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आंध्र वन विभाग ने सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कार्ययोजना की मांग की

तिरुपति: वन विभाग ने चित्तूर जिले में बिजली के झटकों से हाथियों की मौत को रोकने के लिए अपने प्रयास तेज कर दिए हैं। इसके लिए विभाग, बिजली, कृषि और बागवानी विभागों के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि उन जगहों की पहचान की जा सके जहाँ खतरा अधिक है और उन्हें ठीक किया जा सके।
अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) और मुख्य वन्यजीव वार्डन राहुल पांडे ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने जंगलों और खेतों के पास मौजूद खतरनाक जगहों को ठीक करने के लिए एक योजना बनाने को कहा।
इस बैठक में चित्तूर के कलेक्टर एस. सुमित कुमार, वन संरक्षक सी. सेल्वम, चित्तूर के प्रभागीय वन अधिकारी (DFO) जी. सुब्बुराज, बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता, सभी FRO (वन रेंज अधिकारी) और बिजली, कृषि तथा बागवानी विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
शनिवार को TNIE से बात करते हुए उन्होंने कहा, "नीचे लटकती बिजली की लाइनें, खुले तार और खुली जगहों पर लगे ट्रांसफार्मर हाथियों के लिए एक बड़ा खतरा बन गए हैं। चित्तूर जिले में ऐसी लगभग 1,166 खतरनाक जगहों की पहचान की गई है। हम अब वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर आपसी तालमेल को मजबूत कर रहे हैं, ताकि तय समय सीमा के भीतर इन सभी कमियों को दूर किया जा सके।"





