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आंध्र प्रदेश
नामांकन के दौरान पुलिस का लाठीचार्ज सड़क पर धरने पर बैठे YSRCP सांसद
Ratna Netam
17 Oct 2026 5:19 PM IST

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अमरावती। आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों की नामांकन प्रक्रिया के दौरान शनिवार को वाईएसआर कडपा जिले के पुलिवेंदुला में भारी तनाव फैल गया। युवजन श्रमिक रायतू कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के उम्मीदवारों और समर्थकों को नामांकन दाखिल करने से रोकने के आरोपों के बीच पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच टकराव हो गया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और हवा में छह राउंड गोलियां चलाईं। YSRCP सांसद वाई.एस. अविनाश रेड्डी ने पुलिस की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने राज्य चुनाव आयोग से हस्तक्षेप करने और उम्मीदवारों को शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव लड़ने का अवसर उपलब्ध कराने की मांग की।
नामांकन के दौरान अचानक बिगड़े हालात
पुलिवेंदुला में स्थानीय निकाय चुनावों के लिए उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (TDP) और विपक्षी YSRCP के समर्थकों के बीच तनाव बढ़ गया।रिपोर्टों के अनुसार, नामांकन केंद्र के पास बड़ी संख्या में राजनीतिक कार्यकर्ता मौजूद थे। दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ने के बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। कुछ रिपोर्टों में बताया गया है कि YSRCP कार्यकर्ताओं के पुलिस की ओर बढ़ने के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अधिकारियों ने हवा में छह राउंड गोलियां चलाईं।
पुलिस अधिकारियों ने दिया था नामांकन कराने का भरोसा
सांसद वाई.एस. अविनाश रेड्डी ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन ने पहले YSRCP उम्मीदवारों को सुरक्षित तरीके से नामांकन दाखिल कराने का भरोसा दिया था।रेड्डी के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने उम्मीदवारों को दोपहर 1:30 बजे नामांकन केंद्र पहुंचने के लिए कहा था।उन्होंने बताया कि इस संबंध में पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG), पुलिस अधीक्षक (SP) और पुलिस उपाधीक्षक (DSP) सहित वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत हुई थी।सांसद का दावा है कि अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि निर्धारित समय पर पहुंचने वाले उम्मीदवारों को किसी प्रकार की बाधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके बावजूद नामांकन प्रक्रिया के दौरान तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई।
लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल पर नाराजगी
अविनाश रेड्डी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने YSRCP के उम्मीदवारों और समर्थकों के खिलाफ अनावश्यक बल प्रयोग किया। उन्होंने लाठीचार्ज, आंसू गैस के इस्तेमाल और हवाई फायरिंग की आलोचना की।उनका कहना है कि चुनाव में हिस्सा लेना प्रत्येक पात्र उम्मीदवार का लोकतांत्रिक अधिकार है। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि सभी राजनीतिक दलों को बिना किसी डर और दबाव के नामांकन दाखिल करने का अवसर मिले।हालांकि, पुलिस कार्रवाई की परिस्थितियों को लेकर अलग-अलग विवरण सामने आए हैं। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हवाई फायरिंग की थी।
सड़क पर बैठकर सांसद ने जताया विरोध
घटना के बाद YSRCP सांसद अविनाश रेड्डी सड़क पर बैठ गए और पुलिस कार्रवाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।उन्होंने राज्य चुनाव आयोग से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए कहा कि उम्मीदवारों के चुनाव लड़ने के अधिकार की रक्षा की जानी चाहिए।रेड्डी ने निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया सुनिश्चित करने तथा नामांकन दाखिल करने वाले उम्मीदवारों को पर्याप्त सुरक्षा देने की अपील भी की।
पुलिस ने पहले ही जारी किया था नोटिस
स्थानीय निकाय चुनावों को देखते हुए पुलिवेंदुला पुलिस ने शनिवार को अविनाश रेड्डी को नोटिस जारी किया था।पुलिस ने बताया था कि क्षेत्र में धारा 144 और पुलिस अधिनियम की धारा 30 के तहत प्रतिबंध लागू हैं। इस दौरान राजनीतिक रैलियां, बड़ी सभाएं और विरोध प्रदर्शन आयोजित नहीं करने के निर्देश दिए गए थे।पुलिस प्रशासन ने राजनीतिक दलों और उनके कार्यकर्ताओं से कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की थी।
चुनावी हिंसा को लेकर बढ़ी चिंता
आंध्र प्रदेश के अन्य इलाकों में भी स्थानीय निकाय चुनावों की नामांकन प्रक्रिया के दौरान राजनीतिक तनाव सामने आया है।इससे पहले शुक्रवार को पुंगनूर में TDP और YSRCP कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई थी। YSRCP सांसद पी.वी. मिथुन रेड्डी के काफिले पर हमले के आरोप भी सामने आए थे। पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की थी।
राज्य चुनाव आयोग से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग
पुलिवेंदुला की घटना के बाद स्थानीय निकाय चुनावों में सुरक्षा व्यवस्था और निष्पक्षता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। YSRCP का आरोप है कि उसके उम्मीदवारों को नामांकन प्रक्रिया में बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है।वहीं पुलिस प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबंधात्मक उपायों को आवश्यक बता रहा है।अब राज्य चुनाव आयोग की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। चुनाव के दौरान सभी पात्र उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने का समान अवसर मिले और राजनीतिक हिंसा की घटनाओं को रोका जा सके, इसे सुनिश्चित करना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती है।
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