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आंध्र प्रदेश
आंध्र प्रदेश निकाय चुनाव में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा हस्तक्षेप
Ratna Netam
21 Oct 2026 7:07 PM IST

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अमरावती। आंध्र प्रदेश में आगामी नगर निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से कथित तौर पर रोके जाने और चुनावी हिंसा के मामलों में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप का स्वागत किया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पेद्दीरेड्डी रामचंद्र रेड्डी ने बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को कहा कि शीर्ष अदालत के निर्देश निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में विपक्षी उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने से रोकने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों पर अदालत ने अभी कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का YSRCP ने किया स्वागत
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने स्थानीय निकाय चुनावों में उम्मीदवारों की सुरक्षा और नामांकन प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को महत्वपूर्ण बताया है।पेद्दीरेड्डी रामचंद्र रेड्डी ने कहा कि शीर्ष अदालत के हस्तक्षेप से विपक्षी दलों को चुनाव में समान अवसर मिलने की उम्मीद बढ़ी है।उन्होंने दावा किया कि सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी से जुड़े लोगों ने कई स्थानों पर वाईएसआरसीपी उम्मीदवारों को नामांकन केंद्रों तक पहुंचने से रोका।रेड्डी ने अदालत के निर्देशों को चंद्रबाबू सरकार और संबंधित अधिकारियों के लिए फटकार बताया। यह उनकी राजनीतिक प्रतिक्रिया थी, न कि अदालत की ओर से सरकार के खिलाफ दिया गया कोई अंतिम फैसला।
19 नगर निकायों में नामांकन को लेकर विवाद
वाईएसआरसीपी ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में दावा किया कि आंध्र प्रदेश के 100 शहरी स्थानीय निकायों में से 19 में उसके उम्मीदवारों को नामांकन के दौरान बाधाओं का सामना करना पड़ा।पार्टी ने कुल 87 ऐसी घटनाओं का उल्लेख किया, जिनमें उसके उम्मीदवारों पर कथित हमले किए गए या उन्हें नामांकन पत्र जमा करने से रोका गया।याचिका के अनुसार, कुछ स्थानों पर उम्मीदवारों के नामांकन दस्तावेज छीनने और फाड़ने की भी घटनाएं हुईं।पार्टी ने आरोप लगाया कि कई घटनाएं पुलिस की मौजूदगी में हुई थीं। हालांकि, इन सभी आरोपों की स्वतंत्र जांच और कानूनी पुष्टि अभी बाकी है।
चुनाव आयोग को दिए महत्वपूर्ण निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को आंध्र प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग को वाईएसआरसीपी की शिकायतों पर विचार करने का निर्देश दिया।अदालत ने आयोग से कहा कि वह नामांकन की समयसीमा बढ़ाने के पार्टी के अनुरोध पर 24 घंटे के भीतर फैसला करे।इसके अलावा चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने वाले उम्मीदवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य के पुलिस महानिदेशक को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।अदालत ने उम्मीदवारों की अंतिम सूची प्रकाशित करने की प्रक्रिया भी फिलहाल टालने को कहा, ताकि शिकायतों की समीक्षा की जा सके।इन निर्देशों का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखना और सभी पात्र उम्मीदवारों को भागीदारी का अवसर देना है।
मिथुन रेड्डी के खिलाफ मामलों पर जताई नाराजगी
पेद्दीरेड्डी रामचंद्र रेड्डी ने वाईएसआरसीपी सांसद पीवी मिथुन रेड्डी के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को लेकर भी सवाल उठाए।उन्होंने आरोप लगाया कि एक ही घटनाक्रम को लेकर सांसद के खिलाफ पांच मामले दर्ज किए गए हैं।रेड्डी ने दावा किया कि जिन पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमले हुए, उन्हीं के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए।इससे पहले पुंगनूर में टीडीपी और वाईएसआरसीपी कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प की खबरें सामने आई थीं। मिथुन रेड्डी ने अपने काफिले पर हमले और जान से मारने की कोशिश का आरोप लगाया था।इन घटनाओं में दोनों राजनीतिक दलों के समर्थकों के बीच तनाव बढ़ गया था।
नामांकन केंद्रों तक सुरक्षा देने की मांग
वाईएसआरसीपी नेताओं ने कहा कि चुनाव आयोग और जिला प्रशासन को उम्मीदवारों के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना चाहिएपेद्दीरेड्डी रामचंद्र रेड्डी ने मांग की कि पार्टी उम्मीदवारों और उनके प्रस्तावकों को बिना किसी रुकावट के नामांकन केंद्रों तक पहुंचने दिया जाए।उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में नामांकन प्रक्रिया के दौरान बाधाएं सामने आएंगी, वहां पार्टी संबंधित जिला कलेक्टरों से संपर्क करेगी।आवश्यकता पड़ने पर दोबारा अदालत जाने का विकल्प भी अपनाया जाएगा।
चुनाव में जीत का जताया भरोसा
पेद्दीरेड्डी रामचंद्र रेड्डी ने दावा किया कि यदि नगर निकाय चुनाव निष्पक्ष और शांतिपूर्ण माहौल में कराए जाते हैं, तो वाईएसआर कांग्रेस पार्टी को व्यापक जनसमर्थन मिलेगा।उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी बड़ी संख्या में सीटें जीत सकती है।हालांकि, यह पार्टी नेता का चुनावी दावा है और वास्तविक परिणाम मतदान तथा मतगणना के बाद ही स्पष्ट होंगे।
अब चुनाव आयोग के फैसले पर नजर
आंध्र प्रदेश में शहरी स्थानीय निकाय चुनावों की प्रक्रिया 16 अक्टूबर से शुरू हुई थी। नामांकन की मूल अंतिम तारीख 18 अक्टूबर निर्धारित थी।चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, मतदान 28 अक्टूबर से शुरू होना है। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद अब निगाहें राज्य निर्वाचन आयोग के अगले फैसले पर टिकी हैं।आयोग को यह तय करना है कि शिकायतों और कथित हिंसा की परिस्थितियों को देखते हुए नामांकन की समयसीमा में बदलाव की आवश्यकता है या नहीं।इस बीच चुनावी हिंसा, उम्मीदवारों की सुरक्षा और निष्पक्ष मतदान के मुद्दे पर आंध्र प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
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