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आंध्र प्रदेश
पुलिवेंदुला फायरिंग पर सियासी तूफान हाई कोर्ट के जज से जांच की मांग
Ratna Netam
20 Oct 2026 8:11 PM IST

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अमरावती। आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों की नामांकन प्रक्रिया के दौरान हुई हिंसा और कथित पुलिस फायरिंग को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। युवजन श्रमिक रायथु कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के राज्य समन्वयक सज्जाला रामकृष्ण रेड्डी ने मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को पुलिवेंदुला में हुई पुलिस फायरिंग की जांच हाई कोर्ट के किसी मौजूदा न्यायाधीश से कराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन का इस्तेमाल किया जा रहा है। सज्जाला ने तेलुगु देशम पार्टी (TDP) की सरकार पर लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
पुलिस पर बिना उकसावे के गोलीबारी का आरोप
ताडेपल्ली स्थित पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सज्जाला रामकृष्ण रेड्डी ने कहा कि पुलिवेंदुला में विपक्षी उम्मीदवार शांतिपूर्ण तरीके से नामांकन दाखिल करने पहुंचे थे।उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने बिना किसी उकसावे के गोलीबारी की। सज्जाला ने कहा कि इस घटना की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पुलिस ने किन परिस्थितियों में गोली चलाई और इसके लिए कौन जिम्मेदार था।हालांकि, पुलिस के अनुसार, 17 अक्टूबर को पुलिवेंदुला में TDP और YSRCP समर्थकों के बीच झड़प के बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हवा में छह राउंड गोलियां चलाई गई थीं। पुलिस का कहना था कि बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने नामांकन केंद्र में प्रवेश करने का प्रयास किया था।
TDP सरकार पर चुनाव प्रभावित करने का आरोप
सज्जाला रामकृष्ण रेड्डी ने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली सरकार पर स्थानीय निकाय चुनावों को प्रभावित करने का आरोप लगाया।उन्होंने दावा किया कि सत्तारूढ़ पार्टी के कार्यकर्ता विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन पत्र दाखिल करने से रोक रहे हैं। कई स्थानों पर उम्मीदवारों को धमकाने, उनके दस्तावेज छीनने और नामांकन वापस लेने का दबाव बनाने जैसी घटनाएं सामने आई हैं।सज्जाला के अनुसार, सरकार विपक्षी उम्मीदवारों के नामांकन खारिज करवाकर TDP प्रत्याशियों की निर्विरोध जीत सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है।उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन की भूमिका निष्पक्ष नहीं दिखाई दे रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
हमलों और मुकदमों से पीछे नहीं हटेगी YSRCP
YSRCP नेता ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी हिंसा, धमकियों और आपराधिक मामलों के बावजूद चुनाव लड़ने से पीछे नहीं हटेगी।उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ना लोकतांत्रिक अधिकार है और किसी भी राजनीतिक दल को इस अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।सज्जाला ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे कठिन परिस्थितियों में भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेते रहें और उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल कराने में सहयोग करें।उन्होंने कहा कि पार्टी सभी उपलब्ध लोकतांत्रिक और कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल करेगी।
कई इलाकों में नामांकन के दौरान तनाव
आंध्र प्रदेश के पुलिवेंदुला के अलावा पुंगनूर, रायचोटी, कडपा और तिरुपति सहित कई क्षेत्रों में स्थानीय निकाय चुनावों की नामांकन प्रक्रिया के दौरान तनाव और झड़पों की खबरें सामने आई हैं।पुलिवेंदुला में स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब बड़ी संख्या में YSRCP समर्थक नामांकन केंद्र के बाहर एकत्र हो गए।दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच विवाद बढ़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इसके बाद हवा में गोलीबारी की घटना भी सामने आई।
सुप्रीम कोर्ट पहुंची YSRCP
स्थानीय निकाय चुनावों में कथित अनियमितताओं और हिंसा के मुद्दे को लेकर YSRCP ने सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया है।पार्टी ने अपनी याचिका में उम्मीदवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और निष्पक्ष नामांकन प्रक्रिया उपलब्ध कराने की मांग की है।इसके अलावा अतिरिक्त नामांकन केंद्र स्थापित करने और निर्विरोध निर्वाचन परिणामों की घोषणा पर रोक लगाने की मांग भी उठाई गई है।पार्टी का दावा है कि कई वार्डों में उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोका गया, जिससे चुनावी प्रतिस्पर्धा प्रभावित हुई है।
निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग
सज्जाला रामकृष्ण रेड्डी ने राज्य निर्वाचन आयोग से चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और विपक्षी उम्मीदवारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।उन्होंने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद हैं। ऐसे में सभी उम्मीदवारों को बिना किसी भय या दबाव के चुनाव लड़ने का अवसर मिलना चाहिए।YSRCP ने आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की मांग भी की है।फिलहाल पुलिवेंदुला पुलिस फायरिंग और नामांकन प्रक्रिया में कथित बाधाओं को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है। एक तरफ YSRCP न्यायिक जांच की मांग कर रही है, वहीं पुलिस ने अपनी कार्रवाई को भीड़ नियंत्रित करने के लिए उठाया गया कदम बताया है।
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