आंध्र प्रदेश

पिछड़े वर्गों को राजनीतिक और सामाजिक न्याय दिलाना हमारा लक्ष्य है: अच्चन्ना

Tulsi Rao
11 Oct 2026 12:06 PM IST
पिछड़े वर्गों को राजनीतिक और सामाजिक न्याय दिलाना हमारा लक्ष्य है: अच्चन्ना
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अमरावती: कृषि मंत्री के. अच्चन्नायडू ने कहा कि गठबंधन सरकार का मुख्य लक्ष्य स्थानीय निकाय चुनावों में पिछड़े वर्गों (BCs) के लिए उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के बाद शनिवार को सचिवालय में मीडिया से बात करते हुए अच्चन्नायडू ने कहा कि सरकार पिछड़े वर्गों को संवैधानिक आरक्षण देने और कानूनी सीमाओं के भीतर और अधिक राजनीतिक अवसर पैदा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उनके साथ मंत्री डोला बाला वीरंजनेय स्वामी, वाई. सत्य कुमार यादव, कोलुसु पार्थसारथी, एस. सविता, गुमिदि संध्या रानी और वंगलापुडी अनीता भी मौजूद थीं।

पिछड़े वर्गों के आरक्षण के इतिहास को याद करते हुए अच्चन्नायडू ने कहा कि पिछड़े वर्ग शुरू से ही TDP के साथ खड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री एन.टी. रामाराव ने 1987 में पिछड़े वर्गों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण शुरू किया था, और चंद्रबाबू नायडू ने 1995 में पंचायत राज अधिनियम में संशोधन के बाद इसे बढ़ाकर 34 प्रतिशत कर दिया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि 2019 में YSRCP के सत्ता में आने के बाद आरक्षण को 34 प्रतिशत से घटाकर 24 प्रतिशत कर दिया गया, जिससे पिछड़े वर्गों को विभिन्न स्तरों पर लगभग 17,000 राजनीतिक पद गंवाने पड़े। मंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार ने 34 प्रतिशत कोटा बहाल करने की कोशिश की और आदेश जारी किए, लेकिन अदालतों में आपत्तियों के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट ले जाया गया।

सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुसार, सरकार ने 19 फरवरी, 2026 को GO नंबर 3 के माध्यम से वरिष्ठ IAS अधिकारी राजीव रंजन मिश्रा की अध्यक्षता में एक समर्पित आयोग नियुक्त किया।

आयोग ने सभी जिलों और समुदायों से डेटा एकत्र किया और प्रत्येक स्थानीय इकाई में पिछड़े वर्गों की आबादी के आधार पर आरक्षण की सिफारिश की। उन्होंने कहा कि कैबिनेट ने रिपोर्ट को मंजूरी दे दी है और इसे राज्य चुनाव आयोग को भेज दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित BC आरक्षण इस प्रकार हैं: ग्राम पंचायत वार्ड सदस्य - 26.73 प्रतिशत, सरपंच - 27.95 प्रतिशत, MPTC - 25.55 प्रतिशत, MPP - 24.60 प्रतिशत, ZPTC - 24.60 प्रतिशत, ज़िला परिषद अध्यक्ष - 23.08 प्रतिशत, शहरी वार्ड सदस्य - 32.78 प्रतिशत, नगरपालिका अध्यक्ष - 33.02 प्रतिशत और मेयर - 35.29 प्रतिशत। सभी स्थानीय निकायों में BC आरक्षण का औसत 28.18 प्रतिशत है।

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