सामना करना पड़ा।जगन मोहन रेड्डी के अनुसार, कई उम्मीदवारों के नामांकन पत्र छीनकर फाड़ दिए गए। उन्होंने पुलिस पर भी एक पक्ष का समर्थन करने का आरोप लगाया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
चुनावी हिंसा के सबूत वाली किताब जारी
जगन मोहन रेड्डी ने इस दौरान 'पचामुकला दादुलु' नाम की एक किताब भी जारी की। उन्होंने दावा किया कि किताब में चुनाव के दौरान वाईएसआरसीपी उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं पर हुए कथित हमलों के चित्रों सहित प्रमाण मौजूद हैं।उन्होंने बताया कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाने वाले लोगों को इस किताब का क्यूआर कोड उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे संबंधित सामग्री देख सकें। इसके अलावा किताब में दर्ज जानकारियों और साक्ष्यों को अदालतों के समक्ष पेश करने की भी बात कही गई है।
लोकतंत्र और संवैधानिक व्यवस्था पर उठाए सवाल
जगन मोहन रेड्डी ने आरोप लगाया कि सरकार की कथित मनमानी के कारण राज्य में संवैधानिक संकट जैसी स्थिति उत्पन्न हो रही है। उनका कहना है कि उम्मीदवारों को स्वतंत्र रूप से नामांकन करने और चुनाव लड़ने का अधिकार मिलना चाहिए।इस बीच राज्य में स्थानीय निकाय चुनावों का कार्यक्रम भी घोषित हो चुका है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 100 शहरी स्थानीय निकायों के लिए 28 अक्टूबर को मतदान और 30 अक्टूबर को मतगणना होगी। वहीं एमपीटीसी और जेडपीटीसी चुनाव 3 नवंबर को होने हैं।सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं ने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बताते हुए खारिज किया है। ऐसे में स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना है।
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