आंध्र प्रदेश

मद्रास HC: CM विजय की याचिका पर फ़ैसला 14 अक्टूबर तक टला

Tara Tandi
9 Oct 2026 12:48 PM IST
मद्रास HC: CM विजय की याचिका पर फ़ैसला 14 अक्टूबर तक टला
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चेन्नई: मद्रास हाई कोर्ट ने गुरुवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की उस याचिका पर अपना फैसला 14 अक्टूबर तक टाल दिया, जिसमें उन्होंने पेराम्बुर विधानसभा क्षेत्र से अपनी जीत को चुनौती देने वाले चुनावी मामले को खारिज करने की मांग की थी।
जस्टिस वी. लक्ष्मीनारायणन ने विधानसभा क्षेत्र के एक वोटर दिनेश द्वारा दायर चुनावी याचिका को खारिज करने की मुख्यमंत्री विजय की अर्जी पर दलीलें सुनीं।
विजय ने पेराम्बुर सीट 53,715 वोटों के अंतर से जीती थी।
सुनवाई के दौरान, मुख्यमंत्री की ओर से पेश वकील ने कहा कि सीएम विजय ने अपने नॉमिनेशन पेपर्स में सभी ज़रूरी जानकारी दी थी और कोई भी जानकारी छिपाई नहीं थी।
सीएम विजय के पक्ष ने उनके चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज करने की मांग की।
इस अर्जी का विरोध करते हुए, दिनेश के वकील ने आरोप लगाया कि सीएम विजय पानरुटी में खरीदी गई 30 करोड़ रुपये की कृषि योग्य ज़मीन की जानकारी देने में नाकाम रहे।
याचिकाकर्ता ने कहा कि ऐसी जानकारी छिपाने से वोटर्स की सोच-समझकर और आज़ादी से वोट देने की क्षमता पर असर पड़ सकता है।
याचिकाकर्ता के पक्ष ने मद्रास हाई कोर्ट के एक फैसले का हवाला दिया, जिसमें बताया गया था कि नॉमिनेशन पेपर्स में जानकारी छिपाने का वोटर्स पर क्या असर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि इन आरोपों की चुनावी याचिका के ज़रिए जांच होनी चाहिए।
बहस के दौरान कोडैकनाल के विल्पट्टी गांव में 50 सेंट ज़मीन के टुकड़े का भी ज़िक्र किया गया।
याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि रेवेन्यू डिपार्टमेंट के रिकॉर्ड में विवादित ज़मीन को सरकारी सरप्लस ज़मीन के तौर पर दिखाया गया है, जिससे कार्यवाही के दौरान मालिकाना हक के दावे पर सवाल उठते हैं।
दिनेश के पक्ष ने यह भी कहा कि नॉमिनेशन पेपर्स में आपराधिक मामलों को छिपाना न सिर्फ़ कानून का उल्लंघन है, बल्कि एक भ्रष्ट तरीका भी है।
ये बातें सीएम विजय की याचिका खारिज करने की मांग के विरोध का हिस्सा थीं।
वकील ने तर्क दिया कि नॉमिनेशन पेपर्स की जांच करते समय रिटर्निंग ऑफिसर जानकारी छिपाने के आरोपों की पूरी जांच नहीं कर सकता।
याचिकाकर्ता के पक्ष ने कहा कि ऐसे मुद्दों की विस्तृत जांच सिर्फ़ चुनावी मामले के ज़रिए ही संभव है।
बहस के दौरान दखल देते हुए जस्टिस लक्ष्मीनारायणन ने पूछा कि क्या किसी कब्ज़ा करने वाले (एनक्रोचर) को चुनाव लड़ने से रोका जा सकता है और क्या कब्ज़ा करने पर अयोग्य ठहराया जा सकता है। जज ने यह भी पूछा कि क्या CM विजय ने अपने नॉमिनेशन पेपर्स के साथ विल्पट्टी ज़मीन से जुड़ा सेल डीड जमा किया था।
कोर्ट, केस खारिज करने की CM विजय की अर्ज़ी पर 14 अक्टूबर को अपना फ़ैसला सुनाएगा।
बहस इस बात पर है कि क्या चुनाव को चुनौती देने वाली कार्यवाही आगे बढ़नी चाहिए; याचिकाकर्ता के आरोपों का मुख्यमंत्री की तरफ़ से विरोध किया जा रहा है, जिनका कहना है कि सभी ज़रूरी जानकारी दी गई थी।
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