आंध्र प्रदेश

Ramatheertham मंदिर की मूर्तियों का गोदावरी में विसर्जन, वैदिक रीति से संपन्न हुआ कार्यक्रम

Harrison
13 April 2026 7:44 PM IST
Ramatheertham  मंदिर की मूर्तियों का गोदावरी में विसर्जन, वैदिक रीति से संपन्न हुआ कार्यक्रम
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Visakhapatnam विशाखापत्तनम : विजयनगरम जिले के नेल्लीमरला मंडल स्थित रामतीर्थम मंदिर से संबंधित भगवान राम, सीता और लक्ष्मण की मूर्तियों का सोमवार को विधिवत विसर्जन किया गया। इन मूर्तियों में भगवान राम की सिर कटी मूर्ति भी शामिल थी। सभी मूर्तियों को डॉ. बी.आर. अंबेडकर जिले के कोटिपल्ली स्थित गोदावरी नदी में धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ विसर्जित किया गया।
इस मौके पर राज्य के MSME मंत्री Kondapalli Srinivas, स्थानीय विधायक Aditi Gajapathi Raju, लोकम माधवी और नादिकुडी ईश्वर राव सहित कई जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु मौजूद रहे। कार्यक्रम सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठानों के साथ शुरू हुआ।
मूर्तियों के विसर्जन से पहले मंदिर के पास स्थित बोडी कोंडा में विशेष पूजा-अर्चना की गई। यहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए अनुष्ठान संपन्न किया गया। इसके बाद मूर्तियों को शोभायात्रा के रूप में गोदावरी तट तक ले जाया गया।
गोदावरी नदी के किनारे भी वैखानस आगम शास्त्र के अनुसार विस्तृत पूजा की गई। पुजारियों ने निर्धारित विधि से सभी धार्मिक प्रक्रियाएं पूरी कराईं। इसके बाद श्रद्धालुओं और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में मूर्तियों का विधिवत विसर्जन किया गया।
अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया गया। सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए प्रशासन द्वारा विशेष इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए और पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन बनाए रखा गया।
रामतीर्थम मंदिर से जुड़ी यह प्रक्रिया धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं के अनुसार की गई है। वैखानस आगम शास्त्र के नियमों का पालन करते हुए मूर्तियों के विसर्जन को अंतिम रूप दिया गया। इस दौरान स्थानीय लोगों और भक्तों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों ने कहा कि धार्मिक परंपराओं का सम्मान करते हुए सभी अनुष्ठानों को विधि-विधान से पूरा किया गया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से भी शांति और व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।
कुल मिलाकर, रामतीर्थम मंदिर से जुड़ी मूर्तियों का यह विसर्जन कार्यक्रम धार्मिक आस्था और परंपरा के अनुसार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
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