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आंध्र प्रदेश
TDP विधायक नसीर अहमद का बड़ा बयान, YSRCP पर लगाए गंभीर आरोप
Ratna Netam
7 Nov 2026 9:15 PM IST

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अमरावती। आंध्र प्रदेश की राजनीति में तेलुगु देशम पार्टी (TDP) और युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इसी बीच टीडीपी विधायक मोहम्मद नसीर अहमद ने वाईएसआर कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए दावा किया कि राज्य के मतदाताओं ने उसकी कथित धोखे भरी राजनीति को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया है। उन्होंने विपक्षी दल की राजनीतिक कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता ने अपने मताधिकार के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया है।मोहम्मद नसीर अहमद के इस बयान को आंध्र प्रदेश की राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के संदर्भ में देखा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की राजनीति ने मतदाताओं का विश्वास खो दिया है। उनके मुताबिक, जनता अब राजनीतिक वादों और वास्तविक कामकाज के बीच अंतर समझती है तथा चुनाव के दौरान अपने फैसले से राजनीतिक दलों को जवाब देती है।टीडीपी विधायक ने कहा कि मतदाताओं ने वाईएसआरसीपी की कथित भ्रामक राजनीतिक रणनीतियों को स्वीकार नहीं किया। उनका यह दावा राज्य की विपक्षी पार्टी की कार्यशैली की आलोचना के रूप में सामने आया है। हालांकि, किसी राजनीतिक दल की राजनीति हमेशा के लिए समाप्त हो जाने का दावा एक राजनीतिक आकलन है, जिसे चुनावी परिणामों से भविष्य के लिए निश्चित तथ्य नहीं माना जा सकता।
आंध्र प्रदेश में तेलुगु देशम पार्टी और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी लंबे समय से प्रमुख राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रही हैं। दोनों दल राज्य के विकास, प्रशासनिक व्यवस्था, जनकल्याणकारी योजनाओं और चुनावी वादों को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे हैं। राज्य की राजनीति में इन दलों के बीच प्रतिस्पर्धा का प्रभाव विधानसभा से लेकर स्थानीय स्तर तक दिखाई देता है।हाल के स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर भी दोनों दलों के बीच विवाद सामने आया है। 6 नवंबर को टीडीपी के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य निर्वाचन आयोग से मुलाकात कर वाईएसआरसीपी नेताओं पर मतदान में बाधा डालने और मतदाताओं को डराने-धमकाने के आरोप लगाए। इस प्रतिनिधिमंडल में गुंटूर पूर्व के विधायक मोहम्मद नसीर अहमद, गुंटूर पश्चिम की विधायक गल्ला माधवी और अन्य नेता शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन अधिकारियों को शिकायत के साथ कथित घटनाओं की वीडियो रिकॉर्डिंग भी सौंपी।नसीर अहमद ने आरोप लगाया कि चंद्रगिरि विधानसभा क्षेत्र के मंगल इलाके में पूर्व विधायक चेविरेड्डी भास्कर रेड्डी अपने समर्थकों के साथ मतदान केंद्र में पहुंचे और चुनाव प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न की। उन्होंने संतनूतलपाडु क्षेत्र में भी कथित हमलों और धमकाने की घटनाओं का उल्लेख किया। विधायक का आरोप था कि वाईएसआरसीपी के कुछ नेता चुनावी हार की आशंका के कारण मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
टीडीपी नेताओं ने राज्य निर्वाचन आयोग से मांग की कि मतदान में बाधा डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और मतदाताओं को बिना किसी डर के अपने मताधिकार का प्रयोग करने का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियादी आवश्यकता है।इस बीच वाईएसआरसीपी ने भी सत्तारूढ़ टीडीपी गठबंधन पर चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने के आरोप लगाए हैं। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान उनके उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं को परेशान किया गया तथा पुलिस और प्रशासनिक मशीनरी का राजनीतिक इस्तेमाल हुआ। वाईएसआरसीपी ने इन आरोपों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग से शिकायत भी की है।इस प्रकार आंध्र प्रदेश में स्थानीय चुनावों को लेकर दोनों प्रमुख राजनीतिक दल एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। इन आरोपों की सत्यता का निर्धारण संबंधित निर्वाचन अधिकारियों की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही किया जा सकता है।नसीर अहमद का राजनीतिक बयान ऐसे समय सामने आया है, जब राज्य में स्थानीय स्तर पर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। टीडीपी जहां अपने पक्ष में मिले जनादेश को सरकार की नीतियों के समर्थन के रूप में प्रस्तुत कर रही है, वहीं वाईएसआरसीपी चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठा रही है।
आंध्र प्रदेश में वर्ष 2024 के विधानसभा चुनावों में टीडीपी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने सत्ता हासिल की थी। इसके बाद एन. चंद्रबाबू नायडू मुख्यमंत्री बने। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी की पार्टी वाईएसआरसीपी विपक्ष में पहुंच गई। इस राजनीतिक बदलाव के बाद से दोनों दलों के बीच प्रशासनिक फैसलों और चुनावी मुद्दों पर मतभेद सामने आते रहे हैं।टीडीपी विधायक मोहम्मद नसीर अहमद गुंटूर पूर्व विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। वह जून 2024 से इस सीट से विधायक हैं।नसीर अहमद के ताजा बयान में मतदाताओं के फैसले को प्रमुखता दी गई है। उन्होंने दावा किया कि जनता ने वाईएसआरसीपी की कथित धोखे वाली राजनीति को अस्वीकार कर दिया है। हालांकि, यह टीडीपी विधायक का राजनीतिक दावा है और इससे किसी दल के भविष्य के चुनावी प्रदर्शन का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।फिलहाल आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों और उनसे जुड़े विवादों के कारण राजनीतिक माहौल चर्चा में है। टीडीपी और वाईएसआरसीपी दोनों अपनी-अपनी स्थिति को सही बताते हुए निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे उठा रही हैं। ऐसे में राज्य निर्वाचन आयोग की भूमिका महत्वपूर्ण बनी हुई है।मोहम्मद नसीर अहमद का बयान आंध्र प्रदेश में जारी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का एक और उदाहरण है। उन्होंने वाईएसआरसीपी की राजनीति पर सवाल उठाते हुए मतदाताओं के निर्णय को अपनी पार्टी के पक्ष में बताया है। वहीं विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों के कारण चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता भी बहस का विषय बनी हुई है।
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