आंध्र प्रदेश

जीत की खुशी मातम में बदली, निधन के बाद JSP की महिला उम्मीदवार 350 वोटों से विजयी घोषित

Tulsi Rao
8 Nov 2026 1:33 PM IST
जीत की खुशी मातम में बदली, निधन के बाद JSP की महिला उम्मीदवार 350 वोटों से विजयी घोषित
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राजामहेंद्रवरम। आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में स्थानीय निकाय चुनाव के दौरान एक दुखद घटना सामने आई है। जनसेना पार्टी (JSP) की 28 वर्षीय उम्मीदवार गरापति दिव्या को उनकी मृत्यु के एक दिन बाद मंडल परिषद क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्र (MPTC) चुनाव में विजेता घोषित किया गया। दिव्या ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 350 वोटों के अंतर से हराया। हालांकि, चुनाव परिणाम घोषित होने से पहले ही दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया था। इस घटना के बाद परिवार, पार्टी कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों में शोक का माहौल है।

गरापति दिव्या पूर्वी गोदावरी जिले के देवरापल्ली मंडल के दुमंथुनिगुडेम गांव से जनसेना पार्टी की उम्मीदवार थीं। उन्होंने MPTC चुनाव में उत्साह के साथ भाग लिया था और अपनी जीत के लिए प्रचार भी किया था। लेकिन मतदान के बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई।

जानकारी के अनुसार, गुरुवार 5 नवंबर को मतदान करने के कुछ घंटों बाद दिव्या ने पेट में दर्द और गैस संबंधी परेशानी की शिकायत की। इसके बाद परिजन उन्हें देवरापल्ली के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए राजामहेंद्रवरम ले जाया गया।

उपचार के बाद उनकी हालत में कुछ सुधार बताया गया, जिसके चलते उन्हें घर वापस लाया गया। हालांकि, शुक्रवार सुबह उन्हें दोबारा दर्द की शिकायत हुई। परिजन तत्काल उन्हें राजामहेंद्रवरम के अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने कुछ समय बाद उनके निधन की पुष्टि कर दी। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी मृत्यु हृदयाघात के कारण हुई।

दिव्या की अचानक मौत से परिवार और गांव में शोक फैल गया। परिजन अभी इस दुख से उबर भी नहीं पाए थे कि शनिवार को चुनाव परिणाम घोषित हो गए। मतगणना में दिव्या को अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से 350 वोट अधिक मिले और उन्हें मरणोपरांत विजेता घोषित किया गया।

चुनाव में जीत की खबर सुनकर समर्थकों की भावनाएं और गहरी हो गईं। जिस परिणाम का सभी को बेसब्री से इंतजार था, वह दिव्या की अनुपस्थिति में सामने आया। ग्रामीणों और जनसेना पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया।

दिव्या ने स्नातक की पढ़ाई पूरी की थी। उन्होंने श्रीनिवास से प्रेम विवाह किया था। दंपति के दो बेटे हैं, जिनमें एक की उम्र पांच वर्ष और दूसरे की उम्र महज तीन महीने है। इतनी कम उम्र में दिव्या के निधन से दोनों बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया।

स्थानीय लोगों के अनुसार, दिव्या चुनाव में जीत हासिल करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही थीं। उन्हें उम्मीद थी कि चुनाव जीतकर वह स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधि के रूप में काम करेंगी। हालांकि, परिणाम आने से पहले ही उनका जीवन समाप्त हो गया।

शनिवार को घोषित परिणाम में जनसेना उम्मीदवार की जीत ने पूरे गांव को भावुक कर दिया। आमतौर पर चुनाव जीतने के बाद समर्थकों के बीच उत्साह और जश्न का माहौल रहता है, लेकिन दुमंथुनिगुडेम में जीत की खबर के साथ शोक और गहरा गया।

गरापति दिव्या की मरणोपरांत चुनावी जीत आंध्र प्रदेश के स्थानीय निकाय चुनावों की एक दुखद घटना बन गई है। परिवार और समर्थकों के लिए यह परिणाम उनकी चुनावी सफलता की याद के साथ उनके असमय निधन का दुख भी लेकर आया।

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