आंध्र प्रदेश

VINS हॉस्पिटल में ब्रेन-स्पाइन इलाज की नई तकनीक

Kavita2
8 July 2026 1:26 PM IST
VINS हॉस्पिटल में ब्रेन-स्पाइन इलाज की नई तकनीक
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विशाखापत्तनम: बदलती जीवनशैली, बढ़ते तनाव, सड़क दुर्घटनाओं और उम्र बढ़ने के साथ ब्रेन और स्पाइन से जुड़ी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। न्यूरोलॉजिकल समस्याएं अब पहले की तुलना में अधिक आम हो गई हैं, लेकिन आधुनिक मेडिकल टेक्नोलॉजी ने इनके इलाज को काफी आसान और सुरक्षित बना दिया है।

इसी दिशा में विशाखा इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरो साइंसेज (VINS हॉस्पिटल) ब्रेन और स्पाइन की बीमारियों के इलाज के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। यहां अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से मरीजों को बेहतर और किफायती इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।

एडवांस्ड न्यूरो नेविगेशन से बढ़ी सर्जरी की सटीकता

VINS हॉस्पिटल के न्यूरो साइंसेज विभाग में आधुनिक न्यूरो नेविगेशन तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह तकनीक ब्रेन सर्जरी के दौरान एक तरह से GPS सिस्टम की तरह काम करती है।

न्यूरोसर्जन डॉ. थल्लूरी प्रशांत के नेतृत्व में विभाग इस तकनीक के जरिए जटिल ब्रेन सर्जरी को अधिक सुरक्षित और सटीक तरीके से अंजाम दे रहा है।

न्यूरो नेविगेशन सिस्टम सर्जन को ब्रेन के प्रभावित हिस्से की सटीक स्थिति बताने में मदद करता है। इससे डॉक्टर स्वस्थ ब्रेन टिशू को कम से कम नुकसान पहुंचाते हुए सर्जरी कर पाते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस तकनीक से सर्जरी की सफलता की संभावना बढ़ती है और मरीजों के बेहतर परिणाम सामने आते हैं।

मिनिमली इनवेसिव सर्जरी से जल्दी रिकवरी

ब्रेन और स्पाइन से जुड़ी कई बीमारियों के इलाज में अब मिनिमली इनवेसिव तकनीक का इस्तेमाल बढ़ रहा है। VINS हॉस्पिटल में स्लिप डिस्क, स्पाइनल ट्यूमर और स्पाइनल इंफेक्शन जैसी समस्याओं के लिए एंडोस्कोपिक और मिनिमली इनवेसिव स्पाइन सर्जरी की जा रही है।

इन प्रक्रियाओं में बड़े चीरे लगाने की जरूरत कम होती है। इसके कारण:

रक्तस्राव कम होता है

मरीज को कम दर्द होता है

संक्रमण का खतरा घटता है

रिकवरी तेजी से होती है

अस्पताल में रहने की अवधि कम होती है

बताया गया है कि ब्रेन ट्यूमर, सिर की गंभीर चोट, पिट्यूटरी ट्यूमर और ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया जैसी जटिल बीमारियों के इलाज में भी आधुनिक एंडोस्कोपिक तकनीकों का सफल उपयोग किया जा रहा है।

हर मरीज के लिए तैयार किया जाता है व्यक्तिगत इलाज प्लान

VINS हॉस्पिटल की न्यूरो-स्पाइन टीम मरीजों की जरूरत के अनुसार उपचार योजना तैयार करती है। टीम में डॉ. थल्लूरी प्रशांत, डॉ. भरत सिंह नाइक और डॉ. राजेश पति जैसे विशेषज्ञ शामिल हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि हर मरीज की बीमारी, उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और मेडिकल इतिहास अलग होता है। इसलिए इलाज का तरीका भी मरीज के अनुसार तय किया जाता है।

मरीजों को बेहतर परिणाम देने के लिए डॉक्टर जांच के बाद व्यक्तिगत ट्रीटमेंट प्लान तैयार करते हैं।

अनुभवी टीम और बेहतर देखभाल पर जोर

अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ और ड्यूटी डॉक्टरों की टीम भी मरीजों की लगातार निगरानी करती है।

ब्रेन और स्पाइन सर्जरी के बाद मरीजों की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाता है, ताकि किसी भी तरह की जटिलता को समय रहते पहचाना जा सके।

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि आधुनिक तकनीक और अनुभवी मेडिकल टीम के संयोजन से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के इलाज में नई उम्मीद

पहले जिन ब्रेन और स्पाइन संबंधी बीमारियों का इलाज बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता था, अब नई तकनीकों के कारण उनमें सुधार की संभावनाएं बढ़ी हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर बीमारी की पहचान और सही इलाज से कई गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्याओं को नियंत्रित किया जा सकता है।

VINS हॉस्पिटल का उद्देश्य आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ डॉक्टरों और मरीज केंद्रित देखभाल के माध्यम से न्यूरो साइंस के क्षेत्र में बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है।

बढ़ती न्यूरोलॉजिकल समस्याओं के दौर में ऐसे एडवांस्ड मेडिकल सेंटर मरीजों के लिए नई उम्मीद बन रहे हैं, जहां अत्याधुनिक तकनीक के साथ सुरक्षित और प्रभावी इलाज संभव हो रहा है।

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