आंध्र प्रदेश

YSRCP का बड़ा आरोप, विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन से रोका गया

Ratna Netam
24 Oct 2026 5:19 PM IST
YSRCP का बड़ा आरोप, विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन से रोका गया
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गुंटूर। आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान नामांकन प्रक्रिया को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के गुंटूर जिला अध्यक्ष और पूर्व मंत्री अंबाती रामबाबू ने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली सरकार पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि सत्ताधारी तेलुगु देशम पार्टी (TDP), पुलिस और राज्य चुनाव आयोग (SEC) की कथित मिलीभगत से विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोका जा रहा है। रामबाबू ने आरोप लगाया कि हिंसा और डराने-धमकाने के जरिए निर्विरोध चुनाव कराने की कोशिश हो रही है।
राज्य चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप
गुंटूर स्थित अपने कैंप कार्यालय में शनिवार को मीडिया से बातचीत करते हुए अंबाती रामबाबू ने राज्य चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग स्वतंत्र रूप से काम करने के बजाय चंद्रबाबू नायडू के प्रभाव में काम कर रहा है।रामबाबू के अनुसार, चुनाव के दौरान विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने में बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि कुछ स्थानों पर नामांकन पत्र फाड़ दिए गए और पुलिस की मौजूदगी में उम्मीदवारों को प्रक्रिया पूरी करने से रोका गया।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नामांकन केंद्रों पर मीडिया की पहुंच सीमित की गई, ताकि कथित अनियमितताओं की जानकारी सार्वजनिक न हो सके। हालांकि, ये आरोप YSRCP नेताओं की ओर से लगाए गए हैं। इनकी अंतिम पुष्टि जांच और संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट से होनी बाकी है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला
अंबाती रामबाबू ने कहा कि उम्मीदवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से निर्देश दिए जाने के बावजूद विपक्षी उम्मीदवारों को परेशान किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।दरअसल, आंध्र प्रदेश में शहरी स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर YSRCP सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी। पार्टी ने आरोप लगाया था कि हिंसा, धमकियों और अन्य तरीकों से उसके उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोका गया।इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग को शिकायतों की जांच करने और प्रभावित उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने का अवसर देने से जुड़े मुद्दों पर विचार करने का निर्देश दिया। अदालत ने उम्मीदवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस को भी आवश्यक कदम उठाने को कहा।
विपक्षी नेताओं को नजरबंद करने का आरोप
रामबाबू ने दावा किया कि विपक्षी नेताओं को नजरबंद कर चुनावी प्रक्रिया में उनकी भागीदारी सीमित करने की कोशिश की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि YSRCP के वरिष्ठ नेताओं को उम्मीदवारों की मदद करने और जरूरी पार्टी दस्तावेज उपलब्ध कराने से रोका गया।उन्होंने पूर्व मंत्री विदादाला रजनी के साथ कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा भी उठाया। रामबाबू के मुताबिक, रजनी एक उम्मीदवार की सहायता कर रही थीं, तभी उनके साथ धक्का-मुक्की की गई और उन्हें जमीन पर गिरा दिया गया।पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि पुलिस ने विपक्षी नेताओं के खिलाफ सख्ती दिखाई, जबकि सत्ताधारी दल के उम्मीदवारों को सहयोग मिला। इन आरोपों पर सभी संबंधित पक्षों के विस्तृत आधिकारिक जवाब सामने आना जरूरी है।
54 पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी
अंबाती रामबाबू ने दावा किया कि उनकी पार्टी ने चुनावी अनियमितताओं में कथित भूमिका को लेकर 54 पुलिस अधिकारियों की पहचान की है। इसमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और सत्तेनापल्ली के डीएसपी हनुमंत राव का नाम भी शामिल बताया गया।उन्होंने कहा कि पार्टी कथित अनियमितताओं के खिलाफ हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। रामबाबू ने अधिकारियों से निष्पक्ष तरीके से काम करने और चुनावी प्रक्रिया में सभी उम्मीदवारों को समान अवसर देने की मांग की।
TDP ने आरोपों को किया खारिज
दूसरी ओर, TDP और सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं ने YSRCP के आरोपों को राजनीतिक बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि चुनाव निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विपक्ष पर चुनावी प्रक्रिया को बाधित करने और हिंसा भड़काने के आरोप भी लगाए हैं।
स्थानीय निकाय चुनावों पर टिकी नजरें
आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों से पहले आरोप-प्रत्यारोप के कारण राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। नामांकन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की शिकायतों और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद राज्य चुनाव आयोग की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है।अब आयोग की जांच, उम्मीदवारों की सुरक्षा और नामांकन संबंधी शिकायतों पर होने वाली कार्रवाई से आगे की चुनावी प्रक्रिया की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल, दोनों पक्ष एक-दूसरे पर चुनावी माहौल बिगाड़ने के आरोप लगा रहे हैं।
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