आंध्र प्रदेश

मंत्री मोहन नायडू और नारा लोकेश ने अस्पताल में घायलों से की मुलाकात

jantaserishta.com
1 Nov 2025 11:03 PM IST
मंत्री मोहन नायडू और नारा लोकेश ने अस्पताल में घायलों से की मुलाकात
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Andhra Pradesh आंध्र प्रदेश: श्रीकाकुलम जिले में स्थित वेंकटेश्वरा स्वामी मंदिर में शुक्रवार को हुई भीषण भगदड़ की घटना में नौ श्रद्धालुओं की मौत के बाद राज्यभर में शोक की लहर दौड़ गई है। हादसे के बाद केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु और टीडीपी नेता नारा लोकेश ने घटनास्थल और अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद देगी।
मंत्री राम मोहन नायडू ने बताया कि “आज एकादशी होने की वजह से मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या अचानक बढ़ गई थी। इसी दौरान अनियंत्रित भीड़ के कारण भगदड़ मच गई। जैसे ही हमें इस हादसे की जानकारी मिली, मैं, लोकेश अन्ना और पूरा जिला प्रशासन मुख्यमंत्री के निर्देश पर तुरंत घटनास्थल पहुंचे। हमारी प्राथमिकता अधिक से अधिक लोगों की जान बचाना और उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा देना है।”
उन्होंने बताया कि हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि दर्जनों श्रद्धालु घायल हैं। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। राज्य सरकार ने मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने की घोषणा की है।
मंदिर ट्रस्ट की भूमिका पर उठे सवाल
जानकारी के मुताबिक, वेंकटेश्वरा स्वामी मंदिर का निर्माण 95 वर्षीय हरी मुकुंदा पांडा नामक व्यक्ति ने किया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने श्रद्धाभाव से यह मंदिर बनवाया था ताकि आम लोगों को भगवान बालाजी के दर्शन सुलभ हों। हालांकि, हादसे के बाद मंदिर में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच अचानक अफरा-तफरी मच गई। कोई भीड़ को नियंत्रित करने वाला नहीं था। कुछ लोग गिर पड़े और दूसरों के पैरों तले कुचले गए। स्थानीय प्रशासन ने तत्काल राहत-बचाव दल भेजकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
राज्य सरकार ने जांच के दिए आदेश
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने इस हादसे पर दुख जताते हुए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं बेहद दुखद हैं और भविष्य में इस तरह की त्रासदी से बचने के लिए सभी धार्मिक स्थलों पर crowd management की सख्त व्यवस्था की जाएगी।
टीमों को घटना की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान करने का निर्देश दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विपक्ष ने जताया शोक, केंद्र ने दी सहायता का भरोसा
विपक्षी नेताओं ने भी हादसे पर शोक जताया है। कांग्रेस और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने सरकार से मंदिरों में सुरक्षा प्रबंधन सुधारने की मांग की है। केंद्र सरकार ने राज्य को हरसंभव मदद देने का भरोसा दिलाया है।
इस बीच, राम मोहन नायडू ने कहा, “यह समय राजनीति का नहीं, बल्कि पीड़ितों की मदद का है। हर संभव कदम उठाया जा रहा है ताकि किसी घायल को उपचार में कोई कमी न रहे।”
स्थिति अब नियंत्रण में
अधिकारियों के अनुसार, मंदिर परिसर में अब स्थिति नियंत्रण में है। पुलिस ने स्थल पर भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त जवानों की तैनाती कर दी है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे संयम रखें और अफवाहों पर ध्यान न दें।
राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को 2 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं कि धार्मिक आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन की तैयारियां कितनी मजबूत हैं और क्या ऐसे हादसे भविष्य में टाले जा सकते हैं।
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