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विशाखापत्तनम की वायु गुणवत्ता की रक्षा के लिए उद्योगों पर ₹16.32 करोड़ का जुर्माना

विशाखापत्तनम: आंध्र प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (APPCB) का दावा है कि उसने विशाखापत्तनम में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए अपनी कोशिशें तेज़ कर दी हैं और प्रदूषण नियंत्रण नियमों का उल्लंघन करने वाली इंडस्ट्रीज़ पर कुल 16.32 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।
APPCB के अनुसार, दिसंबर 2025 में प्रदूषण का स्तर बढ़ने के कारण इंडस्ट्रीज़ से होने वाले उत्सर्जन (emissions) की बारीकी से निगरानी शुरू की गई। बोर्ड ने इंडस्ट्रीज़ को निर्देश दिया कि वे तय उत्सर्जन मानकों का पालन करें, प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों का सही रखरखाव करें और ज़्यादा धुआं निकलने से रोकें।
जनवरी 2026 में टास्क फोर्स की टीमों ने इंडस्ट्रीज़ का निरीक्षण किया और पाया कि वायु गुणवत्ता (air-quality) के नियमों के पालन में कई कमियां थीं। एजेंसी ने इंडस्ट्रीज़ को सुधारात्मक उपाय करने के निर्देश देते हुए नोटिस जारी किए। हालांकि, बार-बार निरीक्षण और निगरानी से पता चला कि वायु गुणवत्ता में उम्मीद के मुताबिक सुधार नहीं हुआ है, जिसके बाद सख्त कार्रवाई की गई।
APPCB के चेयरमैन पी. कृष्णाया ने कहा कि औद्योगिक शहर में वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए इंडस्ट्रीज़ से होने वाले उत्सर्जन की प्रभावी निगरानी और प्रदूषण नियंत्रण उपायों को सख्ती से लागू करना ज़रूरी है।
उन्होंने निवासियों से निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करने, सार्वजनिक परिवहन चुनने, नियमित रूप से वाहनों के उत्सर्जन की जांच कराने और खुली जगहों पर कचरा जलाने या निर्माण कार्य का मलबा फेंकने से बचने का आग्रह किया। उन्होंने निर्माण स्थलों पर धूल को नियंत्रित करने के प्रभावी उपायों की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया।
कृष्णाया ने बताया कि विशाखापत्तनम में अभी आठ मैनुअल वायु-गुणवत्ता निगरानी स्टेशन और तीन निरंतर निगरानी स्टेशन हैं। नवंबर तक पांच प्रस्तावित IoT-आधारित निगरानी स्टेशनों के चालू होने की उम्मीद है।
उन्होंने शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए इंडस्ट्रीज़, स्थानीय निकायों और सरकारी विभागों द्वारा मिलकर काम करने का आह्वान किया।





