आंध्र प्रदेश

आंध्र प्रदेश में 3 लाख घरों की शुरुआत CM नायडू ने रखा बड़ा लक्ष्य

Ratna Netam
4 Oct 2026 5:35 PM IST
आंध्र प्रदेश में 3 लाख घरों की शुरुआत CM नायडू ने रखा बड़ा लक्ष्य
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अमरावती। आंध्र प्रदेश में ग्रामीण आवास को बढ़ावा देने की दिशा में रविवार को बड़ा कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने तेनाली विधानसभा क्षेत्र के बुर्रिपालेम में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ मिलकर **प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) 2.0** के तहत राज्यभर में 3 लाख घरों के निर्माण की आधारशिला रखी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2029 तक राज्य में शत-प्रतिशत आवास उपलब्ध कराने का है।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नायडू ने ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरतमंद परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराने की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि आवास केवल एक इमारत नहीं, बल्कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का आधार है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने शुरुआत में नियमित कोटे के तहत आंध्र प्रदेश के लिए केवल **75 हजार घरों** को मंजूरी दी थी। राज्य सरकार ने अतिरिक्त आवास की जरूरत को देखते हुए केंद्र से विशेष अनुरोध किया। इसके बाद केंद्र सरकार ने राज्य के लिए 3 लाख घरों को मंजूरी दी।नायडू ने कहा कि यह मंजूरी राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में आवास की जरूरत को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि पात्र परिवारों को आवास योजना का लाभ जल्द से जल्द मिले और निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए।
9 लाख घरों तक पहुंच सकता है आवंटन
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ हुई सहमति का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि मौजूदा 3 लाख घरों के बैच का काम पूरा होने के बाद केंद्र की ओर से **3 लाख और घरों** को मंजूरी देने पर सहमति बनी है।इसके अलावा अगले वर्ष अतिरिक्त **3 लाख घरों** को मंजूरी देने की बात भी कही गई है। इस तरह यदि प्रस्तावित मंजूरियां होती हैं तो आंध्र प्रदेश में इस चरण के तहत कुल आवंटन **9 लाख घरों** तक पहुंच सकता है।नायडू ने कहा कि बड़े पैमाने पर आवास निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे न केवल उन्हें स्थायी आवास मिलेगा, बल्कि ग्रामीण इलाकों में निर्माण गतिविधियों को भी गति मिल सकती है।
2029 तक शत-प्रतिशत आवास का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में वर्ष 2029 तक राज्य में शत-प्रतिशत आवास के लक्ष्य को पूरा करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार पात्र परिवारों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए चरणबद्ध तरीके से काम कर रही है।PMAY-G के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है। राज्य और केंद्र के बीच समन्वय के जरिए योजना को जमीन पर लागू किया जाता है। ऐसे में बड़े पैमाने पर मंजूरी मिलने से राज्य के ग्रामीण इलाकों में आवास निर्माण की गति बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
बुर्रिपालेम से शुरू हुआ बड़ा अभियान
तेनाली निर्वाचन क्षेत्र के बुर्रिपालेम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायडू और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संयुक्त रूप से निर्माण कार्यों की आधारशिला रखी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और अधिकारी मौजूद रहे।बुर्रिपालेम में आयोजित कार्यक्रम को राज्यभर में शुरू होने वाले आवास निर्माण अभियान की शुरुआत के तौर पर देखा गया। 3 लाख घरों का निर्माण अलग-अलग ग्रामीण क्षेत्रों में किया जाएगा। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को घर बनाने के लिए निर्धारित सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए आवास के साथ अन्य बुनियादी सुविधाओं पर भी ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने विकास योजनाओं को जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू करने और लाभार्थियों तक उनका फायदा पहुंचाने पर जोर दिया।
केंद्र और राज्य के बीच समन्वय
PMAY-G 2.0 के तहत आवास निर्माण को लेकर केंद्र और आंध्र प्रदेश सरकार के बीच समन्वय को कार्यक्रम में प्रमुखता दी गई। नायडू ने कहा कि राज्य की जरूरतों को देखते हुए केंद्र से अतिरिक्त आवास की मांग की गई थी।शुरुआत में 75 हजार घरों की मंजूरी के बाद राज्य की ओर से अतिरिक्त आवास के लिए विशेष अनुरोध किया गया। इसके बाद 3 लाख घरों की मंजूरी मिली। मुख्यमंत्री ने इस मंजूरी को ग्रामीण आवास की जरूरत पूरी करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।उन्होंने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सहयोग का भी उल्लेख किया। नायडू के अनुसार, चौहान ने मौजूदा आवास निर्माण बैच के पूरा होने के बाद और 3 लाख घरों की मंजूरी तथा अगले साल अतिरिक्त 3 लाख घरों को मंजूरी देने पर सहमति जताई है।यदि ये प्रस्तावित मंजूरियां लागू होती हैं तो कुल आवंटन 9 लाख घरों तक पहुंच सकता है। इससे आंध्र प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में परिवारों को आवास योजना का लाभ मिलने की संभावना है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मिल सकती है गति
बड़े पैमाने पर आवास निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। घरों के निर्माण से स्थानीय स्तर पर मजदूरों, निर्माण सामग्री और अन्य सेवाओं की मांग बढ़ सकती है।इसके अलावा पक्के घर मिलने से लाभार्थी परिवारों को मौसम और अन्य परिस्थितियों से बेहतर सुरक्षा मिल सकती है। आवास की सुविधा परिवारों के जीवन में स्थिरता और सुरक्षा की भावना को मजबूत करने में भी मदद कर सकती है।सरकार की ओर से आवास निर्माण के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे और अन्य सुविधाओं को बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास का उद्देश्य केवल आवास उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों के जीवन में व्यापक सुधार लाना होना चाहिए।
नायडू ने दोहराया सरकार का लक्ष्य
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कार्यक्रम के दौरान 2029 तक शत-प्रतिशत आवास उपलब्ध कराने के लक्ष्य को दोहराया। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम कर रहे हैं।उन्होंने बताया कि अतिरिक्त आवास की मंजूरी मिलने से राज्य सरकार को अपने लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। 3 लाख घरों के मौजूदा चरण के साथ-साथ भविष्य में प्रस्तावित 6 लाख अतिरिक्त घरों की मंजूरी से आवास कार्यक्रम का दायरा और बढ़ सकता है।
बुर्रिपालेम में आयोजित कार्यक्रम के साथ आंध्र प्रदेश में PMAY-G 2.0 के तहत 3 लाख घरों के निर्माण की प्रक्रिया औपचारिक रूप से आगे बढ़ी है। अब इन आवासों का निर्माण अलग-अलग ग्रामीण क्षेत्रों में किया जाएगा और पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।कुल मिलाकर, आंध्र प्रदेश सरकार ने ग्रामीण आवास के क्षेत्र में 2029 तक शत-प्रतिशत आवास का लक्ष्य रखा है। रविवार को 3 लाख घरों की आधारशिला रखे जाने के साथ इस दिशा में एक महत्वपूर्ण चरण शुरू हुआ। मुख्यमंत्री नायडू के मुताबिक केंद्र की ओर से भविष्य में दो चरणों में 3-3 लाख अतिरिक्त घरों की मंजूरी मिलने पर राज्य में इस योजना के तहत कुल आवंटन 9 लाख घरों तक पहुंच सकता है।
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