- Home
- /
- राज्य
- /
- आंध्र प्रदेश
- /
- बढ़ती बिजली मांग को...
आंध्र प्रदेश
बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए 6,000 करोड़ रुपये की पावर इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं शुरू
SHIDDHANT
5 March 2026 9:36 PM IST

x
Amravati अमरावती। आंध्र प्रदेश सरकार ने बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने के लिए करीब 6,000 करोड़ रुपये की बिजली अवसंरचना परियोजनाएं शुरू की हैं। राज्य के ऊर्जा मंत्री गोट्टीपाटी रवि कुमार ने गुरुवार को विधानसभा में बताया कि जिन क्षेत्रों में बिजली का लोड अधिक है, वहां नए सबस्टेशन बनाए जा रहे हैं।
प्रश्नकाल के दौरान विधायकों अदिति विजयलक्ष्मी गजपथिराजू, कोल्ला ललिता कुमारी और मुत्तुमुला अशोक रेड्डी के सवालों का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य में अधिक बिजली मांग वाले क्षेत्रों में 200 से ज्यादा नए 33/11 केवी सबस्टेशन की जरूरत चिन्हित की गई है और इनके निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के सत्ता में आने के बाद राज्य में उद्योगों की स्थापना बढ़ी है। इसके चलते रोजाना बिजली खपत 263 मिलियन यूनिट से बढ़कर लगभग 280 मिलियन यूनिट तक पहुंचने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि बढ़ती मांग को देखते हुए राज्य भर में 400 केवी, 220 केवी और 132 केवी के सबस्टेशन बनाए जा रहे हैं। साथ ही किसानों को बड़ी संख्या में कृषि बिजली कनेक्शन भी दिए गए हैं। वाणिज्यिक, औद्योगिक और घरेलू जरूरतों के बढ़ने से बिजली की खपत में भी वृद्धि हुई है।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आने वाले वर्षों में राज्य के किसी भी हिस्से में बिजली की कमी न हो। भविष्य की मांग और लोड वृद्धि को ध्यान में रखते हुए आवश्यक क्षेत्रों में 33/11 केवी सबस्टेशन और बिजली लाइनों का निर्माण जारी है।
उन्होंने बताया कि विजयनगरम जिला के वेणुगोपालपुरम सबस्टेशन का निर्माण फिलहाल री-टेंडरिंग प्रक्रिया में है और इसे मार्च 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके अलावा विजयनगरम जिले में 220 केवी और 132 केवी लाइनों से जुड़े 46 करोड़ रुपये के काम पूरे हो चुके हैं और इन्हें जल्द चालू किया जाएगा। वहीं वेणुगोपालपुरम सबस्टेशन का निर्माण 77 करोड़ रुपये की लागत से जारी है।
इस दौरान विधायक अदिति गजपथिराजू ने विजयनगरम में विशाखापत्तनम की तर्ज पर अंडरग्राउंड केबलिंग सिस्टम लागू करने की मांग की। इस पर ऊर्जा मंत्री ने कहा कि अंडरग्राउंड केबलिंग काफी महंगी व्यवस्था है और इसे फंड की उपलब्धता और आवश्यकता के आधार पर ही लागू करने पर विचार किया जाएगा।
वहीं विधायक मुत्तुमुला अशोक रेड्डी ने गिद्दलूर विधानसभा क्षेत्र में 220 केवी सबस्टेशन स्थापित करने की मांग की। मंत्री ने कहा कि ऊर्जा विभाग के अधिकारियों की व्यवहार्यता रिपोर्ट के आधार पर उचित कदम उठाए जाएंगे।
Tagsआंध्र प्रदेशबिजली अवसंरचना6000 करोड़सबस्टेशन33/11 केवी220 केवी400 केवीगोट्टीपाटी रवि कुमारएन. चंद्रबाबू नायडूबिजली मांगउद्योगकृषि कनेक्शनवेणुगोपालपुरमविजयनगरमगिद्दलूरअंडरग्राउंड केबलिंगबिजली परियोजनाऊर्जा विभागबिजली खपतजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





