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आंध्र प्रदेश
अर्नब के कहर से थमी ट्रेनों की रफ्तार, रेल यातायात प्रभावित
Ratna Netam
29 Oct 2026 6:04 PM IST

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भुवनेश्वर : 29 अक्टूबर 2026। चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के कारण ओडिशा और आंध्र प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। लगातार बारिश के चलते नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिसका असर रेलवे सेवाओं पर भी पड़ा है। पूर्व तट रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए विशाखापत्तनम और भुवनेश्वर के बीच कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का परिचालन प्रभावित होने की जानकारी दी है। गुरुवार को कुल नौ ट्रेनें रद्द की गई हैं, जबकि 14 अन्य ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों से चलाने का निर्णय लिया गया है।रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ओडिशा के गंजाम जिले में चक्रवात के प्रभाव से हुई अत्यधिक बारिश के कारण बहुदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। नदी में पानी बढ़ने से इच्छापुरम और झाडुपुडी के बीच स्थित रेलवे पुलों पर खतरा उत्पन्न हो गया है। विशाखापत्तनम रेल मंडल के इस महत्वपूर्ण रेलखंड पर पुल संख्या 631/01 और 630/01 के पास पानी खतरे के स्तर से ऊपर बह रहा है। ऐसे में किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकने के लिए रेल परिचालन प्रभावित किया गया है।पूर्व तट रेलवे की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, गंजाम जिले में चक्रवात के चलते लगभग 550 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। भारी बारिश का असर बहुदा नदी के साथ बघलाटी बांध के जलस्तर पर भी पड़ा है। बांध में पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के कारण आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। रेलवे प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संवेदनशील रेलखंड पर विशेष निगरानी शुरू कर दी है।
वंदे भारत और इंटरसिटी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें रद्द
रेलवे द्वारा रद्द की गई प्रमुख ट्रेनों में भुवनेश्वर-विशाखापत्तनम वंदे भारत एक्सप्रेस, भुवनेश्वर-विशाखापत्तनम इंटरसिटी एक्सप्रेस और भुवनेश्वर-सिकंदराबाद विशाखा एक्सप्रेस शामिल हैं। इसके अलावा ब्रह्मपुर-विशाखापत्तनम पैसेंजर, विशाखापत्तनम-भुवनेश्वर पैसेंजर, ब्रह्मपुर-विशाखापत्तनम एक्सप्रेस और हावड़ा-सिकंदराबाद फलकनुमा एक्सप्रेस भी प्रभावित हुई हैं।रेलवे की सूची के अनुसार, 29 अक्टूबर को भुवनेश्वर-जगदलपुर हीराखंड एक्सप्रेस को भी रद्द किया गया है, जबकि 30 अक्टूबर को जगदलपुर-भुवनेश्वर हीराखंड एक्सप्रेस रद्द रहेगी। इन बदलावों से ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों की परेशानियां बढ़ सकती हैं।
हावड़ा-चेन्नई रेल मार्ग पर भी पड़ा असर
चक्रवात के कारण हावड़ा-चेन्नई रेल मार्ग पर भी यातायात प्रभावित हुआ है। यह पूर्वी और दक्षिणी भारत को जोड़ने वाले प्रमुख रेल मार्गों में शामिल है। इस मार्ग पर ट्रेनों का परिचालन बाधित होने से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।रेलवे ने 14 ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों से चलाने का फैसला किया है। इनमें कुछ ट्रेनों को अंगुल, संबलपुर, रायगड़ा और विजयनगरम जैसे स्टेशनों से होकर भेजा जा रहा है। मार्ग परिवर्तन के कारण यात्रियों को अपने निर्धारित गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लग सकता है। अधिकारियों ने यात्रियों से यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेन की स्थिति की पुष्टि करने की अपील की है।
फंसे यात्रियों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था
रेलवे प्रशासन ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में फंसे यात्रियों की सहायता के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को भोजन और पीने का पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा यात्रियों को जरूरी जानकारी देने और उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए अतिरिक्त रेलकर्मियों की तैनाती की गई है।रेलवे अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि यात्रियों को ट्रेनों के रद्द होने, मार्ग परिवर्तन और परिचालन बहाली से संबंधित जानकारी समय-समय पर उपलब्ध कराई जाए। विशेष रूप से लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रा कर रहे यात्रियों की सुविधाओं पर ध्यान दिया जा रहा है।राज्य प्रशासन भी रेलवे अधिकारियों के संपर्क में है। प्रभावित यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए समन्वय किया जा रहा है।
जलस्तर घटने के बाद ही बहाल होगी रेल सेवा
रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रभावित रेलखंड पर पानी कम होने के बाद रेलवे पुलों, पटरियों और अन्य संरचनाओं की सुरक्षा की जांच की जाएगी। तकनीकी अधिकारियों से सुरक्षित परिचालन की अनुमति मिलने के बाद ही ट्रेनों की आवाजाही सामान्य की जाएगी।फिलहाल रेलवे की टीमें लगातार जलस्तर की निगरानी कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति सामान्य होने तक आवश्यकतानुसार ट्रेनों के संचालन में बदलाव जारी रह सकता है।चक्रवात अर्नब के कारण रेल सेवाओं में आई बाधा ने हजारों यात्रियों की यात्रा योजनाओं को प्रभावित किया है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और ट्रेन की वास्तविक स्थिति जानने के लिए आधिकारिक रेलवे सूचना प्रणाली, एनटीईएस या हेल्पलाइन नंबर 139 का उपयोग करें।
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