आंध्र प्रदेश

तिरुमला लड्डू में मिलावटी घी मामला: आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार, मंत्री कोलुसु पार्थसारथी का बयान

SHIDDHANT
28 Jan 2026 7:52 PM IST
तिरुमला लड्डू में मिलावटी घी मामला: आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार, मंत्री कोलुसु पार्थसारथी का बयान
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Andhra Pradesh आंध्र प्रदेश। तिरुमला मंदिर के विश्वप्रसिद्ध लड्डू प्रसाद में कथित तौर पर मिलावटी घी के इस्तेमाल को लेकर उठे विवाद पर आंध्र प्रदेश सरकार की प्रतिक्रिया सामने आई है। इस मामले पर राज्य के मंत्री कोलुसु पार्थसारथी ने कहा है कि सरकार फिलहाल आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री कोलुसु पार्थसारथी ने अमरावती में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, “लड्डू को लेकर क्या हुआ, लोग क्या बातें कर रहे हैं और इस समय स्थिति क्या है, इन सभी पहलुओं पर चर्चा की गई है। अब हम आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले तथ्यों और जांच रिपोर्ट को प्राथमिकता देगी।
तिरुमला लड्डू न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं से भी जुड़ा हुआ है। ऐसे में लड्डू में मिलावट की खबर सामने आने के बाद श्रद्धालुओं में चिंता और नाराजगी देखी जा रही है। सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर इस मुद्दे को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, लड्डू निर्माण में उपयोग होने वाले घी की गुणवत्ता को लेकर जांच की जा रही है। तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) प्रशासन की ओर से भी इस मामले में आंतरिक समीक्षा और परीक्षण की प्रक्रिया शुरू की गई है। संबंधित प्रयोगशालाओं से रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि घी में वास्तव में किसी तरह की मिलावट हुई है या नहीं।
सरकार और टीटीडी प्रशासन दोनों ही इस मामले को अत्यंत संवेदनशील मान रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी प्रकार की गड़बड़ी या लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में प्रसाद निर्माण की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी यह मामला चर्चा में बना हुआ है। विपक्षी दल सरकार से पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं, श्रद्धालु चाहते हैं कि जल्द से जल्द सच्चाई सामने आए, ताकि उनकी आस्था पर किसी तरह का संदेह न रहे।
फिलहाल, सभी की निगाहें आधिकारिक जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं। मंत्री कोलुसु पार्थसारथी के बयान से साफ है कि सरकार जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेना चाहती और तथ्य सामने आने के बाद ही आगे की दिशा तय की जाएगी।
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