आंध्र प्रदेश

एससीओआर ने सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा उपायों को किया मजबूत

Tulsi Rao
8 Nov 2026 4:27 PM IST
एससीओआर ने सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा उपायों को किया मजबूत
x

विशाखापत्तनम। दिवाली के त्योहार के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए साउथ कोस्ट रेलवे (SCoR) ने अपने पूरे नेटवर्क में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। त्योहारों के दौरान ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने विशेष सुरक्षा अभियान शुरू किया है। इसके तहत यात्री ट्रेनों में पटाखे, विस्फोटक और अन्य ज्वलनशील पदार्थ ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार के पटाखे, विस्फोटक या खतरनाक सामान अपने साथ लेकर न चलें। साथ ही अपने आसपास यात्रा कर रहे अन्य यात्रियों को भी ऐसा करने से रोकने और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी रेलवे अधिकारियों को देने का आग्रह किया गया है।

खतरनाक सामान ले जाने पर तीन साल तक की जेल

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, रेलवे अधिनियम 1989 के तहत यात्री ट्रेनों में पटाखे, विस्फोटक, गैस सिलेंडर, पेट्रोल, केरोसिन और एसिड जैसी खतरनाक वस्तुओं को ले जाना प्रतिबंधित है। इन नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

रेलवे प्रशासन ने चेतावनी दी है कि प्रतिबंधित सामान लेकर यात्रा करने पर तीन साल तक की जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान हो सकता है। इसके अलावा यदि किसी यात्री की लापरवाही से दूसरे यात्रियों को चोट पहुंचती है, किसी की जान जाती है या रेलवे की संपत्ति को नुकसान होता है, तो संबंधित व्यक्ति को इसके लिए कानूनी रूप से जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।

अधिकारियों ने कहा कि ज्वलनशील पदार्थों की थोड़ी सी मात्रा भी ट्रेन में यात्रा कर रहे सैकड़ों यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। इसलिए इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

आरपीएफ और जीआरपी की विशेष टीमें तैनात

साउथ कोस्ट रेलवे ने सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। इसके तहत रेलवे सुरक्षा बल (RPF), सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) और सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों की विशेष टीमें तैनात की गई हैं।

ये टीमें ट्रेनों के अंदर अचानक निरीक्षण और रैंडम चेकिंग करेंगी। सुरक्षा कर्मियों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी संदिग्ध सामान या प्रतिबंधित वस्तु के मिलने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए।

रेलवे प्रशासन ने टिकट परीक्षकों, कोच अटेंडेंट, ट्रेन मैनेजरों और स्टेशन मैनेजरों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा गया है कि यात्रा के दौरान किसी भी संदिग्ध गतिविधि या प्रतिबंधित सामान के परिवहन की जानकारी तुरंत संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को दी जाए।

पार्सल वैन और माल गोदामों पर विशेष निगरानी

सुरक्षा अभियान के तहत रेलवे ने पार्सल वैन में लोड किए जाने वाले सामान की जांच भी बढ़ा दी है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पार्सल और अन्य सामान की निगरानी की जाए, ताकि विस्फोटक या ज्वलनशील पदार्थों को छिपाकर रेलवे नेटवर्क के जरिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक नहीं पहुंचाया जा सके।

इसके अलावा रेलवे स्टेशनों, महत्वपूर्ण रेलवे कार्यालयों, साइडिंग और गुड्स शेड में तैनात सुरक्षा कर्मचारियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। रेलवे प्रशासन का उद्देश्य खतरनाक पदार्थों की आवाजाही पर रोक लगाना और यात्रियों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना है।

चक्रवात मुरसु को लेकर भी सुरक्षा तैयारियां

साउथ कोस्ट रेलवे ने चक्रवात 'मुरसु' को ध्यान में रखते हुए भी व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक सतर्कता बरतने पर जोर दिया है।

यात्रियों के लिए जागरूकता अभियान शुरू

सुरक्षा जांच के साथ-साथ रेलवे के सुरक्षा विभाग ने व्यापक जागरूकता अभियान भी शुरू किया है। इसके माध्यम से यात्रियों को पटाखे, विस्फोटक और अन्य ज्वलनशील पदार्थ लेकर यात्रा करने के खतरों के बारे में जानकारी दी जा रही है।

रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें।

हेल्पलाइन नंबर 139 पर दे सकते हैं सूचना

साउथ कोस्ट रेलवे ने यात्रियों से रेलवे सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करने का आग्रह किया है। अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी यात्री को ट्रेन या रेलवे स्टेशन पर कोई व्यक्ति पटाखे, विस्फोटक अथवा अन्य संदिग्ध सामान लेकर जाता दिखाई दे, तो इसकी सूचना तुरंत रेलवे कर्मचारियों या सुरक्षा अधिकारियों को दी जानी चाहिए।

यात्री ऐसी घटनाओं की जानकारी रेलवे के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल करके भी दे सकते हैं। रेलवे प्रशासन ने कहा कि यात्रियों की सतर्कता और सहयोग से त्योहारों के दौरान रेल यात्रा को अधिक सुरक्षित बनाया जा सकता है।

Next Story