आंध्र प्रदेश

Pawan कल्याण-फडणवीस मुलाकात, टाइगर संरक्षण पर चर्चा

Kavita2
30 Jun 2026 2:13 PM IST
Pawan कल्याण-फडणवीस मुलाकात, टाइगर संरक्षण पर चर्चा
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Andhra Pradesh आंध्र प्रदेश: उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने मंगलवार को मुंबई में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच पर्यावरण संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और विशेष रूप से पूर्वी घाट में बाघ संरक्षण को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक के दौरान सबसे अहम मुद्दा बाघों की घटती संख्या और उनके संरक्षण से जुड़ा रहा। पवन कल्याण ने ईस्टर्न घाट क्षेत्र में बाघिनों की संख्या में आई कमी पर चिंता जताई और कहा कि इससे वहां जेनेटिक विविधता पर असर पड़ रहा है। उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए महाराष्ट्र सरकार से सहयोग की मांग की।

बैठक में यह सहमति बनी कि महाराष्ट्र से आंध्र प्रदेश को दो बाघिनें दी जाएंगी, ताकि ईस्टर्न घाट में बाघों की आबादी को पुनः मजबूत किया जा सके। इस फैसले को दोनों राज्यों के बीच वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में सहयोग का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

पवन कल्याण ने इस सहयोग के लिए महाराष्ट्र सरकार और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल बाघ संरक्षण में मदद करेगा, बल्कि दोनों राज्यों के बीच पर्यावरणीय सहयोग को भी मजबूत बनाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि ईस्टर्न घाट क्षेत्र में बाघों की घटती संख्या चिंता का विषय है और इसे वैज्ञानिक तरीके से बढ़ाने की आवश्यकता है। इसके लिए दूसरे राज्यों से स्वस्थ बाघिनों का ट्रांसफर एक प्रभावी उपाय साबित हो सकता है।

मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने अन्य कई आपसी हित के मुद्दों पर भी चर्चा की। इनमें वन संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और राज्यों के बीच सहयोग बढ़ाने से जुड़े विषय शामिल रहे। दोनों पक्षों ने भविष्य में भी ऐसे मुद्दों पर मिलकर काम करने पर सहमति जताई।

महाराष्ट्र सरकार की ओर से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अब आगे की प्रक्रिया वन विभाग और संबंधित विशेषज्ञों की देखरेख में पूरी की जाएगी। इसमें बाघिनों के ट्रांसफर, स्वास्थ्य जांच और नए वातावरण में उनके अनुकूलन की प्रक्रिया शामिल होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का वन्यजीव ट्रांसफर कार्यक्रम यदि सही ढंग से लागू किया जाए तो यह जैव विविधता संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। ईस्टर्न घाट जैसे संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र में यह कदम बाघों की संख्या बढ़ाने में मददगार हो सकता है।

यह मुलाकात दोनों राज्यों के बीच पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग का संकेत देती है। आने वाले समय में इस तरह की पहलें भारत में वन्यजीव संरक्षण नीति को और मजबूत कर सकती हैं।

कुल मिलाकर, पवन कल्याण और देवेंद्र फडणवीस की यह बैठक ईस्टर्न घाट में बाघ संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है, जिससे दोनों राज्यों के बीच पर्यावरणीय साझेदारी को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

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