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जनता के फैसले का अपमान करना जगन की आदत बन गई है: पल्ला श्रीनिवास राव

अमरावती। आंध्र प्रदेश में मंडल परिषद क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्र (MPTC) और जिला परिषद क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्र (ZPTC) चुनावों के परिणामों के बाद सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (TDP) और विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। TDP के प्रदेश अध्यक्ष पल्ला श्रीनिवास राव ने पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जनता के फैसले का अपमान करना उनकी आदत बन गई है। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों में NDA गठबंधन के उम्मीदवारों को मिली जीत सरकार की नीतियों और कामकाज पर जनता के भरोसे को दर्शाती है।
शनिवार, 7 नवंबर को मंगलगिरि स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पल्ला श्रीनिवास राव ने चुनावी जीत के लिए जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक मतदाताओं ने गठबंधन सरकार के कामकाज का समर्थन किया है।
पल्ला ने दावा किया कि स्थानीय निकाय चुनावों में जनता ने विकास और सुशासन के पक्ष में मतदान किया। उनके अनुसार, चुनाव परिणाम केवल राजनीतिक जीत नहीं हैं, बल्कि सरकार के प्रति लोगों के विश्वास का संकेत भी हैं।
TDP प्रदेश अध्यक्ष ने YSRCP अध्यक्ष जगन मोहन रेड्डी की ओर से चुनाव प्रक्रिया पर उठाए गए सवालों की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि जगन की टिप्पणियां राज्य के 2.6 करोड़ मतदाताओं का अपमान करने जैसी हैं।
पल्ला ने कहा कि जनता के फैसले को स्वीकार करने के बजाय बार-बार उस पर सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने दावा किया कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों से चुनाव हों या मतपत्रों के माध्यम से, मतदाताओं का समर्थन NDA गठबंधन के साथ बना हुआ है।
उन्होंने YSRCP पर चुनाव के दौरान बाधाएं उत्पन्न करने का आरोप भी लगाया। पल्ला के अनुसार, विपक्ष की कथित गतिविधियों के बावजूद लोगों ने गठबंधन उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान किया। हालांकि, ये आरोप TDP नेता के हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
पल्ला श्रीनिवास राव ने जगन मोहन रेड्डी के राजनीतिक बयानों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जनता अब धमकियों से डरने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को चुनाव परिणामों से जनता का संदेश समझना चाहिए।
स्थानीय निकाय चुनावों में TDP के नेतृत्व वाले गठबंधन ने उल्लेखनीय बढ़त हासिल की है। 7 नवंबर की रात नौ बजे तक घोषित राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, TDP, जनसेना पार्टी और भाजपा ने मिलकर 5,597 MPTC सीटें जीती थीं। इनमें TDP को 4,823, जनसेना पार्टी को 644 और भाजपा को 130 सीटें मिली थीं। उसी समय तक गठबंधन ने 273 ZPTC सीटों पर जीत दर्ज की थी। मतगणना जारी रहने के कारण ये अंतिम आंकड़े नहीं थे।
चुनावी नतीजों के बीच जगन मोहन रेड्डी ने भी मतदान और मतगणना प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ स्थानों पर अधिकारियों पर दबाव बनाया गया और चुनाव परिणामों को प्रभावित करने की कोशिश हुई। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पल्ला श्रीनिवास राव ने कहा कि चुनावी सफलता के साथ गठबंधन सरकार की जनता के प्रति जिम्मेदारी और बढ़ गई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार विकास कार्यों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को आगे बढ़ाती रहेगी।
उन्होंने वर्ष 2029 के चुनावों में भी गठबंधन की जीत का विश्वास जताया। हालांकि, यह उनका राजनीतिक दावा है, भविष्य के चुनाव परिणामों का कोई निश्चित संकेत नहीं।
आंध्र प्रदेश के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच जनादेश और चुनाव प्रक्रिया को लेकर मतभेद सामने आए हैं। एक ओर TDP नेतृत्व चुनाव परिणामों को सरकार के प्रति समर्थन के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, वहीं YSRCP चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के मुद्दे उठा रही है।





