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आंध्र प्रदेश
तिरुपति चुनाव से पहले सियासी घमासान, YSRCP ने बूथों पर धांधली की आशंका जताई
Ratna Netam
29 Oct 2026 2:41 PM IST

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तिरुपति : 29 अक्टूबर 2026। आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रसिद्ध धार्मिक नगरी तिरुपति में चुनावी धांधली, उम्मीदवारों को धमकाने और मतदान प्रक्रिया प्रभावित करने की आशंका के बीच वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) और स्थानीय प्रशासन से निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की अपील की है। पार्टी नेताओं ने कहा है कि भगवान वेंकटेश्वर की पवित्र नगरी में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को हिंसा, धमकी और कथित चुनावी अनियमितताओं से बचाना जरूरी है।YSRCP नेता भूमाना अभिनय रेड्डी का नाम भी स्थानीय चुनावी विवाद में सामने आया है। हालांकि, उपलब्ध आधिकारिक पार्टी बयान में अतिरिक्त सुरक्षा और मतदान केंद्रों पर निगरानी की मांग मुख्य रूप से पूर्व तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) अध्यक्ष भूमाना करुणाकर रेड्डी ने उठाई है। उन्होंने 28 अक्टूबर को जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर चुनावी व्यवस्था को मजबूत बनाने की मांग की।
मतदान केंद्रों पर धांधली रोकने की मांग
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने आशंका जताई है कि मतदान के दौरान कुछ असामाजिक तत्व चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास कर सकते हैं। पार्टी का आरोप है कि विपक्षी उम्मीदवारों और उनके प्रतिनिधियों पर दबाव बनाया जा रहा है।भूमाना करुणाकर रेड्डी ने प्रशासन को भेजे पत्र में तिरुपति नगर निगम क्षेत्र के सभी मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की है। इसके अलावा संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती और चुनावी प्रक्रिया में बाधा डालने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने को कहा है।पार्टी ने आरोप लगाया है कि कुछ राजनीतिक विरोधी उसके मतदान एजेंटों को बूथों से बाहर निकालकर चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी करने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
तिरुपति की धार्मिक गरिमा को लेकर चिंता
तिरुपति देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां स्थित भगवान वेंकटेश्वर के मंदिर में प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।ऐसे में चुनाव के दौरान किसी भी तरह की हिंसा या अव्यवस्था का असर स्थानीय नागरिकों के साथ धार्मिक नगरी की छवि पर भी पड़ सकता है।निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव की मांग के बीच तिरुपति की आध्यात्मिक पवित्रता और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने का मुद्दा भी चर्चा में है।स्थानीय राजनीतिक विवाद के बीच यह आवश्यक माना जा रहा है कि मतदान प्रक्रिया के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे और श्रद्धालुओं तथा आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
नामांकन के दौरान हिंसा और धमकी के आरोप
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी का आरोप है कि स्थानीय निकाय चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करते समय उसके कई उम्मीदवारों को बाधाओं का सामना करना पड़ा।पार्टी ने दावा किया कि कुछ स्थानों पर उम्मीदवारों को नामांकन केंद्रों तक पहुंचने से रोका गया, उनके दस्तावेज छीने गए और महिला उम्मीदवारों के साथ दुर्व्यवहार किया गया।इस विवाद में भूमाना करुणाकर रेड्डी और अभिनय रेड्डी का नाम भी सामने आया था। YSRCP का आरोप था कि तिरुपति में हुई घटनाओं के दौरान पुलिस ने कथित हमलावरों के बजाय इन दोनों के खिलाफ मामले दर्ज किए।हालांकि, सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (TDP) ने भी विपक्षी कार्यकर्ताओं पर हिंसा और चुनावी प्रक्रिया में बाधा डालने के आरोप लगाए हैं। दोनों पक्षों के आरोपों की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण है।
सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा चुनावी विवाद
आंध्र प्रदेश के स्थानीय निकाय चुनावों से जुड़ा विवाद सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है।वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया था कि उसके उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा है।इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग और पुलिस प्रशासन को उम्मीदवारों की सुरक्षा तथा निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।अदालत के हस्तक्षेप के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने कुछ शहरी स्थानीय निकायों में नामांकन दाखिल करने की अवधि बढ़ाई।इनमें तिरुपति नगर निगम भी शामिल था। आयोग ने प्रभावित उम्मीदवारों की शिकायतों पर विचार करने और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी जारी किए।
सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की अपील
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन से मतदान की पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।भूमाना करुणाकर रेड्डी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मद्देनजर चुनावी गतिविधियों का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाना चाहिए।पार्टी का मानना है कि सीसीटीवी निगरानी से मतदान केंद्रों पर किसी भी संदिग्ध गतिविधि की पहचान करने और संभावित शिकायतों की जांच करने में सहायता मिल सकती है।इसके साथ ही चुनाव एजेंटों और कर्मचारियों को धमकाने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग भी की गई है।
एक नवंबर को मतदान, तीन नवंबर को मतगणना
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार, संबंधित स्थानीय निकाय चुनावों के लिए एक नवंबर को सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक मतदान निर्धारित है।जरूरत पड़ने पर दो नवंबर को पुनर्मतदान कराया जा सकता है, जबकि तीन नवंबर को मतगणना प्रस्तावित है।चुनाव नजदीक आने के साथ तिरुपति सहित अन्य क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। विपक्षी दल निष्पक्ष चुनावी माहौल की मांग कर रहे हैं, जबकि सत्तारूढ़ गठबंधन ने भी विपक्ष पर चुनावी प्रक्रिया बाधित करने के आरोप लगाए हैं।
प्रशासन के सामने निष्पक्ष चुनाव की चुनौती
आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनाव अब राजनीतिक प्रतिष्ठा के साथ प्रशासनिक निष्पक्षता का भी महत्वपूर्ण विषय बन गए हैं।तिरुपति में सुरक्षा व्यवस्था, उम्मीदवारों की स्वतंत्र भागीदारी, मतदान एजेंटों की मौजूदगी और सीसीटीवी निगरानी जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता जताई जा रही है।YSRCP का कहना है कि मतदाताओं को बिना किसी दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग करने का अवसर मिलना चाहिए।फिलहाल सबकी नजर राज्य निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन की तैयारियों पर है। देखना होगा कि मतदान के दिन सुरक्षा के क्या इंतजाम किए जाते हैं और राजनीतिक दलों की शिकायतों पर किस तरह कार्रवाई होती है।तिरुपति में शांतिपूर्ण, पारदर्शी और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करना ही निर्वाचन प्रशासन की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।
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