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आंध्र प्रदेश
Indrakeeladri पहाड़ी की स्थिरता का अध्ययन कर रहा NIRM, मंदिर विस्तार से पहले सुरक्षा जांच
Harrison
10 April 2026 9:22 PM IST

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Andhra Pradesh आंध्र प्रदेश: आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में स्थित Indrakeeladri Hill पर प्रस्तावित दुर्गा मंदिर विस्तार परियोजना से पहले भू-वैज्ञानिक सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण अध्ययन किया जा रहा है। National Institute of Rock Mechanics ने इस पहाड़ी की स्थिरता और संरचनात्मक मजबूती का विस्तृत विश्लेषण शुरू किया है।
जानकारी के अनुसार, इस अध्ययन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मंदिर निर्माण या विस्तार कार्य से पहले पहाड़ी की भूगर्भीय स्थिति पूरी तरह सुरक्षित हो। विशेषज्ञों की टीम यह जांच कर रही है कि कहीं निर्माण गतिविधियों से भूस्खलन, दरारें या संरचनात्मक अस्थिरता का खतरा तो नहीं है।
Indrakeeladri Hill पहले से ही एक धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है, जहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में किसी भी बड़े निर्माण कार्य से पहले सुरक्षा मूल्यांकन को प्राथमिकता दी जा रही है।
National Institute of Rock Mechanics की टीम ने पहाड़ी की चट्टानों, मिट्टी की परतों और ढलानों का तकनीकी परीक्षण शुरू किया है। इसमें ड्रिलिंग, सेंसर आधारित निगरानी और भू-तकनीकी सर्वेक्षण शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अध्ययन से यह पता लगाया जा सकता है कि पहाड़ी कितनी भार सहन करने में सक्षम है और अतिरिक्त निर्माण का उस पर क्या प्रभाव पड़ेगा। यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि मंदिर क्षेत्र में पहले से ही भारी भीड़ और संरचनात्मक दबाव रहता है।
Indrakeeladri Hill पर स्थित दुर्गा मंदिर परिसर के विस्तार की योजना लंबे समय से चर्चा में है। इस परियोजना के तहत श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाने, भीड़ प्रबंधन और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की योजना बनाई जा रही है।
National Institute of Rock Mechanics के वैज्ञानिक यह भी जांच रहे हैं कि क्षेत्र में पानी के रिसाव, बारिश के प्रभाव और प्राकृतिक कटाव से पहाड़ी की स्थिरता पर क्या असर पड़ सकता है।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि किसी भी निर्माण कार्य को शुरू करने से पहले सभी तकनीकी रिपोर्टों को गंभीरता से लिया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी तरह का जोखिम न हो।
Indrakeeladri Hill की भौगोलिक संरचना जटिल मानी जाती है और यह क्षेत्र पहले से ही प्राकृतिक रूप से संवेदनशील श्रेणी में आता है। ऐसे में यह अध्ययन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि रिपोर्ट में किसी भी प्रकार की अस्थिरता पाई जाती है, तो निर्माण योजना में संशोधन किया जा सकता है या उसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा सकता है।
National Institute of Rock Mechanics की प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद राज्य सरकार आगे की रणनीति तय करेगी।
फिलहाल, Indrakeeladri Hill पर यह अध्ययन मंदिर विकास और पर्यावरणीय सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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