आंध्र प्रदेश

Kurnool मेडिकल कॉलेज में रैगिंग की खबर झूठी निकली, फर्जी ईमेल भेजने वाला छात्र चिन्हित

Harrison
22 April 2026 8:05 PM IST
Kurnool मेडिकल कॉलेज में रैगिंग की खबर झूठी निकली, फर्जी ईमेल भेजने वाला छात्र चिन्हित
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Andhra Pradesh आंध्र प्रदेश: आंध्र प्रदेश के कुरनूल स्थित Kurnool Medical College में रैगिंग की कथित घटना को लेकर पिछले सप्ताह फैली चिंता अब शांत हो गई है। कॉलेज प्रशासन और पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि रैगिंग की कोई वास्तविक घटना नहीं हुई थी, बल्कि एक फर्जी ईमेल के जरिए इस तरह का आरोप लगाया गया था।
कॉलेज की प्रिंसिपल Dr. Lakshmi Chitti Narasamma ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि एक ईमेल कॉलेज प्रशासन को प्राप्त हुआ था, जिसमें फर्स्ट ईयर के एक छात्र के नाम से रैगिंग की शिकायत दर्ज कराई गई थी। इस ईमेल के सामने आने के बाद कॉलेज परिसर में चिंता का माहौल बन गया था और मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच शुरू की गई।
प्रिंसिपल के अनुसार, पुलिस के साथ मिलकर की गई जांच में यह पाया गया कि ईमेल पूरी तरह फर्जी था। इस संबंध में Sridhar (सीआई) के साथ समन्वय कर जांच आगे बढ़ाई गई। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि शिकायत करने वाला व्यक्ति असल में कोई पीड़ित छात्र नहीं था, बल्कि यह एक सीनियर छात्र द्वारा भेजा गया ईमेल था।
पुलिस ने जांच के दौरान उस सीनियर छात्र की पहचान कर ली है, जिसने कथित तौर पर अपने कुछ साथियों के साथ
व्यक्तिगत मतभेदों
के चलते यह फर्जी शिकायत भेजी थी। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, छात्र ने जानबूझकर दूसरे छात्र के नाम का इस्तेमाल किया, ताकि मामला गंभीर लगे और प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया जा सके।
कॉलेज प्रशासन ने इस घटना को अनुशासनहीनता का मामला मानते हुए संबंधित छात्र के खिलाफ कार्रवाई की है। उसे हॉस्टल से हटाकर उसके घर भेज दिया गया है। साथ ही, आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई पर भी विचार किया जा रहा है।
प्रिंसिपल डॉ. लक्ष्मी चिट्टी नरसम्मा ने स्पष्ट किया कि कॉलेज में रैगिंग की कोई घटना नहीं हुई है और परिसर पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने अभिभावकों को भरोसा दिलाया कि संस्थान में छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने सीनियर छात्रों से अपील की कि वे जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करें और जूनियर छात्रों के लिए एक सहयोगी और सकारात्मक वातावरण बनाए रखें। उनके अनुसार, कॉलेज का उद्देश्य न केवल शिक्षा देना है, बल्कि एक सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल तैयार करना भी है।
इस घटना के बाद कॉलेज प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में इस तरह की फर्जी शिकायतों को रोकने के लिए निगरानी और सख्त की जाएगी। डिजिटल माध्यमों से आने वाली शिकायतों की जांच के लिए भी अतिरिक्त कदम उठाए जा सकते हैं।
स्थानीय स्तर पर इस मामले ने कुछ समय के लिए चिंता जरूर पैदा की, लेकिन जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई है। पुलिस और कॉलेज प्रशासन दोनों ने कहा है कि इस तरह की गलत जानकारी फैलाने से अनावश्यक डर और भ्रम पैदा होता है, जिसे रोकना जरूरी है।
फिलहाल, कॉलेज में सामान्य शैक्षणिक गतिविधियां जारी हैं और प्रशासन ने छात्रों व अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
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