आंध्र प्रदेश

ट्रेन की चपेट में आए दो हाथी के बच्चे, मौके पर मौत

Tara Tandi
29 Oct 2026 7:27 PM IST
ट्रेन की चपेट में आए दो हाथी के बच्चे, मौके पर मौत
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आंध्र प्रदेश: गुरुवार को आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में एक ट्रेन की चपेट में आने से हाथियों के दो बच्चों की मौत हो गई। यह घटना गुरुवार तड़के डी. हिरेहाल मंडल के कल्याण गांव के पास रेलवे ट्रैक पर हुई। उप मुख्यमंत्री और वन एवं पर्यावरण मंत्री पवन कल्याण ने इस घटना पर दुख जताया है।
उन्होंने कल्याणदुर्ग वन रेंज के अंतर्गत रायदुर्गम बीट और सेक्शन क्षेत्र में हुई इस दुर्घटना के बारे में वन विभाग के अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ऐसे विशेष उपाय करें, जिससे वन क्षेत्रों से गुजरने वाले रेलवे मार्गों पर वन्यजीव दुर्घटनाओं का शिकार न हों।
उप मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने कहा कि वन विभाग और रेलवे विभाग को आपसी समन्वय के साथ काम करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएं दोबारा न हों। उन्होंने इसी मार्ग पर पहले हुई एक घटना का जिक्र किया, जिसमें एक तेंदुआ ट्रेन दुर्घटना में मारा गया था। उन्होंने निर्देश दिए कि वन क्षेत्रों से गुजरने वाली ट्रेनों के लोको पायलट वन्यजीव संरक्षण के लिए बनाई गई गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करें।
हाल ही में हुई इस घटना के संबंध में, उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे स्थानीय रेलवे विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक समन्वय बैठक करें और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि वन क्षेत्रों से ट्रेनों के गुजरने के दौरान वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा की जानी चाहिए।
पवन कल्याण ने कहा कि इन क्षेत्रों से गुजरने वाली ट्रेनों को चलाते समय लोको पायलटों को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि ट्रेनों को चलाते समय रेलवे ट्रैक पर सतर्क नजर रखनी चाहिए, खासकर उन इलाकों में जहां वन्यजीवों की आवाजाही अधिक होती है। साथ ही, वन मार्गों पर ट्रेनों की गति नियंत्रित होनी चाहिए और वन्यजीवों को दुर्घटनाओं से बचाने के लिए जरूरी जगहों पर नियमित रूप से हॉर्न बजाया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि रेलवे विभाग इन मार्गों पर ट्रेन चलाने वाले लोको पायलटों को वन्यजीवों की आवाजाही, उनके संरक्षण और दुर्घटनाओं को रोकने के बारे में विशेष जागरूकता प्रशिक्षण दे। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे स्थानीय रेलवे अधिकारियों के साथ मिलकर उन जगहों की पहचान करें जहां वन्यजीव रेलवे ट्रैक पार करते हैं, और उन इलाकों में सुरक्षा उपायों को लागू करने पर ध्यान दें।
उन्होंने पीसीसीएफ (PCCF) को यह भी निर्देश दिया कि वे रेलवे मार्गों पर वन्यजीवों के साथ होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के मुद्दे को संबंधित रेलवे महाप्रबंधक (जनरल मैनेजर) के संज्ञान में लाएं। उप मुख्यमंत्री ने बिजली के झटकों से हाथियों की लगातार हो रही मौतों के मुद्दे की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन जिलों में ऐसी घटनाएं अक्सर हो रही हैं, वहां संबंधित जिला कलेक्टरों के साथ-साथ कृषि, बागवानी, बिजली, पंचायत राज, ग्रामीण विकास और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के बीच समन्वय बैठकें आयोजित की जाएं, ताकि इन घटनाओं को रोकने के उपायों पर चर्चा की जा सके।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि बिजली के झटकों से हाथियों की मौत की समस्या का स्थायी समाधान तलाशा जाना चाहिए। उन्होंने वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे हर घटना की विस्तृत जांच करें और भविष्य में ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए सुधारात्मक कदम उठाएं। पवन कल्याण ने कहा कि बिजली विभाग के साथ समन्वय करके यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि वन्यजीवों की आवाजाही वाले इलाकों में बिजली की लाइनें पर्याप्त ऊंचाई पर हों। साथ ही, किसानों के बीच जागरूकता फैलाई जानी चाहिए ताकि वे वन्यजीवों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में अपनी फसलों के चारों ओर बिजली के तार (इलेक्ट्रिक फेंसिंग) न लगाएं।
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