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आंध्र प्रदेश
गांधीजी का जीवन और बलिदान देश के लिए हमेशा प्रेरणादायी: राज्यपाल
Tara Tandi
2 Oct 2026 2:02 PM IST

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अमरावती: आंध्र प्रदेश के गवर्नर एस. अब्दुल नज़ीर ने शुक्रवार को कहा कि देश के लिए महात्मा गांधी का सर्वोच्च बलिदान, उनकी अमर भावना और कालजयी शिक्षाएं एक राष्ट्र के तौर पर हमेशा हमारा मार्गदर्शन करती रहेंगी।
गवर्नर ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि गांधी जयंती पूरी दुनिया में 'अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस' के रूप में मनाई जाती है।
गवर्नर ने कहा कि महात्मा गांधी का शांतिपूर्ण प्रतिरोध और सामूहिक सविनय अवज्ञा का रास्ता दुनिया भर के नेताओं के लिए प्रेरणा रहा है।
गवर्नर अब्दुल नज़ीर ने कहा, "महात्मा ने सादा जीवन जिया और 'सत्य' व 'अहिंसा' के रास्ते को जीवन का आधार बनाया। आइए, इस दिन हम राष्ट्रपिता के दिखाए रास्ते पर चलकर सत्य और अहिंसा के महान सिद्धांतों के प्रति खुद को फिर से समर्पित करने का संकल्प लें।"
गवर्नर ने पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री को भी उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी। गवर्नर ने कहा कि शास्त्री का जीवन विनम्रता, ईमानदारी, साहस और देश के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि उनका मशहूर नारा "जय जवान, जय किसान" देश के सैनिकों और किसानों के प्रति उनके गहरे सम्मान को दर्शाता है। सादगी, ईमानदारी और सेवा के उनके आदर्श आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन और उन्हें प्रेरित करते रहेंगे।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने अपने आवास पर दोनों नेताओं की तस्वीरों पर फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने कहा, "गांधीजी के सत्य, अहिंसा, स्वच्छता और ग्राम स्व-शासन जैसे आदर्श आज भी हमारा मार्गदर्शन करते हैं। देश की आज़ादी के लिए उनका बलिदान और जिस तरह से उन्होंने लोगों को एकजुट किया और उनका नेतृत्व किया, वह हमेशा याद रखा जाएगा। आइए, हम सब मिलकर एक ऐसे स्वच्छ, आत्मनिर्भर और गरीबी-मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में काम करें जिसका सपना गांधीजी ने देखा था। भारत के निर्माण के हिस्से के तौर पर, आइए हम विकसित भारत और स्वर्ण आंध्र के लिए गांधीजी द्वारा दिखाए गए रास्ते पर चलें।" मुख्यमंत्री नायडू ने लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें सादगी का प्रतीक और देशभक्ति व ईमानदारी की मिसाल बताया। देश की रक्षा में सैनिकों की भूमिका और देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में किसानों की भूमिका को पहचानते हुए उन्होंने जो "जय जवान - जय किसान" का नारा दिया था, वह हमेशा देश के लोगों को प्रेरित करता रहेगा।
मुश्किल समय में भी देश के हितों को प्राथमिकता देते हुए लाल बहादुर शास्त्री ने जो नेतृत्व और कर्तव्य के प्रति समर्पण दिखाया, वह हम सभी के लिए एक आदर्श है। उन्होंने कहा कि आइए हम उनकी आकांक्षाओं से प्रेरणा लें और देश के विकास के लिए पूरी लगन से काम करें।
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने कहा कि सत्य, अहिंसा और निस्वार्थ सेवा में महात्मा गांधी के अटूट विश्वास ने देश को प्रेरित किया और पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। ग्राम स्वराज का उनका विज़न हमें याद दिलाता है कि भारत की ताकत ज़मीनी स्तर से शुरू होती है। अपने गांवों को मज़बूत करके, समुदायों को सशक्त बनाकर और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देकर हम एक मज़बूत और समृद्ध भारत का निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आइए हम अपने कार्यों, अपने काम और समाज की सेवा के ज़रिए उनके आदर्शों को आगे बढ़ाएं।
पवन कल्याण ने भी लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनकी सादगी, ईमानदारी, विनम्रता और देश के प्रति अटूट प्रतिबद्धता जनसेवा की एक स्थायी मिसाल बनी हुई है।
पवन कल्याण ने कहा, "शास्त्री जी ने दिखाया कि सच्चे नेतृत्व के लिए दिखावे की नहीं, बल्कि मुश्किल समय में साहस, सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही और हर नागरिक के कल्याण के प्रति समर्पण की ज़रूरत होती है। उनके 'जय जवान, जय किसान' के नारे ने उस सैनिक का सम्मान किया जो हमारे देश की रक्षा करता है और उस किसान का जो देश की खाद्य सुरक्षा को मज़बूत करता है। आज की पीढ़ी के लिए, उनका जीवन ईमानदारी से जीने, विनम्रता से सेवा करने, अपने कार्यों की ज़िम्मेदारी लेने और खुद से ऊपर देश को रखने की एक ज़बरदस्त सीख है। सादगी, मज़बूती और सेवा से भरे जीवन को याद करते हुए..."
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