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राजमहेंद्रवरम: IIT बॉम्बे के पूर्व प्रोफेसर और मशहूर "सोलर मैन ऑफ़ इंडिया" डॉ. चेतन सिंह सोलंकी ने नागरिकों से अपील की है कि वे सिर्फ़ ऊर्जा के उपभोक्ता न बने रहें, बल्कि जलवायु परिवर्तन की बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए ऊर्जा उत्पादक बनें।
डॉ. सोलंकी ने मंगलवार को अपनी देशव्यापी "एनर्जी स्वराज यात्रा" के तहत गोदावरी ग्लोबल यूनिवर्सिटी (GGU) का दौरा किया। उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आयोजित "जलवायु परिवर्तन – चुनौतियाँ और समाधान" विषय पर एक जागरूकता सेमिनार में छात्रों को संबोधित किया।
इस मौके पर डॉ. सोलंकी ने कहा कि इंसानों की हर गतिविधि से कार्बन उत्सर्जन होता है और सीमित प्राकृतिक संसाधनों का बेतहाशा इस्तेमाल मानवता के भविष्य के लिए एक गंभीर खतरा है।
उन्होंने लोगों से ऊर्जा बचाने के तरीकों को अपनाने और बिजली, पानी व अन्य प्राकृतिक संसाधनों का समझदारी से इस्तेमाल करने का आग्रह किया। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण "क्लाइमेट क्लॉक" (जलवायु घड़ी) थी, जो उस समय को दिखा रही थी जब वैश्विक तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस की खतरनाक सीमा को पार कर जाएगा। घड़ी में सालों, दिनों, घंटों, मिनटों और सेकंडों में उलटी गिनती (काउंटडाउन) दिखाई जा रही थी, जिसने कार्यक्रम में शामिल लोगों का काफी ध्यान खींचा।
बाद में, डॉ. सोलंकी ने गोदावरी ग्लोबल यूनिवर्सिटी के चांसलर केवीवी सत्यनारायण राजू (चैतन्य राजू) और वाइस-चांसलर डॉ. यू चंद्रशेखर से मुलाकात की। बैठक के दौरान, उन्होंने एनर्जी स्वराज यात्रा के उद्देश्यों और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए देश भर में की जा रही पहलों के बारे में बताया। इस मौके पर GGU के डायरेक्टर डॉ. एम श्रीनिवास राव, गोदावरी इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (ऑटोनॉमस) के प्रिंसिपल डॉ. टी जया आनंद कुमार, डीन डॉ. एमडी धनराजू और डॉ. डी रवि किशोर, तथा मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख डॉ. वी सुब्रह्मण्यम मौजूद थे।





