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आंध्र प्रदेश
DSC भर्ती विवाद राज्यपाल से मिले जगन रेड्डी CBI जांच की मांग
Ratna Netam
23 Sept 2026 8:18 PM IST

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विजयवाड़ा। आंध्र प्रदेश में मेगा DSC-2025 शिक्षक भर्ती को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और YSR कांग्रेस पार्टी (YSRCP) प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने बुधवार को राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर से मुलाकात की। जगन ने विजयवाड़ा स्थित स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ आंध्र प्रदेश (SAAP) कार्यालय के पास YSRCP नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कथित हमले को लेकर शिकायत दर्ज कराई। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग दोहराई।जगन मोहन रेड्डी ने राज्यपाल के सामने पार्टी का पक्ष रखते हुए आरोप लगाया कि मेगा DSC शिक्षक भर्ती में कई स्तर पर गड़बड़ियां हुई हैं। YSRCP विशेष रूप से स्पोर्ट्स कोटा के तहत हुई नियुक्तियों पर सवाल उठा रही है। पार्टी का आरोप है कि कुछ अपात्र उम्मीदवारों को संदिग्ध खेल प्रमाणपत्रों के आधार पर फायदा मिला, जबकि योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय हुआ। ये आरोप जांच और राजनीतिक विवाद का विषय हैं।
YSRCP ने इसी मुद्दे को लेकर 21 सितंबर को विजयवाड़ा में SAAP कार्यालय के पास प्रदर्शन किया था। पार्टी CBI जांच की मांग को लेकर वहां पहुंची थी। प्रदर्शन के दौरान हालात तनावपूर्ण हो गए। पुलिस के मुताबिक कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार कर SAAP कार्यालय में प्रवेश करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बल प्रयोग किया। कई प्रदर्शनकारियों और DSC अभ्यर्थियों को हिरासत में भी लिया गया।दूसरी ओर YSRCP का आरोप है कि उसका प्रदर्शन शांतिपूर्ण था और सत्तारूढ़ दल से जुड़े लोगों ने पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमला किया। पार्टी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने हमलावरों को रोकने के बजाय उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की। इन आरोपों पर पुलिस और राजनीतिक पक्षों के विवरण अलग-अलग हैं।
राज्यपाल से मुलाकात के दौरान जगन ने इसी घटना की शिकायत करते हुए हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार कथित भर्ती अनियमितताओं को लेकर उठ रही आवाज को दबाने के लिए पुलिस और प्रशासन का इस्तेमाल कर रही है। YSRCP का कहना है कि वह भर्ती प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच और प्रभावित उम्मीदवारों को न्याय दिलाने की मांग जारी रखेगी।मेगा DSC-2025 को लेकर विवाद पिछले कुछ समय से आंध्र प्रदेश की राजनीति में प्रमुख मुद्दा बना हुआ है। YSRCP ने भर्ती परीक्षा, मेरिट सूची और विशेष रूप से स्पोर्ट्स कोटा के चयन को लेकर सवाल उठाए हैं। पार्टी नेताओं ने कथित प्रश्नपत्र लीक, संदिग्ध प्रमाणपत्र और चयन प्रक्रिया से संबंधित कई आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं सत्तारूढ़ TDP ने YSRCP के आरोपों को खारिज किया है। TDP का कहना है कि स्पोर्ट्स कोटा सहित शिक्षक भर्ती निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के तहत की गई है। इस तरह भर्ती प्रक्रिया को लेकर दोनों राजनीतिक दलों के दावे एक-दूसरे से अलग हैं।SAAP कार्यालय के पास हुए घटनाक्रम में एक और पक्ष नवनियुक्त स्पोर्ट्स कोटा शिक्षकों का भी है। कुछ नवनियुक्त शिक्षकों ने YSRCP के आरोपों का विरोध करते हुए कहा कि उनका चयन वैध दस्तावेजों के आधार पर हुआ है। पुलिस के मुताबिक जिस दिन YSRCP प्रदर्शन कर रही थी उसी दौरान कुछ नवनियुक्त शिक्षक भी SAAP कार्यालय पहुंचे थे और दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी।
YSRCP का कहना है कि इन परस्पर विरोधी दावों के कारण ही स्वतंत्र जांच जरूरी है। पार्टी का तर्क है कि CBI जांच होने से यह स्पष्ट हो सकेगा कि भर्ती में वास्तव में किसी तरह की अनियमितता हुई या नहीं और अगर हुई तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है।जगन ने इससे पहले पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ SAAP कार्यालय की घटना की समीक्षा भी की थी। इसके बाद उन्होंने मामले को संवैधानिक और कानूनी माध्यमों से आगे बढ़ाने की बात कही थी। पार्टी ने राज्यपाल के समक्ष शिकायत दर्ज कराने का फैसला इसी रणनीति के तहत लिया।
YSRCP ने शिक्षा मंत्री नारा लोकेश पर भी राजनीतिक जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। पार्टी नेताओं ने कहा है कि जब तक कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच नहीं होती तब तक इस मुद्दे पर आंदोलन जारी रहेगा। दूसरी ओर सत्तारूढ़ पक्ष ने विपक्ष पर भर्ती प्रक्रिया को लेकर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया है।DSC यानी डिस्ट्रिक्ट सिलेक्शन कमिटी के जरिए राज्य में सरकारी शिक्षक पदों पर भर्ती की जाती है। बड़ी संख्या में युवाओं के भविष्य से जुड़े होने के कारण भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर उठने वाले सवाल राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण हो गए हैं। इस बार विवाद का बड़ा हिस्सा स्पोर्ट्स कोटा के तहत चयन से जुड़ा है।
YSRCP नेताओं का दावा है कि योग्य खिलाड़ियों के बजाय कथित रूप से संदिग्ध प्रमाणपत्र वाले उम्मीदवारों को अवसर दिया गया। वहीं सरकार और सत्तारूढ़ पक्ष इन आरोपों को स्वीकार नहीं करते। ऐसे में पूरे विवाद में आरोप और जवाबी दावे दोनों सामने आए हैं।राज्यपाल से मुलाकात के बाद अब YSRCP की नजर इस बात पर है कि उसकी CBI जांच की मांग पर आगे क्या कदम उठाया जाता है। पार्टी इस मुद्दे को लेकर राज्यव्यापी आंदोलन जारी रखने की बात भी कह चुकी है।
फिलहाल DSC भर्ती में कथित अनियमितताओं को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। SAAP कार्यालय के पास हुई झड़प और राजनीतिक आरोपों को लेकर भी जांच तथा कानूनी प्रक्रिया जारी है। ऐसे में किसी भी पक्ष के आरोपों को स्थापित तथ्य के बजाय दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।राज्यपाल से जगन मोहन रेड्डी की मुलाकात के बाद मेगा DSC-2025 विवाद एक बार फिर राजनीतिक केंद्र में आ गया है। YSRCP जहां CBI जांच की मांग पर अड़ी है, वहीं सत्तारूढ़ TDP भर्ती प्रक्रिया का बचाव कर रही है। अब इस विवाद में आगे की प्रशासनिक या जांच संबंधी कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी।
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