आंध्र प्रदेश

जनजातीय विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ आजीविका और नेतृत्व भी विकसित करें: राष्ट्रपति मुर्मु

jantaserishta.com
30 Jun 2026 8:48 PM IST
जनजातीय विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ आजीविका और नेतृत्व भी विकसित करें: राष्ट्रपति मुर्मु
x
Visakhapatnam विशाखापत्तनम। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार को कहा कि आंध्र प्रदेश का केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय कई विशेष जिम्मेदारियां निभाने वाला संस्थान है। यह विश्वविद्यालय जनजातीय समाज में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और नीति निर्माण की सोच विकसित करने का केंद्र बनना चाहिए। विजयनगरम स्थित आंध्र प्रदेश केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि सामाजिक न्याय के उद्देश्य से स्थापित संस्थानों का दायित्व केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें जनजातीय समुदायों के बीच शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, आजीविका और वनाधिकार जैसे क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर भी काम करना चाहिए।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में यह विश्वविद्यालय वंचित और जनजातीय समुदायों के युवाओं के समग्र विकास के साथ-साथ पूरे क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा। राष्ट्रपति ने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों, विशेषकर जनजातीय विश्वविद्यालयों को ऐसे नवाचार आधारित तंत्र विकसित करने चाहिए, जो जनजातीय समुदायों की आजीविका को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि वन उपज, हस्तशिल्प, मोटे अनाज (मिलेट्स), औषधीय पौधों, ईको-टूरिज्म और स्थानीय उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर पैदा किए जाने चाहिए।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि दीक्षांत समारोह प्रत्येक छात्र के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। यह केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि भविष्य के लिए संकल्प लेने का भी समय है। उन्होंने विद्यार्थियों को तेजी से बदलते दौर में प्रासंगिक बने रहने के लिए कौशल विकास के नए क्षेत्रों पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि छात्रों को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपने आसपास के परिवेश से सीखते हुए व्यावहारिक कौशल विकसित करने चाहिए। साथ ही समाज और राष्ट्र के बेहतर भविष्य के लिए काम करते हुए अपनी संस्कृति, परंपराओं और समुदाय से जुड़े रहना चाहिए।
राष्ट्रपति ने कहा कि तेजी से विकसित हो रहे भारत में हमारी विरासत से जुड़े रहना और आधुनिक विज्ञान के लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से विश्वविद्यालय ने उत्तर आंध्र प्रदेश के जनजातीय समुदायों को सशक्त बनाने के लिए 'साइंस एंड टेक्नोलॉजी हब' की स्थापना की है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय जनजातीय कल्याण, सार्वजनिक स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन, खाद्य एवं पोषण सुरक्षा तथा ऊर्जा संरक्षण जैसे विषयों पर अकादमिक और जमीनी स्तर पर कार्य कर रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये प्रयास विकसित और समतामूलक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
राष्ट्रपति ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण पर आधारित समावेशी और व्यावहारिक शिक्षण पद्धति के माध्यम से आंध्र प्रदेश का केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय 'विकसित भारत' के लक्ष्य को हासिल करने में अहम योगदान देगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि आधुनिक शिक्षा के लाभों को जनजातीय समाज तक पहुंचाकर स्थानीय युवाओं को देश के संतुलित और समावेशी विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा।
इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और राज्य के मानव संसाधन विकास एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नारा लोकेश भी उपस्थित रहे।
jantaserishta.com

jantaserishta.com

भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।

    Next Story