आंध्र प्रदेश

नेल्लोर के गांव में बाघ की तस्वीर से फैली दहशत, वन विभाग की जांच में नहीं मिला कोई बाघ

Kavita2
8 Sept 2026 2:10 PM IST
नेल्लोर के गांव में बाघ की तस्वीर से फैली दहशत, वन विभाग की जांच में नहीं मिला कोई बाघ
x

नेल्लोर। आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले के कवाली गांव में उस समय डर का माहौल बन गया, जब ग्रामीणों के मोबाइल फोन पर एक पहाड़ी पर बैठे बड़े बाघ की तस्वीर तेजी से वायरल होने लगी। तस्वीर सामने आने के बाद गांव वालों को आशंका हुई कि इलाके में कोई बाघ घूम रहा है।

ग्रामीणों की सूचना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र की जांच की। हालांकि, जांच के दौरान अधिकारियों को वहां किसी बाघ की मौजूदगी के सबूत नहीं मिले।

मोबाइल पर वायरल हुई बाघ की तस्वीर



जानकारी के अनुसार, कवाली गांव के कई लोगों के मोबाइल फोन पर एक तस्वीर पहुंची, जिसमें एक पहाड़ी क्षेत्र में एक बड़ा बाघ बैठा हुआ दिखाई दे रहा था।

तस्वीर देखने के बाद ग्रामीणों में डर फैल गया। लोगों को चिंता होने लगी कि कहीं यह बाघ आसपास के इलाकों में घूम तो नहीं रहा है।

बाघ जैसे खतरनाक वन्यजीव की मौजूदगी की खबर फैलते ही गांव में चर्चा शुरू हो गई और लोग सतर्क हो गए।

वन विभाग ने शुरू की जांच

ग्रामीणों की सूचना मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारी तुरंत सक्रिय हुए। टीम ने उस क्षेत्र का दौरा किया, जहां बाघ होने की आशंका जताई जा रही थी।

अधिकारियों ने आसपास के इलाकों में जांच की और वन्यजीवों की गतिविधियों से जुड़े संकेत तलाशे।

हालांकि, मौके पर न तो बाघ के पैरों के निशान मिले और न ही उसकी मौजूदगी से जुड़े अन्य कोई प्रमाण मिले।

जांच में नहीं मिले बाघ के संकेत

वन विभाग के अधिकारियों ने जांच के बाद बताया कि क्षेत्र में बाघ होने की पुष्टि नहीं हुई है।

अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि फिलहाल इलाके में किसी बाघ की मौजूदगी के संकेत नहीं मिले हैं।

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी वायरल तस्वीर या वीडियो पर तुरंत विश्वास न करें और ऐसी जानकारी मिलने पर वन विभाग को सूचित करें।

सोशल मीडिया से बढ़ी अफवाहों की चिंता

आज के समय में सोशल मीडिया और मोबाइल मैसेजिंग के जरिए कोई भी तस्वीर या वीडियो तेजी से फैल जाता है।

कई बार पुरानी या किसी दूसरे स्थान की तस्वीरें भी स्थानीय घटना बताकर साझा कर दी जाती हैं, जिससे लोगों में अनावश्यक डर पैदा हो जाता है।

वन विभाग ने भी लोगों से अपील की है कि वे बिना पुष्टि किए ऐसी खबरें आगे न बढ़ाएं।

ग्रामीणों में बनी रही सतर्कता

हालांकि जांच में बाघ की मौजूदगी नहीं मिली, लेकिन तस्वीर वायरल होने के बाद ग्रामीण अभी भी सतर्क हैं।

लोगों का कहना है कि जंगल और पहाड़ी इलाकों के आसपास वन्यजीवों की गतिविधियों को लेकर सावधानी जरूरी है।

ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में निगरानी बनाए रखने की मांग की है।

वन विभाग ने दी सलाह

वन अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी इलाके में वास्तव में कोई जंगली जानवर दिखाई देता है तो लोग खुद उसके पास जाने की कोशिश न करें।

ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग को सूचना देनी चाहिए, ताकि विशेषज्ञ टीम सुरक्षित तरीके से स्थिति संभाल सके।

वन्यजीवों को लेकर बढ़ती घटनाएं

देश के कई हिस्सों में समय-समय पर वन्यजीवों के आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंचने की घटनाएं सामने आती रहती हैं।

बढ़ते शहरीकरण और जंगल क्षेत्रों में बदलाव के कारण कई बार इंसानों और वन्यजीवों के बीच दूरी कम हो जाती है।

ऐसे मामलों में सही जानकारी और समय पर प्रशासनिक कार्रवाई बेहद जरूरी होती है।

Next Story